मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। जिला अस्पताल के बाहर दषकों से जबरन अवैध कब्जा जमाकर दुकान करने वालों पर आज महाबली का कहर बरपा। जिला अस्पताल के बाहर से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आला अधिकारियों ने अतिक्रमण हटवाया। डीएम सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर नगर के विभिन्न क्षेत्रांे में पिछले एक माह से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया हुआ है। जिसके तहत नगर के विभिन्न क्षेत्रांे गांधी कालोनी, नई मन्डी, खालापार, कच्ची सडक, नई आबादी व आर्यसमाज रोड तथा प्रकाश चौक आदि अनेक स्थानो पर प्रशासन का हथौड़ा चल चुका है। जिला प्रशासन के सख्त रवैये से छुटभैये नेता व व्यापारी नेताआंे मंे हड़कम्प मचा हुआ है।
आज सिटी मजिस्टेªट इन्द्रमणि त्रिपाठी व सीओ सिटी संजीव वाजपेयी के नेतृत्व मंे अस्पताल चौराहे के बाहर दर्जनों अवैध खोकों व अन्य दुकानांे को हटवाया। भारी पुलिस बल के कारण दुकानदारो ने स्वयं ही अपना सामान समेटने मे बेहतरी समझी। नगर कोतवाल सत्यपाल सिह व एसओ सिविल लाईन कमल सिह यादव भी अतिक्रमण हटवाने में सक्रिय रहे।
वहीं आसपास के नागरिकों का कहना था कि पिछले कई वर्षो से जिला अस्पताल के बाहर व आसपास के क्षेत्र मंे अतिक्रमण व डग्गामार वाहनांे के कारण जाम की स्थिति बनी रहती थी। जिस कारण उधर से आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं सडक के किनारे खडे़ डग्गामार वाहनांे के चालक स्कूल की छुटटी के समय उधर से जाने वाली छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें भी करते थे। जिसका पूर्व मंे भी कई बार विरोध किया गया लेकिन पुलिस की ढील के कारण यह संभव नही हो पाया था।
आज सिटी मजिस्टेªट इन्द्रमणि त्रिपाठी व सीओ सिटी संजीव वाजपेयी के नेतृत्व मंे अस्पताल चौराहे के बाहर दर्जनों अवैध खोकों व अन्य दुकानांे को हटवाया। भारी पुलिस बल के कारण दुकानदारो ने स्वयं ही अपना सामान समेटने मे बेहतरी समझी। नगर कोतवाल सत्यपाल सिह व एसओ सिविल लाईन कमल सिह यादव भी अतिक्रमण हटवाने में सक्रिय रहे।
वहीं आसपास के नागरिकों का कहना था कि पिछले कई वर्षो से जिला अस्पताल के बाहर व आसपास के क्षेत्र मंे अतिक्रमण व डग्गामार वाहनांे के कारण जाम की स्थिति बनी रहती थी। जिस कारण उधर से आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं सडक के किनारे खडे़ डग्गामार वाहनांे के चालक स्कूल की छुटटी के समय उधर से जाने वाली छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें भी करते थे। जिसका पूर्व मंे भी कई बार विरोध किया गया लेकिन पुलिस की ढील के कारण यह संभव नही हो पाया था।
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