उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में दो पुलिसकर्मी जेल से रिहा होकर निकले सतारुढ़ समाजवादी पार्टी के एक विधायक से कथित रूप से धन लेते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। विधायक पिछली बसपा सरकार के एक मंत्री पर बम हमले मामले में जेल में था। जिला पुलिस प्रमुख ने उपयुक्त कार्रवाई के लिए पूरे प्रकरण की जांच का आदेश दिया है। समीप के संत रविदास जिले में ज्ञानपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक एवं हिस्ट्री शीटर विजय मिश्रा को मंगलवार को उच्च सुरक्षा वाली नैनी केंद्रीय जेल से रिहा किया गया था। उन्हें पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था और साल भर से अधिक समय तक सलाखों के पीछे रहने के बाद उन्हें 17 अगस्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी।
जब मिश्रा जेल से बाहर आए, तब उनके समर्थकों ने उनका अभिवादन किया और उनकी रिहाई पर नारेबाजी की। विधायक ने जेल के बाहर खड़े अपने वाहन में सवार होने से पहले अपने समर्थकों को मिठाइयां और पैसे दिए। आज कुछ खबरिया चैनलों पर दो पुलिसकर्मियों को विधायक से धन लेते हुए दिखाया गया। जब इस संबंध में संपर्क किया गया तब इलाहाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित अग्रवाल ने कहा, ‘‘मामले की गहन जांच की जाएगी और यदि पुलिसकर्मी किसी गलत काम के लिए दोषी पाए जाते हैं, तो उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।’’ मिश्रा नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर जुलाई, 2011 में बम हमले के सिलसिले में जेल में थे। तत्कालीन मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री नंदी बम हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे। इस हमले में पत्रकार विजय प्रताप सिंह समेत दो व्यक्तियों की जान चली गयी थी।
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Thursday, August 23, 2012
विधायक से धन लेते हुए कैमरे में कैद हुए दो पुलिसकर्मी
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