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Thursday, May 1, 2014

आजम खां की चुनाव आयोग को खुली चुनोती, जन्तर मन्तर पर ‘जंगी धरने’ का ऐलान


रामपुर  उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने कहा है कि चुनाव आयोग ने उनके विरुद्ध कार्रवाई कर देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की आवाज बन्द की है। खां ने इस कार्रवाई की निन्दा करते हुए आयोग को चेतावनी दी कि ‘वह खुद को खुदा न समझें।’ उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग जो भी कर सकता हो कर ले।

वह चाहे तो उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त कर दे लेकिन उनके साथ जितनी नाइंसाफी होगी जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने भाजपा के कई नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर उस पार्टी की ऐसे समय मदद की जब एक मजबूत फैसला लेने की घड़ी है।

उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध कार्रवाई कर आयोग ने कमजोर मुसलमानों को बेजुबान किया है और यह कार्रवाई भाजपा की मदद के लिए की गयी है जिसके विरोध में तीन मई को दिल्ली के जन्तर मन्तर पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा और इस धरने का नाम ‘जंगी धरना’ रखा जायेगा।

Tuesday, July 9, 2013

धारी देवी के आसन की टाइल्स में दरारें पडने से मचा हडकम्प

उत्तराखंड, 16 जून को अलकनंदा नदी में आई भीषण
बाढ़ के बाद
मां धारी देवी की मूर्ति को
प्राचीन मंदिर से उठाकर
करीब 18 मीटर ऊंचाई पर बने
अस्थायी मंदिर में स्थापित
किया गया था।
मां धारी देवी को विराजमान
करने के लिए इस अस्थाई मंदिर
में जो आसन (पीठ)
बनाया गया था सोमवार
को उसमें लगी टाइल्स में दरारें
दिखायी दी। आसन के
दोनों ओर दरारें देखने
को मिलीं।

Monday, July 8, 2013

बम धमाकों में खुलासा, 5 लोगों ने रखे थे बम

बोधगया : महाबोधि मंदिर में रविवार को हुए धमाकों के पीछे जहां आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ होने का शक जताया जा रहा है. वहीं इन धमाकों को लेकर नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 2 बजे पांच लोगों ने मंदिर के परिसर, बुद्ध भगवान की मूर्ति और करमापा बौद्ध मठ के पास बम रखे थे.

वहीं कोलकाता से शनिवार को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किए गए एक शख्स के आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के साथ रिश्ते होने का संदेह जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि अनवर हुसैन मलिक (42) नामक इस शख्स को शनिवार को एक बस अड्डे से विस्फोटक और जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया. कहा जा रहा कि मलिक ने ये बात कबूल ली है कि वो आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और उन्हीं को ये विस्फोटक पहुंचाने जा रहा था. मलिक को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 20 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

गौरतलब है कि रविवार को महाबोधि मंदिर में कम तीव्रता के नौ बम धमाके किए गए थे. इन धमाकों में दो लोग घायल हो गए थे. हैरान करने की बात तो ये है कि आईबी ने भी एक हफ्ते पहले ताजा अलर्ट जारी कर सरकार को मंदिर पर बम धमाके होने की सूचना दी थी. बोधगया में हमले की आशंका से जुड़ी ये जानकारी 26 जून को दी गई थी. सरकार को अलर्ट करने के बाद भी इस हमले को रोका नहीं जा सका.

उत्तराखंड त्रासदी: लापता लोगों के घर फर्जी कॉल

नई दिल्ली : उत्तराखंड त्रासदी में लापता लोगों के घरवालों को फर्जी फोन कर परेशान करने के मामले सामने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में लापता लोगों के घर फोन कर उनसे लाखों रुपए मांगे जा रहे हैं. फोन करने वाला शख्स लापता लोगों को अपने कब्जे से छोड़ने के एवज में लाखों रुपए मांग रहा है.

लापता हुए लोगों के परिजनों की माने तो फोन कर उनसे मोटी रकम मांगी जा रही है. कई लोगों को ये फोन रात के 12 बजे के बाद आ रहे हैं. गौरतलब है कि उत्तराखंड में आई आपदा में हजारों लोग अभी-भी लापता हैं. ऐसे में कुछ लोगों ने इसे अपना पैसा कमाने का जरिए बना लिया है. ये लोग लापता शख्स के घर फोन कर उनकी सलामती के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे हैं.

Sunday, March 17, 2013

जि‍याउल हक की लोडेड पिस्टल मिली, पवन और सुधीर ने पीटा था डीएसपी को





प्रतापगढ़. कुंडा के बलीपुर में दो मार्च को हुए ति‍हरे हत्‍याकांड की परतें खुलने लगी हैं। एक ओर जहां पुलिस ने शनिवार को सीओ जिया उल हक की लोडेड पिस्टल बरामद कर ली है। वहीं मृतक प्रधान नन्‍हे यादव के भाई पवन और सुधीर ने सीबीआई के सामने स्‍वीकार कि‍या है कि उस दि‍न उन्‍होंने डीएसपी जि‍या उल हक की जमकर पि‍टाई की थी।
बलीपुर गांव के एक तालाब से पुलिस ने जिया उल हक की 9 एमएम की भरी हुई पिस्टल बरामद की है। इसी गांव में ही जिया उल हक की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच सीबीआइ कर रही हैं। वहीं जिया उल हक की हत्या से पहले हुई मारपीट में प्रधान का पुत्र भी शामि‍ल था। हालांकि उन्‍होंने डीएसपी की हत्‍या करना स्‍वीकार नहीं कि‍या है। इससे पहले यह दोनों बार बार यह कह रहे थे कि‍ वह घटनास्‍थल पर मौजूद ही नहीं थे। पर बाकी के दो गवाहों के बयान के बाद उन्‍होंने डीएसपी की पि‍टाई करने की बात स्‍वीकार कर ली। 
पवन और सुधीर ने सीबीआई को बताया कि जब डीएसपी जि‍याउल हक मृतक प्रधान नन्‍हे यादव की लाश ले जाने के लि‍ए आए तो भीड़ ने इसका वि‍रोध कि‍या। कुछ ही देर में भीड़ उनपर हमलावर हो गई। इस बीच डीएसपी ने भीड़ के हमले से बचने के लि‍ए भागने की कोशि‍श की, लेकि‍न पवन, सुधीर और मृतक प्रधान नन्‍हे के पुत्र ने उन्‍हें दबोच लि‍या। दबोचने के दौरान डीएसपी फि‍सलकर जमीन पर गि‍र पड़े और भीड़ ने उन्‍हें बुरी तरह से पीटना शुरू कर दि‍या। 
वहीं सीबीआई ने कुंडा हत्‍याकांड में कोर्ट से नि‍लंबि‍त इंस्‍पेक्‍टर सर्वेश चंद्र मि‍श्र का नार्को टेस्‍ट कराने की अनुमति मांगी है। जि‍स वक्‍त यह हत्‍याकांड हुआ, उस वक्‍त कुंडा के प्रभारी नि‍रीक्षक सर्वेश सीओ जि‍या उल हक के साथ मौजूद भी। सीबीआई का मानना है कि अगर इंस्‍पेक्‍टर का नार्को टेस्‍ट होगा तो कई राज खुल सकते हैं। सीबीआई की अर्जी पर अब 22 मार्च को सुनवाई होगी। वहीं मामले में आरोपी संजय प्रकाश सिंह और राजीव प्रताप सिंह को शुक्रवार को दूसरे दिन भी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम घटनास्थल पर लेकर गई और उनसे पूछताछ की। 
दूसरी तरफ मुआवजे की रकम को लेकर शहीद डीएसपी के घर पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। डीएसपी की बेवा परवीन आजाद का कहना है कि जो रकम उनके नाम आई है, उनके पास है। इस मसले पर अभी परि‍वार के लोगों से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। इस मामले में शुक्रवार को शहीद डीएसपी के पि‍ता शमसुल हक ने कोई टि‍प्‍पणी करने से मना कर दि‍या। इससे पहले उन्‍होंने कहा था कि जो इमदाद आ रही है, वह परवीन और उनके परि‍वार में जा रही है। न वो उन्‍हें उसमें से कुछ दे रहे हैं और न ही कुछ बता रहे हैं। 
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद गांव में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में बलीपुर के दस लोगों से पूछताछ की। सीबीआई के संयुक्त निदेशक आरएस भट्टी उप महानिरीक्षक अनुराग गर्ग के साथ जांच कर रहे हैं और कुंडा में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। सीबीआई ने दोनों आरोपियों को 13 से 18 मार्च की शाम तक रिमांड पर लिया है। उन्होंने बताया कि सीबीआई की एक टीम दिवंगत पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की सर्विस रिवॉल्वर और मोबाइल फोन की खोज कर रही है। सीबीआई ग्राम प्रधान की हत्या के आरोपी कामता पाल के घर में आग लगाने वाले का पता लगा रही है। 
सीबीआई इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा में ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव की पहले मौत हुई या जि‍या उल हक की। दोनों की मौत अभी रहस्य बनी हुई है। सीबीआई की टीम ने मौके से रक्तरंजित मिट्टी के नमूने और फोटोग्राफ भी लिए और उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की साजिश की भी जांच की जा रही है। राजा भैया गुरुवार शाम कुंडा स्थित अपने आवास पर आए थे। दो मार्च को बलीपुर के ग्राम प्रधान नन्हे यादव की जमीन संबंधी विवाद को लेकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे कुंडा के पुलिस उपाधीक्षक हक पर गुस्साए ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस घटना में हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव की मौत हो गई थी। 
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रेप में नाकाम होने पर किया छात्रा का मर्डर, पुलिस खाली हाथ


रेप में नाकाम होने पर किया छात्रा का मर्डर, पुलिस खाली हाथ 
आगरा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोलकाता में एक रैली में कहा है कि जल्द ही महिला सुरक्षा बिल पारित किया जाएगा लेकिन शनिवार का पूरा दिन महिलाओं के खिलाफ अपराधों के नाम रहा। मध्य प्रदेश में विदेशी सैलानी और एक महिला के साथ गैंगरेप हुआ तो आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट (डीईआई) में छात्रा की निर्मम हत्‍या का मामला सामने आया। शुक्रवार रात मारी गई छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन छात्रा का कत्‍ल इतनी बेरहमी से हुआ था कि शैतान भी कांप जाए।
पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रेप के निशान नहीं मिले हैं। लेकिन प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की गई थी। फॉरेंसिक जांच के लिए उसके वेजाइनल स्राव, नाखून, बाल और लार को प्रिजर्व किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत काफी  खून बहने से हुई। छात्रा को क्‍लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश किया गया था। इसके बाद दुपट्टे से उसके हाथ बांध दिए गए। जब वह होश में आई तो अपराधी ने सर्जिकल ब्‍लेड से गले पर वार किया। खून बहने लगा। जब वह चिल्‍लाई तो दुपट्टे से मुंह भी बांध दिया। इसके बाद ब्‍लेड से उसके कपड़े फाड़ दिए। हत्यारे ने अगला वार पेट पर किया। अपराधी ने आंतें बाहर आने तक पेट पर सर्जिकल ब्‍लेड चलाया। हर बार डेढ इंच गहरा वार हुआ। छोटी और बड़ी आंतें बाहर आ गईं। इसके बाद अपराधी ने पैरों और जांघ पर ब्‍लेड चलाया। इससे छात्रा का पूरा बदन लहुलुहान हो गया।
इस जघन्‍य मामले के विरोध में आगरा सड़क पर आ गया। शनिवार को दिनभर हजारों युवा सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन करते रहे। जब छात्र-छात्राओं ने न्‍याय मांगा तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर उसका जवाब दिया। देर शाम कैंडिल मार्च निकालकर प्रदर्शन खत्‍म किया गया। युवाओं ने कहा है कि वे रविवार को भी विरोध करेंगे। इधर, डॉक्‍टर का कहना है कि हत्‍यारा सर्जिकल ब्‍लेड का इस्‍तेमाल करना जानता था। आम तौर पर लोग ब्‍लेड या चाकू को तिरछा उपयोग करते हैं। लेकिन हमलावर ने सीधा वार किया। वह जानता था कि कितने वार से पेट की अंतडि़यां बाहर आ जाएंगी।
दिनभर आगरा में प्रतिरोध और हंगामे के बावजूद हत्‍यारे का रहस्‍य अब तक बना हुआ है। पुलिस शुक्रवार की शाम से सर्विलांस तकनीक से जांच कर रही थी। लेकिन जांच की यह दिशा बेकार साबित हुई। छात्रा ने सबसे ज्‍यादा कॉल अपने ब्वॉयफ्रेंड को किया था। मौत के कुछ घंटे देर पहले उसकी लंबी बात हुई थी। लेकिन ब्‍वायफ्रेंड का मोबाइल लोकेशन नोएडा पाया गया। उसका फिंगरप्रिंट भी घटनास्‍थल से मैच नहीं हुआ। दोनों की दो महीने बाद ही शादी होने वाली थी। इसके अलावा फोन से जितने लोगों की बातें हुई हैं उनमें से किसी का भी फिंगर प्रिंट मैच नहीं हो सका।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के मुताबिक क्राइम ब्रांच का अस्‍थाई कार्यालय डीईआई परिसर में ही बनाया गया है। उन्‍होंने बताया कि इंस्‍टीट्यूट के 25 छात्रों और शिक्षकों के फिंगरप्रिंट लिए हैं। जरूरत पड़ी तो डीईआई के हर टीचर और छात्र के ऊंगलियों के निशान लिए जाएंगे। उन्‍हें पूरा विश्‍वास है कि हत्‍यारा छात्रा का जानने वाला था और अक्‍सर डीईआई लैब में आता था। अपराधी हत्‍या करने के बाद छात्रा के बैग को भी अपने साथ ले गया था। हत्‍या के बाद उसने इत्मीनान से इस बैग में छात्रा और उसकी टीचर का रिसर्च पेपर, रजिस्‍टर, प्रश्‍न पत्र और इसके उत्‍तर की कॉपी और लैपटॉप रखा था। बैग खेलगांव में दीवार के पार मिला है। जहां हत्‍यारे ने छात्रा की कार को लावारिस हालत में छोड़ा था।
इससे पहले दोपहर में न्यू आगरा थाने के पास हंगामे के बाद छात्रों ने जमा होकर थाने के सामने एमजी रोड पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे जाम के बाद शहर में ट्रैफिक के हालात खराब हो गए। पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया जिससे कई छात्रों को चोट आई। इसके बाद छात्रों के हंगामे से हालात पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो गए। तब आगरा के एसएसपी एससी दुबे ने छात्रों को रात तक मामला हल करने का आश्‍वासन दिया। पहले तो स्टूडेंट वापस लौट गए लेकिन कुछ देर बाद फिर से वापस एमजी रोड पर आ गए और फिर से रोड जाम करने की कोशिश की। 
छात्रों का आरोप था कि ‘दामिनी’ के पोस्‍टमार्टम में जानबूझकर देरी की जा रही है। ताकि रेप का मामला टाला जा सके और देर होने पर आक्रोश कम होगा। एसएसपी से बात कर दोपहर करीब ढाई बजे सारे विद्यार्थी वापस लौट गए। छात्रों ने शाम को इस ‘दामिनी’ के लिए कैंडिल मार्च करने का फैसला किया है। शनिवार सुबह छात्रों का गुस्‍सा तब भड़क गया जब डीईआई प्रबंधन ने छात्रा के लिए शोकसभा नहीं रखी। यहां तक कि परीक्षाएं भी जारी रखी गई। छात्र-छात्राओं ने यहां भी हंगामा किया। तब प्रबंधन ने कह दिया कि परीक्षा न देने पर नंबर काट लिए जाएंगे। तब डीईआई में खूब प्रदर्शन हुआ। इसके बाद आक्रोशित छात्र थाना न्‍यू आगरा की ओर बढ़े थे।
बहुत शातिर था हत्यारा
दयालबाग एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट (डीईआई डिम्‍ड यूनिवर्सिटी) के बायोटेक्‍नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की निर्ममता पूर्वक हत्‍या करने वाले बेहद शातिर था। पुलिस को खेलगांव से बरामद कार में दिल्‍ली के नंबरों वाली दो प्‍लेट मिली हैं। यह कार छात्रा की थी और हत्‍या के बाद इसी से भागने की योजना थी। लेकिन प्‍लान बदल कर जिसे बाद में लावारिस हालत में छोड़ दिया था। एसएसपी के मुताबिक दूसरी नंबर प्‍लेट से वह पुलिस की जांच से बचना चाहता था। हत्‍यारा छात्रा का मोबाइल और लैपटॉप साथ ले गया है। आशंका है कि इसी लैपटॉप में उससे संबंधित जानकारी रही होगी। पूरी वारदात 17 मिनट से भी कम वक्‍त में अपराधी ने अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार की शाम 5.14 बजे छात्रा की बहन ने उसे कॉल किया था। कुल छह मिनट बात हुई। मोबाइल पर अगली कॉल शाम 5.37 बजे की है। 
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दिल्ली पर 'कब्जे' के लिए नीतीश ने भरी हुंकार, विकास की भीख नहीं, यह हमारा अधिकार है



नई दिल्ली. बिहार की सत्ता पर काबिज जेडी(यू) आज दिल्ली में ताकत दिखा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पिछड़ेपन की बात जोरदार ढंग से रखते हुए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की। दरअसल नीतीश ने बिहार के बहाने सभी पिछड़े राज्यों के विकास की बात करते हुए दिल्ली की सत्ता के लिए भी हुंकार भर दी। नीतीश ने कहा कि अगर दिल्ली में मौजूद सभी पिछड़े इलाकों के लोग जुट जाएं तो दिल्ली इन्हीं पिछड़े लोगों की होगी। उन्होंने बिहार के लोगों को सभी पिछड़े इलाके के लोगों को गोलबंद करने को कहा। नीतीश ने कहा कि यह केवल बिहार की नहीं सभी पिछड़े राज्यों की लड़ाई है। सभी धर्म, वर्ग, जाति, क्षेत्र के लोगों की लड़ाई है, विकास सबका होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार मॉडल ही देश का असली मॉडल है जहां भारत और इंडिया में फर्क नहीं है। इससे पहले शरद यादव ने रैली को संबोधित करते हुए नारे लगवाए- 'बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना पड़ेगा। जय बिहार, जय हिंदुस्तान।' यादव ने कहा कि बिहार के विकास से ही देश का विकास होगा। 
उन्होंने रामलीला मैदान में अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'पहली बार बिहार के लोगों ने दिल्ली में अपनी ताकत दिखाई है। ऐसा क्यों है कि बिहार के लोगों को दिल्ली में आकर रहना पड़ा? सदियों पहले बिहार से ही प्रशासन चलता था। दुनिया का महानतम विश्वविद्यालय वहां था? ऐसा क्यों हुआ कि लाखों की संख्या में बिहार के लोगों को अपने गांव, कस्बे और शहर को छोड़कर दिल्ली समेत कई अन्य शहरों में जाना पड़ता है? बिहार का इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान है। लेकिन आजादी के बाद हम पिछड़ते चले गए। आज इतने पीछे हो गए हैं कि हमारी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से बहुत नीचे है। हमारी उपेक्षा हुई है।' 
नीतीश ने कहा कि दिल्ली की तंग बस्तियों में भी बिहारी मुश्किलों में रह रहे हैं। लेकिन आप लोग हक के लिए ऐसे ही जुटते रहें। तभी दिल्ली में बैठे लोग इस ताकत को पहचान सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार इतना उत्पादन कर सकता है कि देश मे एक आदमी भी भूखा नहीं सोएगा। अगर केंद्र बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा तो बिहार भी विकसित राज्य की सूची में शामिल होगा। लेकिन केंद्र कहता है बिहार विशेष राज्य के लिए मापदंडों की सूची पर खरा नहीं उतरता है। तकनीकी आधार पर हमारी मांग को खारिज किया जाता रहा है। भले ही बिहार पर्वतीय राज्य नहीं हैं लेकिन यहां आबादी का घनत्व सबसे ज्यादा है। पिछड़े राज्य के अधार पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले। इससे राज्य का विकास होगा। ये भीख नहीं हमारा अधिकार है। हमारी लंबे समय से मांग है कि विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए मापदंडों में बदलाव हो, विकास के लिए नई रणनीति बने। 
इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित अधिकार रैली में हिस्सा ले रहे थे, तभी एक शख्स ने नीतीश को काला झंडा दिखा दिया। इसके बाद जेडीयू समर्थकों ने काला झंडा दिखाने वाले शख्स को पीट दिया। इसके बाद पुलिस ने उस शख्स को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की। 
इस रैली में करीब 40 हजार नीतीश समर्थक जुटे। कई लोग इसे नीतीश कुमार के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं। लेकिन जेडीयू के नेता ऐसा नहीं मानते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि यह रैली बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करने के लिए बुलाई गई है। उन्होंने इस रैली को शक्ति प्रदर्शन मानने से इनकार कर दिया। 
गौरतलब है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नीतीश लंबे समय से केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। यह मांग सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी जोर पकड़ रही है। फेसबुक, ट्विटर और यू ट्यूब पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। जदयू द्वारा ‘बिहार का हक’ नाम से कैंपेन चलाया जा रहा है। विभिन्न सोशल साइट्स पर इसके पेज को पांच लाख से अधिक लोगों ने हिट किया है। लेकिन केंद्र सरकार नियमों को हवाला देकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से हाथ खड़े कर चुकी है। 
दूसरी तरफ, जेडी (यू) ने अगला आम चुनाव अकेले लड़ने के पुख्ता संकेत दे दिए हैं। जेडीयू ने कहा है कि अगर परिस्थिति की मांग रही और उनके बीजेपी से रिश्ते टूटे तो पार्टी अगला आम चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार है। दिल्ली में रविवार को हो रही रैली की पूर्व संध्या पर पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि जेडीयू चाहती थी कि गठबंधन बना रहे। लेकिन इसके साथ ही पार्टी सभी सीटों पर अकेले भी चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार थी। तिवारी ने कहा, 'कोई भी पार्टी अगर यह कहती है कि वह सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है तो वह मूर्ख पार्टी है जिसे खुद पर और अपने सांगठनिक ढांचे पर यकीन नहीं है।'
गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर ने कहा था कि बीजेपी बिहार की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बीजेपी के इस रुख पर तिवारी ने कहा, 'हां, हाल ही में हमने भी बीजेपी नेताओं को यह कहते हुए सुना है कि वे बिहार की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल को अपना आधार बढ़ाने का हक है और हम उससे दिक्कत नहीं है। हम भी सभी सीटों पर अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।'  
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