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Monday, February 11, 2013

अदालत के निर्णय की चहुंओर सराहना

मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। दिल्ली गैंगरेप कांड के बाद पुलिस प्रशासन और न्यायालयों की सख्ती का असर चारों ओर दिखाई देने लगा है ऐसे में जहां एक ओर देश के युवाओं और जागरूक नागरिकों ने दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के पक्ष में जन जागरण अभियान चलाकर सोये हुए लोगों को जगाने का काम किया वहीं न्यायालय की ओर से एक के बाद आ रहे महत्वपूर्ण निर्णयों से आरोपियों के हाैंसले लगातार पस्त होते जा रहे हैं। ऐेसे में जिस प्रकार से न्यायालय और पुलिस प्रशासन की सख्ती लगातार बढ रही है उसके आगामी दिनों में न्यायाधीशों से ऐसे मामलों में सख्त निर्णयों की दरकार रहेगी। ऐसे ही एक मामले में जनपद में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह लम्बे समय से लम्बित मामले में जिस प्रकार एडीजे चतुर्थ आरपी सिंह ने लैंडमार्क निर्णय देकर एक सकारात्मक पहल की है उसकी चहुंओर प्रशंसा हो रही है। बसेड़ा गैंगरेप कांड में जिस प्रकार आज कचहरी परिसर पक्ष और विपक्ष के लोगों के साथ अन्य लोगों के लिए उत्सुकता का कारण बना हुआ था उसके चलते अदालत के निर्णय से जहां कुछ लोगों के चेहरों पर मायूसी देखी गयी। वहीं पीड़ित पक्ष अदालत के निर्णय की सराहना करते हुए दिखाई दिये। इस गैंगरेप कांड मंे पांच मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ बीस बीस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। वहीं अन्य आरोपियों श्रीमति रूखसाना को सात वर्ष की सजा व छह हजार रूपये जुर्माना, श्रीमति अफसरजहां को सात वर्ष की सजा व दस हजार रूपये का जुर्माना, मुस्तफा को तीन वर्ष की सजा व तीन हजार रूपये जुर्माना व मुक्तियार राही को तीन वर्ष की सजा व तीन हजार रूपये जुर्माना व हाल ही में सेवानिवृत्त हुई नर्स श्रीमती शशिप्रभा को तीन वर्ष की सजा व दो हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायाधीश आरपी सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्तगणों से वसूली गयी जुर्माना राशि की आधी धनराशि दुष्कर्म की पीड़िता को दी जाये।

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