नई दिल्ली | कम्पनी मामलों के केंद्रीय मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को योग गुरु बाबा रामदेव पर सत्ता में बैठे लोगों के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का अरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार एक निश्चित प्रक्रिया के तहत काला धन वापस लाने की कोशिश कर रही है। मोइली ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, "जिस तरीके से वह (रामदेव) अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, इससे झलकता है कि सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ बोलने का उन्हें लाइसेंस मिल गया है।" उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को संवैधानिक पदों का सम्मान करना चाहिए।
मोइली ने कहा, "उन्हें यह समझना चाहिए कि संस्था की स्थापना देश के संविधान से हुई है और संविधान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से बना है। वह इस भाषा को नहीं समझते हैं। वह संसदीय भाषा भूल गए। उन्हें एक सभ्य व्यक्ति की तरह पेश आना चाहिए था। यह उनके लिए जरूरी है।" सूचना और प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने कहा कि काले धन की समस्या के समाधान के लिए सरकार के पास एक निश्चित कार्ययोजना है।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन क्या कह रहा है और क्यों कह रहा है। हम संसद को बताते आए हैं। हमारे पास एक निश्चित कार्ययोजना है। हम समय-समय पर इसकी जानकारी भी देते रहे हैं। हाल ही में इस दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई थी। इससे पहले वित्त मंत्री जो कि अब देश के राष्ट्रपति हैं, ने एक श्वेत पत्र जारी किया था।" उन्होंने कहा, "इसलिए आप यह नहीं कह सकते कि सरकार क्या कदम उठा रही है उसके बारे में बता नहीं रही है।" कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार पिछले कुछ वर्षो से उठाए गए कदमों के बारे में लगतार बताती आ रही है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है।
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