(फोटो: सरेंडर करने पहुंचा गोपाल कांडा)
नई दिल्ली. गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में मुख्य आरोपी व पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के मेडिकल टेस्ट की तैयारी चल रही है। इसके बाद उसे रोहिणी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कांडा ने शनिवार तड़के चार बजे दिल्ली के अशोक विहार के डीसीपी ऑफिस में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उससे इस कांड से जुड़े तमाम सवालों पर पूछताछ की।
कांडा
के सरेंडर से पहले पूरी रात ड्रामा चला। शुक्रवार रात 10.45 बजे दिल्ली
पुलिस के कमिश्नर नीरज कुमार ने ट्वीट किया कि हम उसे बहुत जल्दी पकड़
लेंगे। इसके बाद अशोक विहार थाने में मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लग गया। यह
देख गोपाल का भाई गोविंद कांडा भी रात 12 बजे समर्थकों के साथ वहां पहुंच
गया। उसने कहा कि कुछ ही देर में गोपाल सरेंडर करने वाला है। इसके तुरंत
बाद पुलिस ने आरोपी को शरण देने के आरोप में गोविंद को हिरासत में ले लिया।
साथ ही, पुलिस ने इस बात की तैयारी शुरू कर दी कि गोपाल कांडा को सरेंडर
करने का मौका नहीं मिले, बल्कि उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। रात
ढाई बजे खबर मिली कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गुड़गांव गई है। पुलिस ने
दिल्ली की सभी सीमाओं पर चौकसी भी बढ़ा दी। लेकिन पुलिस अंतिम समय तक
नाकाम ही रही। तड़के चार बजे गोपाल कांडा ने खुद आकर सरेंडर किया।
दिल्ली पुलिस करीब 12 दिन से दावा कर रही थी कि वह कांडा की गिरफ्तारी के
लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। लेकिन कांडा ने पुलिस की एक नहीं चलने
दी। वह शनिवार तड़के एक निजी न्यूज चैनल की गाड़ी में बैठकर अशोक विहार
डीसीपी ऑफिस पहुंचा। इस दौरान उसने पुलिस के चार बैरीकेड भी पार किए, लेकिन
पुलिस उसे गिरफ्त में नहीं ले सकी। जब वह सरेंडर के लिए पहुंचा, तब भी
कांडा के तेवर ऐसे ही थे जैसे कि उसने दिल्ली पुलिस को ठेंगा दिखाया हो।
उसने कहा, 'मैं अपनी इच्छा से जांच में शामिल होने आया हूं।'
इससे पहले कांडा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश की और अग्रिम
जमानत के लिए हाईकोर्ट तक गया। पर अर्जी खारिज हो जाने के बाद उसे मजबूरन
सरेंडर करना पड़ा।
कांडा की गिरफ्तारी के लिए जहां दिल्ली पुलिस खाक छान रही थी, वहीं उसे
पुलिस की सुरक्षा भी मिली हुई थी। सिरसा के एसपी देवेंद्र यादव से जब कांडा
की सुरक्षा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उसके घर के
बाहर की सुरक्षा के लिए पुलिस वैन व पैट्रोलिंग का इंतजाम किया गया है।
पहले वह मंत्री था, इसलिए उसे जेड सिक्योरिटी दी गई थी। पांच अगस्त को उसके
इस्तीफे के बाद से ही सुरक्षा हटा ली गई थी। यादव ने बताया कि चूंकि कांडा
अब भी विधायक है, इसलिए विधायक की सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ स्थित हरियाणा
सचिवालय द्वारा पीएसओ अलॉट किया जाता है।
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