बैंकों की हड़ताल, व्यापारिक और वाणिज्यिक सेवाएं प्रभावित
एटीएम के बाहर लगी रही लोगों की भीड
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज) । सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों और गैर प्रमुख कार्यों को आउटसोर्स करने के विरोध में बुधवार से दो दिन की हड़ताल पर चले गए जिससे बैंकों में काम काज ठप्प होने से देश भर में व्यापारिक और वाणिज्यिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हालांकि विभिन्न निजी क्षेत्र के बैंकों के आह्वान पर यह हड़ताल की गई है।
बुधवार को जारी हुई हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान जनपद में अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, अधिकांस एटीएम के बाहर लोगों की भारी भीड लगी हुई देखी गयी।
उल्लेखनीय है कि बैंकों के नियमन में प्रस्तावित संशोधन और नौकरियों की आउटसोर्सिग के विरोध में सार्वजनिक क्षेत्र के २७ बैंकों और आठ विदेशी बैंकों के १० लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
बुधवार को हुई हडताल कर्मचारी बैंकिंग कानून विधेयक में संशोधन करने के सरकार के कदम का भी विरोध कर हो रही हैं। यह विधेयक इस समय संसद में लम्बित है और इस पर २३ और २४ अगस्त को चर्चा होने वाली है। इस हड़ताल की वजह से देश में बैंकिंग गतिविधियों पर असर पड़ा है।
हड़ताल के कारण उत्तर प्रदेश व जनपद सहित देशभर के तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप्प रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राज्य सहित जनपद में बैंकों के बाहर ताले लटके हैं और कामकाज बाधित है। हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप्प हैं। आम आदमी को कोई परेशानी न हो इसको ध्यान में रखकर एटीएम में पर्याप्त राशि जमा कर दी गई थी और ग्राहक एटीएम से ही अपनी जरूरत की राशि निकाल रहे हैं। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब १० हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हैं।
करीब १० लाख कर्मचारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के २४ बैंक, निजी क्षेत्र के १२ बैंक और ६ विदेशी बैंक शामिल हैं।
लेकिन एटीएम मशीनें तभी तक काम करेंगी जब तक उनमें नकदी है और इसके बाद इनकी सेवाएं भी प्रभावित होंगी।
बुधवार को जारी हुई हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान जनपद में अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, अधिकांस एटीएम के बाहर लोगों की भारी भीड लगी हुई देखी गयी।
उल्लेखनीय है कि बैंकों के नियमन में प्रस्तावित संशोधन और नौकरियों की आउटसोर्सिग के विरोध में सार्वजनिक क्षेत्र के २७ बैंकों और आठ विदेशी बैंकों के १० लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
बुधवार को हुई हडताल कर्मचारी बैंकिंग कानून विधेयक में संशोधन करने के सरकार के कदम का भी विरोध कर हो रही हैं। यह विधेयक इस समय संसद में लम्बित है और इस पर २३ और २४ अगस्त को चर्चा होने वाली है। इस हड़ताल की वजह से देश में बैंकिंग गतिविधियों पर असर पड़ा है।
हड़ताल के कारण उत्तर प्रदेश व जनपद सहित देशभर के तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप्प रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राज्य सहित जनपद में बैंकों के बाहर ताले लटके हैं और कामकाज बाधित है। हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप्प हैं। आम आदमी को कोई परेशानी न हो इसको ध्यान में रखकर एटीएम में पर्याप्त राशि जमा कर दी गई थी और ग्राहक एटीएम से ही अपनी जरूरत की राशि निकाल रहे हैं। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब १० हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हैं।
करीब १० लाख कर्मचारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के २४ बैंक, निजी क्षेत्र के १२ बैंक और ६ विदेशी बैंक शामिल हैं।
लेकिन एटीएम मशीनें तभी तक काम करेंगी जब तक उनमें नकदी है और इसके बाद इनकी सेवाएं भी प्रभावित होंगी।
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