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Friday, November 23, 2012

लैकफेड घोटाला : दोषी मंत्रियों की संपत्ति होगी कुर्क

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एसआईबी) ने मायावाती सरकार में मंत्री रहे चन्द्रदेव राम यादव और रंगनाथ मिश्र के खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की उद्घोषणा जारी कर दी है. लैकफेड घोटाले के आरोप में कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री चन्द्रदेव राम यादव और रंगनाथ मिश्र की तलाश में को-ऑपरेटिव सेल की एसआईबी टीम ने उनके गोमतीनगर के विनीत खंड स्थित आवास पर छापा मारा था. छापे के दौरान पूर्व मंत्री तो घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन जांच एजेंसियों को सबूत तो मिल ही गए थे.
जेल जाने का डर इतना था कि दोनों मंत्री भूमिगत हो चुके हैं. इन दोनों के करीबियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगे हुए हैं. जांच एजेंसियों ने इनका पता लगाने के लिए दो टीम बनाकर पड़ोसी राज्यों में भेज दिया है.
वहीं, रंगनाथ मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने लैकफेड को उच्च माध्यमिक विद्यालयों के निर्माण और नवोदय विद्यालयों में साइन बोर्ड सप्लाई का काम दिलाने के लिए 16 करोड़ की रिश्वत ली थी. चन्द्रदेव राम ने भी काम दिलाने के नाम पर रिश्वत ली थी.
गौरतलब है कि इस घोटाले की शुरुआत उस समय हुई थी, जब तत्कालीन मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने पत्रांक संख्या ई-8-372/10-2010 दिनांक 24 मई, 2010 के जरिए लैकफेड को राजकीय निर्माण एजेन्सी नामित किया था. इसके साथ ही लैकफेड को 5 करोड़ मानकीकृत भवनों सहित 2.50 करोड़ तक के गैर मानकीकृत भवनों के निर्माण का काम सौंपा गया.
शासनादेश में स्पष्ट लिखा गया था कि एक साल बाद लैकफेड के कार्यों की समीक्षा के बाद ही राजकीय निर्माण एजेन्सी नामित करने का निर्णय लिया जाएगा. लैकफेड द्वारा कराये गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी गयी थी.
sabhar shrinews.com

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