नई दिल्ली। मौसम के बदलते तेवरों के बीच अब आशंका जताई जा रही है कि दिसंबर में भी भारत के कई राज्यों में गर्मी का असर पहले से कहीं ज्यादा होगा। मौसम ने जिस तेजी से इस बार करवट बदली है उसका असर न सिर्फ भारत में बल्किविश्व के कई देशों में देखने को मिला है। चीन, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका में बेवक्त हुई भारी बर्फबारी अमेरिका, चीन और भारत समेत कुछ अन्य देशों में आई जबरदस्त बाढ़ ने यह जता दिया है कि आने वाले दिन अच्छे नहीं होंगे। मौसम के बदलते तेवरों से भारत भी अछूता नहीं रहा है। भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम में आई बाढ़ इस बात का प्रमाण रही है। पिछले दिनों आई बाढ़ से असम के लगभग पंद्रह जिले बुरी तरह से प्रभावित थे। वहीं उत्तर प्रदेश के बनारस समेत कुछ अन्य जिलों में भी बाढ़ ने गंभीर संकट उत्पन्न किया हुआ था। बिहार के कुछ जिलों के भी कमोबेश यही हाल थे। वहीं पश्चिम बंगाल के उत्तर में भी बाढ़ से भारी तबाही हुई थी। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और कर्नाटक में बाढ़ और सूखा दोनों ही देखने को मिले। भारत में इस बार जिस तर्ज पर मानसून की कमी देखी गई वैसी पहले शायद ही कभी देखी गई हो। मानसून की बारिश का यदि जिक्र करें तो यह हर राज्य में पहले से कम रही है।
मौसम चक्र बदलने से किसानों को उठाना होगा जबरदस्त नुकसान
मौसम के बदलते मिजाज ने जहां किसानों की चिंता बढ़ा दी है वहीं मौसम विज्ञानी भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं कि मौसम के लिहाज से आने वाले दिन बेहद खराब साबित होंगे। भोपाल मौसम विभाग के निदेशक डीपी दूबे के मुताबिक इस बार किसानों को मानसून की वजह से जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस वर्ष मानसून की वजह से धान की फसल जुलाई में न होकर अगस्त में लगाई गई। उसमें भी मानसून सही न होने की वजह से इसके खराब होने के पूरे आसार हैं जिस वजह से किसान बेहद चिंतित हैं।
मौसम के बदलते मिजाज ने जहां किसानों की चिंता बढ़ा दी है वहीं मौसम विज्ञानी भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं कि मौसम के लिहाज से आने वाले दिन बेहद खराब साबित होंगे। भोपाल मौसम विभाग के निदेशक डीपी दूबे के मुताबिक इस बार किसानों को मानसून की वजह से जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस वर्ष मानसून की वजह से धान की फसल जुलाई में न होकर अगस्त में लगाई गई। उसमें भी मानसून सही न होने की वजह से इसके खराब होने के पूरे आसार हैं जिस वजह से किसान बेहद चिंतित हैं।
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