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Wednesday, November 28, 2012

लात मार कर बाहर निकालो मित्तल को: फ्रांसीसी मंत्री

एक तरफ जहां यूरोपियन देश अपने यहां निवेशकों को बुलाने के लिए तरह-तरह की पॉलिसी अपना रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर फ्रांस सरकार लक्ष्मी मित्तल को देश से बाहर करना चाहती है। दिग्गज कारोबारी और स्टील किंग भारतीय मूल के उद्योगपति हैं।
 लक्ष्मी मित्तल पर आरोप है कि उन्होंने अपने उद्योग को मुनाफा पहुंचाने के लिए सरकार से झूठ बोला है। इसके बाद उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग तेज हो गई है। ऐसे में अब फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और लक्ष्मी मित्तल के बीच होने वाली बैठक पर सबकी निगाहें जमी हुईं हैं। 
 दिलचस्प है कि फ्रांस सरकार में औद्योगिक मामलों के मंत्री अर्नोड मोंटेबर्ग किसी भी लक्ष्मी मित्तल को देश से बाहर निकालने पर तुले हुए हैं। वहीं, मित्तल ने लॉरिन के फ्लोरेंज में चलने वाले अपने दोनों संयंत्रों को भी बंद करने की घोषणा कर दी है। मित्तल के इस कदम से वहां के 629 लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 
 मित्तल के मुताबिक, दोनों संयंत्रों को बंद करने के पीछे का कारण उन संयंत्रों में हो रहा घाटा है। ऐसे में इन्हें बेचने का फैसला लिया गया है। इस बयान के बाद फ्रांस सरकार और मित्तल के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। 
वहीं, फ्रांस सरकार का कहना है कि दोनों संयंत्र लाभ में हैं। अगर मित्तल को संयंत्रों को बंद करना है तो उन्हें सारे प्लांट बंद करने होंगे। जबकि मित्तल इस बात के लिए राजी नहीं हैं। इसके पीछे वे 20000 से ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का तर्क दे रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के पास बातचीत कर मामला सुलझाने के अलावा कोई विकल्प निकलता नहीं दिख रहा है। 
 उधर, दूसरी ओर लंदन के मेयर बोरिस जॉन्सन ने भारतीय कारोबारियों से दिल्ली में बातचीत करते हुए कहा, ‘आप लोग लंदन में आकर कारोबार करिए। लंदन दुनिया भर की व्यापारिक राजधानी है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज में 73 भारतीय कंपनियां पंजीकृत हैं। भारतीय कंपनियां अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 53 फ़ीसदी हिस्सा लंदन से निकालती हैं। लंदन की बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था दुनिया भर में सबसे बेहतरीन है।’
sabhar dainikbhaskar.com

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