मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। गुजराती समाज की सैंकड़ों महिलाओ ने राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप के आवास का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। आखिर राज्यमंत्री पिछले कई महीनों से नगर के आम नागरिकों से दूरी क्यों बनाये हुए हैं। सात सात विभागों के राज्यमंत्री रहते हुए भी चितरंजन स्वरूप नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं। यह जरूर है कि वे पिछले दिनों बीमार थे लेकिन यदा कदा कार्यक्रमों में भी आ जा रहे हैं लेकिन अपने आवास पर प्रदर्षन करने वालों से मिलने में भी राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप को परेषानी हो रही है। नगर की आम जनता का कहना है कि जिले के एकमात्र राज्यमंत्री नगर की जनता की समस्याओं रूबरू नहीं हो रहे हैं।
ज्ञात हो कि प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक बन्दी वाले दिन गुजराती महिलाएं गोल मार्किट मंे बैठकर कपड़ा बेचने का कार्य करती है। इन महिलाओं का कहना था कि वे पिछले 40-45 वर्षो से मंगलवार के दिन गोल मार्किट मे बैठकर कपउे़ बेचने का काम करती आ रही हैं। उनका कहना है कि डीएम सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर उन्हंे वहां से हटाकर नुमाइश मैदान मे कपड़ा बेचने के आदेश दिए गए हैं। गुजराती महिलाओ का कहना है कि नुमाईश मैदान मंे कपड़ा बेचना नामुमकिन हैं क्योकि वहां महिलाओं की सुरक्षा का कोई प्रबन्ध नहीं है।
ज्ञात हो कि प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक बन्दी वाले दिन गुजराती महिलाएं गोल मार्किट मंे बैठकर कपड़ा बेचने का कार्य करती है। इन महिलाओं का कहना था कि वे पिछले 40-45 वर्षो से मंगलवार के दिन गोल मार्किट मे बैठकर कपउे़ बेचने का काम करती आ रही हैं। उनका कहना है कि डीएम सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर उन्हंे वहां से हटाकर नुमाइश मैदान मे कपड़ा बेचने के आदेश दिए गए हैं। गुजराती महिलाओ का कहना है कि नुमाईश मैदान मंे कपड़ा बेचना नामुमकिन हैं क्योकि वहां महिलाओं की सुरक्षा का कोई प्रबन्ध नहीं है।
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