प्रदेश के विभिन्न अंचलों से.प्रदेश में जयपुर, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, शेखावाटी और अलवर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात बन गए। राजधानी जयपुर में मंगलवार रात 12 बजे बाद चार घंटे में ही 12 इंच (300 मिमी) पानी बरसा। बुधवार शाम तक बारिश का दौर जारी रहा। दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। 18 हजार से ज्यादा लोग पानी से घिर गए। साढ़े तीन हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। 12 घंटे में शहर के 8 लोगों की बहने या डूबने से मौत हो गई।
31 साल बाद जयपुर में इतनी बारिश (300मिमी) हुई। 19 जुलाई 1981 को शहर में 326 मिमी बारिश हुई थी।
6.3 डिग्री गिर गया शहर का पारा पिछले 24 घंटों में। मंगलवार को तापमान 32 डिग्री था।
311.65 मीटर हुआ बीसलपुर बांध में जलस्तर।
प्रदेशभर में झमाझम, 23 मौतें
>प्रदेश में जल प्लावन और प्राकृतिक आपदा के कारण 23 लोगों की मौतें हुईं।
>संदेसर (चित्तौड़) में पांच इंच बारिश।
>अजमेर के कई इलाकों में भारी बारिश, डाई नदी उफान पर।
>शेखावाटी के लक्ष्मणगढ़, नवलगढ़ में बाढ़ के हालात, 14 इंच बारिश। सीकर के हीरापुरा व नानी बांध भरे, बाढ़ से बचाव के लिए राहत कार्य।
>अलवर में नदी नाले उफने, अलवर-नारायणपुर मार्ग बंद अलवर-जयपुर मार्ग पर भर्तृहरि पुलिया पर चादर चली।
आवागमन बाधित, थानागाजी में 173 मिमी बारिश।
>करौली स्थित पांचना बांध से पानी छोड़ा, गेज 10.35 मीटर हुआ, दो दिन में बयाना पहुंचेगा, घना अभयारण्य को होगा फायदा
>दौसा के लालसोट में 13 तथा दौसा में 7 इंच बारिश, दौसा किले का एनिकट टूटा, एनीकट का पानी 220 केवी जीएसएस में घुसा, कई गांवों में पानी भरा, सूरजपुरा बांध पर दो इंच की चादर चली
- हिंडौन सिटी में 24 घंटे में 112 मिमी बारिश से कई बस्तियां जलमग्न हो गई,
बारां के वेस्टवियर बांध पर चादर चली, रपट पर दो से तीन फीट पानी के कारण आवागमन बाधित
अजमेर में केकड़ी से विजयनगर जा रही बस नाले में गिरी, पांच घायल
कोटा के कोटड़ी गांव में ताकली नदी पर बन रहे एनीकट में नहाने गए युवक की डूबने से मौत
सवाईमाधोपुर में खेरदा लटिया नाले का पुलिया गिर गया, वाहनों की आवाजाही रोकी, जिले के बामनवास में तलहटी में बना एनीकट टूटने से ककराला गांव में तबाही, दर्जनों घर धराशायी, कई परिवार बेघर, मलारना डूंगर क्षेत्र में भी बाढ़ के हालात बने - दौसा के महवा में पक्का मकान गिरा, चाचा भतीजे की मौत, तीन घायल
प्रदेश में अब इतनी बारिश इसलिए
पांच दिन पहले बंगाल की खाड़ी से मौसम तंत्र राजस्थान की तरफ रवाना हुआ। बिना किसी बाधा तथा अनुकूल परिस्थितियों के पूर्वी राजस्थान तक पहुंचने के कारण बादल जमकर बरसे। मौसम विभाग के अनुसार नमी, हवा और बादलों के बनने के लिए जरूरी स्थानीय तंत्र के अनुकूल होने के कारण एक साथ भारी बारिश हुई।
प्रधानमंत्री ने जाने हालात, सहयोग का भरोसा
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से फोन पर जयपुर में भारी बारिश से उत्पन्न हालातों की जानकारी ली। उन्होंने नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इससे पहले कांग्रेस सांसद महेश जोशी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मनमोहन सिंह ने गहलोत से बात की।
तेज बारिश से मुहाना बांध के पास बसी एसएमएस कॉलोनी, गौरव नगर-3 व गौरव नगर-4 जलमग्न हो गए। कॉलोनीवासियों ने 1981 में आई बाढ़ के दौरान नाव खरीदी थी। वही नाव बुधवार को इनके आने-जाने का जरिया बनी।
sabhar dainik bhaskar
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