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Thursday, December 2, 2021

योग के आठ अंगो का फल

 योग के आठ अंगो का फल
 यम-नियम आदि योग के आठ अंगो का फल क्या होता है, :―
 यमो का फल 
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१. अहिंसा–
अहिंसा धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति के मन से समस्त प्राणियों के प्रति वैर भाव (द्वेष) छूट जाता है, तथा उस अहिंसक के सत्सङ्ग एवं उपदेशानुसार आचरण करने से अन्य व्यक्तियों का भी अपनी अपनी योग्यतानुसार वैर-भाव छूट जाता है।

२. सत्य–
जब मनुष्य निश्चय करके मन, वाणी तथा शरीर से सत्य को ही मानता, बोलता तथा करता है तो वह जिन-जिन उत्तम कार्यों को करना चाहता है, वे सब सफल होते हैं।

३. अस्तेय–
मन, वाणी तथा शरीर से चोरी छोड़ देने वाला व्यक्ति, अन्य व्यक्तियों का विश्वासपात्र और श्रद्धेय बन जाता है। ऐसे व्यक्ति को आध्यात्मिक एवं भौतिक उत्तम गुणों व उत्तम पदार्थों की प्राप्ति होती है।

४. ब्रह्मचर्य–
मन, वचन तथा शरीर से संयम करके, ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले व्यक्ति को, शारीरिक तथा बौद्धिक बल की प्राप्ति होती है।

५. अपरिग्रह–
अपरिग्रह धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति में आत्मा के स्वरुप को जानने की इच्छा उत्पन्न होती है, अर्थात् उसके मन में 'मैं कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ, कहाँ जाऊँगा, मुझे क्या करना चाहिये, मेरा क्या सामर्थ्य है', इत्यादि प्रश्न उत्पन्न होते हैं।

    अब नियमों का फल
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१. शौच–
बार-बार शुद्धि करने पर भी जब साधक व्यक्ति को अपना शरीर गन्दा ही प्रतीत होता है तो उसकी अपने शरीर के प्रति आसक्ति नहीं रहती और वह दूसरे व्यक्ति के शरीर के साथ अपने शरीर का सम्पर्क नहीं करता।
आन्तरिक शुद्धि से साधना की बुद्धि बढ़ती है, मन एकाग्र तथा प्रसन्न रहता है, इन्द्रियों पर नियन्त्रण होता है तथा वह आत्मा-परमात्मा को जानने का सामर्थ्य भी प्राप्त कर लेता है।

२. संतोष–
संतोष को धारण करने पर व्यक्ति की विषय भोगों को भोगने की इच्छा नष्ट हो जाती है और उसको शांति रुपी विशेष सुख की अनुभूति होती है।

३. तप–
तपस्या का अनुष्ठान करने वाले व्यक्ति का शरीर, मन तथा इन्द्रियाँ, बलवान तथा दृढ़ हो जाती हैं तथा वे उस तपस्वी के अधिकार में आ जाती हैं।

४. स्वाध्याय―
स्वाध्याय करने वाले व्यक्ति की आध्यात्मिक पथ पर चलने की श्रद्धा, रुचि बढ़ती है तथा वह ईश्वर के गुण, कर्म, स्वभावों को अच्छी प्रकार जानकर ईश्वर के साथ सम्बन्ध भी जोड़ लेता है।

५. ईश्वर–प्रणिधान–
ईश्वर को अपने अन्दर–बाहर उपस्थित मानकर तथा ईश्वर मेरे को देख, सुन, जान रहा है, ऐसा समझने वाले व्यक्ति की समाधि शीघ्र ही लग जाती है।

  योग के शेष अङ्गों का फल।
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    ३. आसन―
आसन का अच्छा अभ्यास हो जाने पर योगाभ्यासी को उपासना काल में तथा व्यवहार काल में सर्दी-गर्मी, भूख-प्यास आदि द्वन्द्व कम सताते हैं, तथा योगाभ्यास की आगे की क्रियाओं को करने में सरलता होती है।

     ५. प्राणायाम―
प्राणायाम करने वाले व्यक्ति का अज्ञान निरन्तर नष्ट होता जाता है तथा ज्ञान की वृद्धि होती है। स्मृति-शक्ति तथा मन की एकाग्रता में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। वह रोग-रहित होकर उत्तम स्वास्थय को प्राप्त होता है।

    ६. प्रत्याहार–
प्रत्याहार की सिद्धि होने से योगाभ्यासी का इन्द्रियों पर अच्छा नियन्त्रण हो जाता है अर्थात् वह अपने मन को जहाँ और जिस विषय में लगाना चाहता है, लगा लेता है तथा जिस विषय से मन को हटाना चाहता है, हटा लेता है।

    ६. धारणा―
मन को एक ही स्थान पर स्थिर करने के अभ्यास से तथा ईश्वर विषयक गुण-कर्म-स्वभावों का चिन्तन करने से (ध्यान में) दृढ़ता आती है, अर्थात् ईश्वर विषयक ध्यान शीघ्र नहीं टूटता। यदि टूट भी जाय तो दोबारा सरलतापूर्वक किया जा सकता है।

   ७. ध्यान–
ध्यान का निरंतर अभ्यास करते रहने से समाधि की प्राप्ति होती है तथा उपासक, व्यवहार सम्बन्धी समस्त कार्यों को दृढ़तापूर्वक, सरलता से सम्पन्न कर लेता है।

   ८. समाधि―
समाधि का फल है ईश्वर का साक्षात्कार होना। समाधि अवस्था में साधक समस्त भय, चिन्ता, बन्धन आदि दु:खों से छूटकर ईश्वर के आनन्द की अनुभूति करता है तथा ईश्वर से समाधि काल में ज्ञान, बल, उत्साह, निर्भयता, स्वतन्त्रता आदि की प्राप्ति करता है। इसी प्रकार बारम्बार समाधि लगाकर अपने मन पर जन्म जन्मान्तर के राग-द्वेष आदि अविद्या के संस्कारों को दग्धबीजभाव अवस्था में पहुंचाकर (नष्ट करके) मुक्ति पद को प्राप्त कर लेता है।
  
 योगश्चित्तवृत्तिनिरोध: !

  योग: = समाधि (है) चित्तवृतिनिरोध: = मन के विचारों को रोक देना !

      योग दर्शन में चित्त और मन एक ही वस्तु है, और वह जड़ वस्तु है। इस चित्त में विभिन्न प्रकार के चित्र बनते रहते है। ये चित्र सांसारिक विषयों से सम्बंधित होते हैं, इन्हीं को चित्त की वृत्तियाँ कहते है। ये वृतियाँ जीवात्मा ही अपनी इच्छा से बनाता है, और स्वयं ही अपनी इच्छा और प्रयत्न से रोक भी लेता है। जब वह बाह्य और आभ्यंतर दोनों प्रकार के विचारों को रोक देता है तो इस अवस्था को  "  चित्तवृतिनिरोध " कहते हैं।  यही समाधि कहलाती है।  समाधि दो प्रकार की होती है, एक सम्प्रज्ञात और दूसरी असम्प्रज्ञात।  ईश्वर का साक्षात्कार असम्प्रज्ञात समाधि में होता है। सम्प्रज्ञात में नहीं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया

 *मुजफ्फरनगर 1 दिसंबर 2021* मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ महावीर सिंह फौजदार ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में आपात प्रसूति एवं आवश्यक प्रसूति सेवाओं को गुणवत्ता परक बनाने के उद्देश्य एवं मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए  प्रथम संदर्भ इकाइयों के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है,जिसके अंतर्गत जटिल आने वाले प्रसवो का निदान संस्थागत प्रसव के द्वारा बेहतर किया जा सके। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में जिला महिला चिकित्सालय के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली में प्रथम संदर्भन इकाई (एफ आर यू)  संचालित की जा रही है उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ का भी सुदृढ़ीकरण करते हुए वहां पर प्रथम संदर्भन इकाई के रूप में तैयार किया जा रहा है जिससे शीघ्र ही वहां पर सामान्य प्रसव के साथ-साथ जटिल व सिजेरियन प्रसव कराए जा सकेंगे इसी की तैयारी को लेकर उन्होंने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संभवत एक सप्ताह के अंदर एफ आर यू यूनिट आरंभ कर दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक कुमार महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ शिखा गुप्ता एवं डॉक्टर शैला परवीन उपस्थित रही।

Thursday, May 1, 2014

आजम खां की चुनाव आयोग को खुली चुनोती, जन्तर मन्तर पर ‘जंगी धरने’ का ऐलान


रामपुर  उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने कहा है कि चुनाव आयोग ने उनके विरुद्ध कार्रवाई कर देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की आवाज बन्द की है। खां ने इस कार्रवाई की निन्दा करते हुए आयोग को चेतावनी दी कि ‘वह खुद को खुदा न समझें।’ उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग जो भी कर सकता हो कर ले।

वह चाहे तो उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त कर दे लेकिन उनके साथ जितनी नाइंसाफी होगी जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने भाजपा के कई नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर उस पार्टी की ऐसे समय मदद की जब एक मजबूत फैसला लेने की घड़ी है।

उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध कार्रवाई कर आयोग ने कमजोर मुसलमानों को बेजुबान किया है और यह कार्रवाई भाजपा की मदद के लिए की गयी है जिसके विरोध में तीन मई को दिल्ली के जन्तर मन्तर पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा और इस धरने का नाम ‘जंगी धरना’ रखा जायेगा।

Tuesday, July 9, 2013

धारी देवी के आसन की टाइल्स में दरारें पडने से मचा हडकम्प

उत्तराखंड, 16 जून को अलकनंदा नदी में आई भीषण
बाढ़ के बाद
मां धारी देवी की मूर्ति को
प्राचीन मंदिर से उठाकर
करीब 18 मीटर ऊंचाई पर बने
अस्थायी मंदिर में स्थापित
किया गया था।
मां धारी देवी को विराजमान
करने के लिए इस अस्थाई मंदिर
में जो आसन (पीठ)
बनाया गया था सोमवार
को उसमें लगी टाइल्स में दरारें
दिखायी दी। आसन के
दोनों ओर दरारें देखने
को मिलीं।

Monday, July 8, 2013

बम धमाकों में खुलासा, 5 लोगों ने रखे थे बम

बोधगया : महाबोधि मंदिर में रविवार को हुए धमाकों के पीछे जहां आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ होने का शक जताया जा रहा है. वहीं इन धमाकों को लेकर नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 2 बजे पांच लोगों ने मंदिर के परिसर, बुद्ध भगवान की मूर्ति और करमापा बौद्ध मठ के पास बम रखे थे.

वहीं कोलकाता से शनिवार को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किए गए एक शख्स के आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के साथ रिश्ते होने का संदेह जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि अनवर हुसैन मलिक (42) नामक इस शख्स को शनिवार को एक बस अड्डे से विस्फोटक और जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया. कहा जा रहा कि मलिक ने ये बात कबूल ली है कि वो आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और उन्हीं को ये विस्फोटक पहुंचाने जा रहा था. मलिक को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 20 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

गौरतलब है कि रविवार को महाबोधि मंदिर में कम तीव्रता के नौ बम धमाके किए गए थे. इन धमाकों में दो लोग घायल हो गए थे. हैरान करने की बात तो ये है कि आईबी ने भी एक हफ्ते पहले ताजा अलर्ट जारी कर सरकार को मंदिर पर बम धमाके होने की सूचना दी थी. बोधगया में हमले की आशंका से जुड़ी ये जानकारी 26 जून को दी गई थी. सरकार को अलर्ट करने के बाद भी इस हमले को रोका नहीं जा सका.

उत्तराखंड त्रासदी: लापता लोगों के घर फर्जी कॉल

नई दिल्ली : उत्तराखंड त्रासदी में लापता लोगों के घरवालों को फर्जी फोन कर परेशान करने के मामले सामने आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में लापता लोगों के घर फोन कर उनसे लाखों रुपए मांगे जा रहे हैं. फोन करने वाला शख्स लापता लोगों को अपने कब्जे से छोड़ने के एवज में लाखों रुपए मांग रहा है.

लापता हुए लोगों के परिजनों की माने तो फोन कर उनसे मोटी रकम मांगी जा रही है. कई लोगों को ये फोन रात के 12 बजे के बाद आ रहे हैं. गौरतलब है कि उत्तराखंड में आई आपदा में हजारों लोग अभी-भी लापता हैं. ऐसे में कुछ लोगों ने इसे अपना पैसा कमाने का जरिए बना लिया है. ये लोग लापता शख्स के घर फोन कर उनकी सलामती के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे हैं.

Sunday, March 17, 2013

जि‍याउल हक की लोडेड पिस्टल मिली, पवन और सुधीर ने पीटा था डीएसपी को





प्रतापगढ़. कुंडा के बलीपुर में दो मार्च को हुए ति‍हरे हत्‍याकांड की परतें खुलने लगी हैं। एक ओर जहां पुलिस ने शनिवार को सीओ जिया उल हक की लोडेड पिस्टल बरामद कर ली है। वहीं मृतक प्रधान नन्‍हे यादव के भाई पवन और सुधीर ने सीबीआई के सामने स्‍वीकार कि‍या है कि उस दि‍न उन्‍होंने डीएसपी जि‍या उल हक की जमकर पि‍टाई की थी।
बलीपुर गांव के एक तालाब से पुलिस ने जिया उल हक की 9 एमएम की भरी हुई पिस्टल बरामद की है। इसी गांव में ही जिया उल हक की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच सीबीआइ कर रही हैं। वहीं जिया उल हक की हत्या से पहले हुई मारपीट में प्रधान का पुत्र भी शामि‍ल था। हालांकि उन्‍होंने डीएसपी की हत्‍या करना स्‍वीकार नहीं कि‍या है। इससे पहले यह दोनों बार बार यह कह रहे थे कि‍ वह घटनास्‍थल पर मौजूद ही नहीं थे। पर बाकी के दो गवाहों के बयान के बाद उन्‍होंने डीएसपी की पि‍टाई करने की बात स्‍वीकार कर ली। 
पवन और सुधीर ने सीबीआई को बताया कि जब डीएसपी जि‍याउल हक मृतक प्रधान नन्‍हे यादव की लाश ले जाने के लि‍ए आए तो भीड़ ने इसका वि‍रोध कि‍या। कुछ ही देर में भीड़ उनपर हमलावर हो गई। इस बीच डीएसपी ने भीड़ के हमले से बचने के लि‍ए भागने की कोशि‍श की, लेकि‍न पवन, सुधीर और मृतक प्रधान नन्‍हे के पुत्र ने उन्‍हें दबोच लि‍या। दबोचने के दौरान डीएसपी फि‍सलकर जमीन पर गि‍र पड़े और भीड़ ने उन्‍हें बुरी तरह से पीटना शुरू कर दि‍या। 
वहीं सीबीआई ने कुंडा हत्‍याकांड में कोर्ट से नि‍लंबि‍त इंस्‍पेक्‍टर सर्वेश चंद्र मि‍श्र का नार्को टेस्‍ट कराने की अनुमति मांगी है। जि‍स वक्‍त यह हत्‍याकांड हुआ, उस वक्‍त कुंडा के प्रभारी नि‍रीक्षक सर्वेश सीओ जि‍या उल हक के साथ मौजूद भी। सीबीआई का मानना है कि अगर इंस्‍पेक्‍टर का नार्को टेस्‍ट होगा तो कई राज खुल सकते हैं। सीबीआई की अर्जी पर अब 22 मार्च को सुनवाई होगी। वहीं मामले में आरोपी संजय प्रकाश सिंह और राजीव प्रताप सिंह को शुक्रवार को दूसरे दिन भी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम घटनास्थल पर लेकर गई और उनसे पूछताछ की। 
दूसरी तरफ मुआवजे की रकम को लेकर शहीद डीएसपी के घर पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। डीएसपी की बेवा परवीन आजाद का कहना है कि जो रकम उनके नाम आई है, उनके पास है। इस मसले पर अभी परि‍वार के लोगों से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। इस मामले में शुक्रवार को शहीद डीएसपी के पि‍ता शमसुल हक ने कोई टि‍प्‍पणी करने से मना कर दि‍या। इससे पहले उन्‍होंने कहा था कि जो इमदाद आ रही है, वह परवीन और उनके परि‍वार में जा रही है। न वो उन्‍हें उसमें से कुछ दे रहे हैं और न ही कुछ बता रहे हैं। 
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद गांव में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में बलीपुर के दस लोगों से पूछताछ की। सीबीआई के संयुक्त निदेशक आरएस भट्टी उप महानिरीक्षक अनुराग गर्ग के साथ जांच कर रहे हैं और कुंडा में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। सीबीआई ने दोनों आरोपियों को 13 से 18 मार्च की शाम तक रिमांड पर लिया है। उन्होंने बताया कि सीबीआई की एक टीम दिवंगत पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की सर्विस रिवॉल्वर और मोबाइल फोन की खोज कर रही है। सीबीआई ग्राम प्रधान की हत्या के आरोपी कामता पाल के घर में आग लगाने वाले का पता लगा रही है। 
सीबीआई इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा में ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव की पहले मौत हुई या जि‍या उल हक की। दोनों की मौत अभी रहस्य बनी हुई है। सीबीआई की टीम ने मौके से रक्तरंजित मिट्टी के नमूने और फोटोग्राफ भी लिए और उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की साजिश की भी जांच की जा रही है। राजा भैया गुरुवार शाम कुंडा स्थित अपने आवास पर आए थे। दो मार्च को बलीपुर के ग्राम प्रधान नन्हे यादव की जमीन संबंधी विवाद को लेकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे कुंडा के पुलिस उपाधीक्षक हक पर गुस्साए ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस घटना में हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव की मौत हो गई थी। 
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रेप में नाकाम होने पर किया छात्रा का मर्डर, पुलिस खाली हाथ


रेप में नाकाम होने पर किया छात्रा का मर्डर, पुलिस खाली हाथ 
आगरा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोलकाता में एक रैली में कहा है कि जल्द ही महिला सुरक्षा बिल पारित किया जाएगा लेकिन शनिवार का पूरा दिन महिलाओं के खिलाफ अपराधों के नाम रहा। मध्य प्रदेश में विदेशी सैलानी और एक महिला के साथ गैंगरेप हुआ तो आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट (डीईआई) में छात्रा की निर्मम हत्‍या का मामला सामने आया। शुक्रवार रात मारी गई छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन छात्रा का कत्‍ल इतनी बेरहमी से हुआ था कि शैतान भी कांप जाए।
पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रेप के निशान नहीं मिले हैं। लेकिन प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की गई थी। फॉरेंसिक जांच के लिए उसके वेजाइनल स्राव, नाखून, बाल और लार को प्रिजर्व किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत काफी  खून बहने से हुई। छात्रा को क्‍लोरोफॉर्म सुंघाकर बेहोश किया गया था। इसके बाद दुपट्टे से उसके हाथ बांध दिए गए। जब वह होश में आई तो अपराधी ने सर्जिकल ब्‍लेड से गले पर वार किया। खून बहने लगा। जब वह चिल्‍लाई तो दुपट्टे से मुंह भी बांध दिया। इसके बाद ब्‍लेड से उसके कपड़े फाड़ दिए। हत्यारे ने अगला वार पेट पर किया। अपराधी ने आंतें बाहर आने तक पेट पर सर्जिकल ब्‍लेड चलाया। हर बार डेढ इंच गहरा वार हुआ। छोटी और बड़ी आंतें बाहर आ गईं। इसके बाद अपराधी ने पैरों और जांघ पर ब्‍लेड चलाया। इससे छात्रा का पूरा बदन लहुलुहान हो गया।
इस जघन्‍य मामले के विरोध में आगरा सड़क पर आ गया। शनिवार को दिनभर हजारों युवा सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन करते रहे। जब छात्र-छात्राओं ने न्‍याय मांगा तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर उसका जवाब दिया। देर शाम कैंडिल मार्च निकालकर प्रदर्शन खत्‍म किया गया। युवाओं ने कहा है कि वे रविवार को भी विरोध करेंगे। इधर, डॉक्‍टर का कहना है कि हत्‍यारा सर्जिकल ब्‍लेड का इस्‍तेमाल करना जानता था। आम तौर पर लोग ब्‍लेड या चाकू को तिरछा उपयोग करते हैं। लेकिन हमलावर ने सीधा वार किया। वह जानता था कि कितने वार से पेट की अंतडि़यां बाहर आ जाएंगी।
दिनभर आगरा में प्रतिरोध और हंगामे के बावजूद हत्‍यारे का रहस्‍य अब तक बना हुआ है। पुलिस शुक्रवार की शाम से सर्विलांस तकनीक से जांच कर रही थी। लेकिन जांच की यह दिशा बेकार साबित हुई। छात्रा ने सबसे ज्‍यादा कॉल अपने ब्वॉयफ्रेंड को किया था। मौत के कुछ घंटे देर पहले उसकी लंबी बात हुई थी। लेकिन ब्‍वायफ्रेंड का मोबाइल लोकेशन नोएडा पाया गया। उसका फिंगरप्रिंट भी घटनास्‍थल से मैच नहीं हुआ। दोनों की दो महीने बाद ही शादी होने वाली थी। इसके अलावा फोन से जितने लोगों की बातें हुई हैं उनमें से किसी का भी फिंगर प्रिंट मैच नहीं हो सका।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के मुताबिक क्राइम ब्रांच का अस्‍थाई कार्यालय डीईआई परिसर में ही बनाया गया है। उन्‍होंने बताया कि इंस्‍टीट्यूट के 25 छात्रों और शिक्षकों के फिंगरप्रिंट लिए हैं। जरूरत पड़ी तो डीईआई के हर टीचर और छात्र के ऊंगलियों के निशान लिए जाएंगे। उन्‍हें पूरा विश्‍वास है कि हत्‍यारा छात्रा का जानने वाला था और अक्‍सर डीईआई लैब में आता था। अपराधी हत्‍या करने के बाद छात्रा के बैग को भी अपने साथ ले गया था। हत्‍या के बाद उसने इत्मीनान से इस बैग में छात्रा और उसकी टीचर का रिसर्च पेपर, रजिस्‍टर, प्रश्‍न पत्र और इसके उत्‍तर की कॉपी और लैपटॉप रखा था। बैग खेलगांव में दीवार के पार मिला है। जहां हत्‍यारे ने छात्रा की कार को लावारिस हालत में छोड़ा था।
इससे पहले दोपहर में न्यू आगरा थाने के पास हंगामे के बाद छात्रों ने जमा होकर थाने के सामने एमजी रोड पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे जाम के बाद शहर में ट्रैफिक के हालात खराब हो गए। पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया जिससे कई छात्रों को चोट आई। इसके बाद छात्रों के हंगामे से हालात पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो गए। तब आगरा के एसएसपी एससी दुबे ने छात्रों को रात तक मामला हल करने का आश्‍वासन दिया। पहले तो स्टूडेंट वापस लौट गए लेकिन कुछ देर बाद फिर से वापस एमजी रोड पर आ गए और फिर से रोड जाम करने की कोशिश की। 
छात्रों का आरोप था कि ‘दामिनी’ के पोस्‍टमार्टम में जानबूझकर देरी की जा रही है। ताकि रेप का मामला टाला जा सके और देर होने पर आक्रोश कम होगा। एसएसपी से बात कर दोपहर करीब ढाई बजे सारे विद्यार्थी वापस लौट गए। छात्रों ने शाम को इस ‘दामिनी’ के लिए कैंडिल मार्च करने का फैसला किया है। शनिवार सुबह छात्रों का गुस्‍सा तब भड़क गया जब डीईआई प्रबंधन ने छात्रा के लिए शोकसभा नहीं रखी। यहां तक कि परीक्षाएं भी जारी रखी गई। छात्र-छात्राओं ने यहां भी हंगामा किया। तब प्रबंधन ने कह दिया कि परीक्षा न देने पर नंबर काट लिए जाएंगे। तब डीईआई में खूब प्रदर्शन हुआ। इसके बाद आक्रोशित छात्र थाना न्‍यू आगरा की ओर बढ़े थे।
बहुत शातिर था हत्यारा
दयालबाग एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट (डीईआई डिम्‍ड यूनिवर्सिटी) के बायोटेक्‍नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की निर्ममता पूर्वक हत्‍या करने वाले बेहद शातिर था। पुलिस को खेलगांव से बरामद कार में दिल्‍ली के नंबरों वाली दो प्‍लेट मिली हैं। यह कार छात्रा की थी और हत्‍या के बाद इसी से भागने की योजना थी। लेकिन प्‍लान बदल कर जिसे बाद में लावारिस हालत में छोड़ दिया था। एसएसपी के मुताबिक दूसरी नंबर प्‍लेट से वह पुलिस की जांच से बचना चाहता था। हत्‍यारा छात्रा का मोबाइल और लैपटॉप साथ ले गया है। आशंका है कि इसी लैपटॉप में उससे संबंधित जानकारी रही होगी। पूरी वारदात 17 मिनट से भी कम वक्‍त में अपराधी ने अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार की शाम 5.14 बजे छात्रा की बहन ने उसे कॉल किया था। कुल छह मिनट बात हुई। मोबाइल पर अगली कॉल शाम 5.37 बजे की है। 
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दिल्ली पर 'कब्जे' के लिए नीतीश ने भरी हुंकार, विकास की भीख नहीं, यह हमारा अधिकार है



नई दिल्ली. बिहार की सत्ता पर काबिज जेडी(यू) आज दिल्ली में ताकत दिखा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पिछड़ेपन की बात जोरदार ढंग से रखते हुए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की। दरअसल नीतीश ने बिहार के बहाने सभी पिछड़े राज्यों के विकास की बात करते हुए दिल्ली की सत्ता के लिए भी हुंकार भर दी। नीतीश ने कहा कि अगर दिल्ली में मौजूद सभी पिछड़े इलाकों के लोग जुट जाएं तो दिल्ली इन्हीं पिछड़े लोगों की होगी। उन्होंने बिहार के लोगों को सभी पिछड़े इलाके के लोगों को गोलबंद करने को कहा। नीतीश ने कहा कि यह केवल बिहार की नहीं सभी पिछड़े राज्यों की लड़ाई है। सभी धर्म, वर्ग, जाति, क्षेत्र के लोगों की लड़ाई है, विकास सबका होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार मॉडल ही देश का असली मॉडल है जहां भारत और इंडिया में फर्क नहीं है। इससे पहले शरद यादव ने रैली को संबोधित करते हुए नारे लगवाए- 'बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना पड़ेगा। जय बिहार, जय हिंदुस्तान।' यादव ने कहा कि बिहार के विकास से ही देश का विकास होगा। 
उन्होंने रामलीला मैदान में अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'पहली बार बिहार के लोगों ने दिल्ली में अपनी ताकत दिखाई है। ऐसा क्यों है कि बिहार के लोगों को दिल्ली में आकर रहना पड़ा? सदियों पहले बिहार से ही प्रशासन चलता था। दुनिया का महानतम विश्वविद्यालय वहां था? ऐसा क्यों हुआ कि लाखों की संख्या में बिहार के लोगों को अपने गांव, कस्बे और शहर को छोड़कर दिल्ली समेत कई अन्य शहरों में जाना पड़ता है? बिहार का इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान है। लेकिन आजादी के बाद हम पिछड़ते चले गए। आज इतने पीछे हो गए हैं कि हमारी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से बहुत नीचे है। हमारी उपेक्षा हुई है।' 
नीतीश ने कहा कि दिल्ली की तंग बस्तियों में भी बिहारी मुश्किलों में रह रहे हैं। लेकिन आप लोग हक के लिए ऐसे ही जुटते रहें। तभी दिल्ली में बैठे लोग इस ताकत को पहचान सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार इतना उत्पादन कर सकता है कि देश मे एक आदमी भी भूखा नहीं सोएगा। अगर केंद्र बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा तो बिहार भी विकसित राज्य की सूची में शामिल होगा। लेकिन केंद्र कहता है बिहार विशेष राज्य के लिए मापदंडों की सूची पर खरा नहीं उतरता है। तकनीकी आधार पर हमारी मांग को खारिज किया जाता रहा है। भले ही बिहार पर्वतीय राज्य नहीं हैं लेकिन यहां आबादी का घनत्व सबसे ज्यादा है। पिछड़े राज्य के अधार पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले। इससे राज्य का विकास होगा। ये भीख नहीं हमारा अधिकार है। हमारी लंबे समय से मांग है कि विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए मापदंडों में बदलाव हो, विकास के लिए नई रणनीति बने। 
इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित अधिकार रैली में हिस्सा ले रहे थे, तभी एक शख्स ने नीतीश को काला झंडा दिखा दिया। इसके बाद जेडीयू समर्थकों ने काला झंडा दिखाने वाले शख्स को पीट दिया। इसके बाद पुलिस ने उस शख्स को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की। 
इस रैली में करीब 40 हजार नीतीश समर्थक जुटे। कई लोग इसे नीतीश कुमार के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं। लेकिन जेडीयू के नेता ऐसा नहीं मानते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि यह रैली बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करने के लिए बुलाई गई है। उन्होंने इस रैली को शक्ति प्रदर्शन मानने से इनकार कर दिया। 
गौरतलब है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नीतीश लंबे समय से केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। यह मांग सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी जोर पकड़ रही है। फेसबुक, ट्विटर और यू ट्यूब पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। जदयू द्वारा ‘बिहार का हक’ नाम से कैंपेन चलाया जा रहा है। विभिन्न सोशल साइट्स पर इसके पेज को पांच लाख से अधिक लोगों ने हिट किया है। लेकिन केंद्र सरकार नियमों को हवाला देकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से हाथ खड़े कर चुकी है। 
दूसरी तरफ, जेडी (यू) ने अगला आम चुनाव अकेले लड़ने के पुख्ता संकेत दे दिए हैं। जेडीयू ने कहा है कि अगर परिस्थिति की मांग रही और उनके बीजेपी से रिश्ते टूटे तो पार्टी अगला आम चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार है। दिल्ली में रविवार को हो रही रैली की पूर्व संध्या पर पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि जेडीयू चाहती थी कि गठबंधन बना रहे। लेकिन इसके साथ ही पार्टी सभी सीटों पर अकेले भी चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार थी। तिवारी ने कहा, 'कोई भी पार्टी अगर यह कहती है कि वह सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है तो वह मूर्ख पार्टी है जिसे खुद पर और अपने सांगठनिक ढांचे पर यकीन नहीं है।'
गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर ने कहा था कि बीजेपी बिहार की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बीजेपी के इस रुख पर तिवारी ने कहा, 'हां, हाल ही में हमने भी बीजेपी नेताओं को यह कहते हुए सुना है कि वे बिहार की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल को अपना आधार बढ़ाने का हक है और हम उससे दिक्कत नहीं है। हम भी सभी सीटों पर अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।'  
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Tuesday, February 26, 2013

इस साल रेलवे में बंपर नौकरी !

नई दिल्ली : रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने इस साल डेढ़ लाख लोगों को नौकरी देने का ऐलान किया है. वित्त वर्ष 2013-14 का रेल बजट पेश करते हुए बंसल ने कहा कि इस वर्ष 1.52 लाख रिक्त पद भरे जाएंगे जिसमें 47,000 बैकलॉग वैकेंसी कमजोर वर्गो और विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित हैं.
गौरतलब है कि रेलवे में बड़े पैमाने पर आरक्षित कोटा के तहत विभिन्न वर्गों के पद खाली पड़े हैं. सिर्फ आरपीएफ में 12000 से ज्यादा पद रिक्त हैं. इसके अलावा ग्रुप सी और डी में कई साल से भर्ती नहीं होने से बड़ी संख्या में पद खाली हैं.
हालांकि पिछले बजट में भी एक लाख नौकरियां देने की घोषणा हुई थी लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के चलते रेलवे इस दिशा में कदम नहीं उठा पाया था. यही नहीं चालू वित्त वर्ष में जिन खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू की गई वो अभी तक पूरी नहीं हो सकी है. चालू वर्ष में जोनल स्तर पर कुल 271 श्रेणी के 50515 खाली पदों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है. इसके अलावा केंद्रीय स्तर से भी 138 श्रेणी के कुल 26213 रिक्त पदों के लिए परीक्षा हो चुकी है.
वैसे, रेलमंत्री की इस घोषणा को 2014 के लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है.
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किसान सेना का होगा गठनः वीके सिंह

जातपात धर्म जाति भूलकर किसानों संगठित हो जाओ

मेरठ। अधिकार धरने पर किसानों को एकजुट करने के लिए एवं किसानों को उनके हकों की लडाई लडने तथा किसानों को उनका बकाया गन्ना मूल्य दिलाये जाने की मांग उठाने को पहुंचे अधिकार धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व सेनाध्यक्ष जरनल वीके सिंह ने किसान सेना बनाये जाने की बात कहते हुए किसानों को किसान सेना में बढ-चढकर हिस्सा लेने की अपील कर किसानों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ मजबूती के साथ अवाज उठाये।
पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने अधिकार धरने पर किसानों से खचाखच भरे कमीशनरी पार्क में किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वीएम सिंह आपके लिए लडाई लड रहा है। वीएम सिंह ने कोर्ट से आदेश लिया है। उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि किसानों को जात पात, धर्म जाति भूलकर एक हो संगठित हो जाना चाहिए। यदि आप एक नहीं हुए तो राजनेता आपको जातपात धर्म जाति के नाम पर बांटकर आपको लडाते रहेंगे और आपके हकों को डकारते जायेंगे। उन्होंने कहा कि आप संगठित हांेंगे तो आपको आपके हक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि किसान की कोई जात नहीं होगी कोई धर्म नहीं होता है किसान किसान है। चाहे वह छोटा हो या फिर बडा। उन्होंने कहा कि जब तक आप हाथ की मुठ्ठी की तरह संगठित होकर मजबूत नहीं बनते हो तब तक आपका अधिकार आपको नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि आप जायज मांग को लेकर लड रहे है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसानों का यह हाल है तो इस देश का यही हाल रहेगा। उन्होंने कहा कि आपकी संगठित शक्ति कोई कम नहीं है। जिस दिन आपकी संगठित शक्ति सबके सामने आयेगी उस दिन आपका हक आपको मिल जायेगा।
वीएम सिंह ने हेलीकॉप्टर घोटाले पर बोलते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर सौदे में 400 करोड रूपये खा गये। उन्होंने कहा कि पैट्रोल के दाम आज इसलिए बढ रहे है क्योंकि देश में रिलेयन्स के बंद पडे पैट्र®ल पम्प चालू हो जायें। उन्होंने सरकार से आहवान किया कि यदि सरकार जनता के लिए इतना सोचती है तो सरकार को टैक्स कम कर देना चाहिए महंगाई अपने आप कम हो जायेगी।
उन्होंने कहा कि अब किसान सेना का बनाना जरूरी हो गया है। किसान सेना भ्रष्टाचार व अन्य किसानों के हकों के लिए काम करें।
उन्होंने कहा कि आज देश की फौज में 98 फीसदी लोग किसान है। उन्होंने कहा कि अगर आपको अपने लिए कुछ करना है तो ऐसे लोगों को सत्ता में लाना होगा जो आपके बीच से हो आपके बीच से चुनकर सांसद, विधायक बने हो जो आपके हकों की बात करते हो। उन्होंने कहा किसान तो बंजर भूमि को सोना बना देता है। ये किसानों की ही ताकत है। उन्होंने का कि सपने चाहे पूरे हो या ना हो परंतु संकल्प लेकर ही यहां से जाओ।
किसान सेना में होगी सबकी भर्ती
पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह से जब पत्रकारों ने पूछा कि किसान सेना का गठन कब किया जायेगा तो उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है जल्द ही किसान सेना का गठन किया जायेगा। जब उनसे पूछा गया कि किसान सेना के अंदर कि कैसे व्यक्तियों को भर्ती कियाा जायेगा तो उन्होंने कहा कि किसान सेना के अंदर सभी व्यक्तियों को भर्ती किया जायेगा चाहे वह पढा लिखा हो या ना हो हव किसानों के हितों की बात करने वाला तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई लडने वाला हो।

Monday, February 25, 2013

भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद, लाखों रूपये की 146 पेटी अवैध शराब पकड़ी


मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। हरियाणा से गन्ने से भरी टैªक्टर ट्राली मंे छिपाकर लाई जा रही 146 पेटी अंग्रेजी शराब सहित हरियाणा प्रान्त के सोनीपत निवासी तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने मंे सफलता प्राप्त की। उक्त टैªक्टर ट्राली बुढ़ाना बाईपास के समीप पकड़ी गई।
आबकारी विभाग के सिटी इंचार्ज रिजवान अहमद के अनुसार आबकारी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि बुढ़ाना रोड बाईपास के समीप आ रही गन्ने से लदी टैªक्टर ट्राली में हरियाणा के सोनीपत जिले से तस्करी कर लाई जा रही अंग्रेजी शराब की 146 पेटी बरामद की हैं। पुलिस ने मौके से तीन बदमाशांे को गिरफ्तार किया है। आबकारी टीम पकडे़ गए बदमाशो से पूछताछ मंे लगी है।

बिजेन्द्र हलवाई के हत्यारे पुलिस ने दबोचे, तमंचे व कारतूस बरामद


मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)।
रूपयों के लेन देन के चक्कर मंे की गई बिजेन्द्र पाल हलवाई हत्याकांड मंे उस समय बड़ी सफलता हाथ लग गई जब सिविल लाईन पुलिस ने दो हत्यारोपियों को धर दबोचा। उनकी निशानदेही पर हत्या मंे प्रयुक्त तमंचे व कारतूस बरामद कर लिए जबकि एक हत्यारोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
थाना सिविल लाईन मे आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि 11 जुलाई 2012 की रात्रि लगभग नौ बजे कच्ची सड़क निवासी हलवाई बिजेन्द्र पाल की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब वह अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। बिजेन्द्र पाल हलवाई की हत्या से क्षेत्र मंे सनसनी फैल गई थी। बिजेन्द्र हत्याकाण्ड पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था क्योंकि लगभग सात माह बीत जाने के बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ मंे नहीं आ पा रहे थे। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने आदेश जारी किए थे कि लम्बित सभी मामलो का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। जिसके चलते सीओ सिटी संजीव वाजपेयी व एसओ सिविल लाईन कमल सिह यादव ने इस सम्बन्ध मंे की गई कार्यवाही के दौरान गत रात्रि इन्दिरा कालोनी निवासी सोनू पुत्र चन्द्रभान को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान सोनू ने बताया कि उस पर बिजेन्द्र पाल के एक लाख नब्बे हजार रूपये कमेटी के पैसांे की देनदारी थी। इन पैसांे को हजम करने के लिए उसने इन्दिरा कालोनी निवासी किराये के शूटर अजय शर्मा व रवि पुत्र राजकुमार को पैंतालिस हजार रूपये सुपारी देकर बिजेन्द्र पाल हलवाई की हत्या करवा दी थी। पुलिस ने शूटर अजय शर्मा को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व खोखे बरामद किए हैं। एसएसपी ने सिविल लाईन पुलिस को गुडवर्क के लिए पांच हजार रूपये ईनाम की घोषणा की। प्रेसवार्ता में सीओ सिटी संजीव वाजपेयी, एसओ सिविल लाईन कमल यादव तथा एसओजी टीम के सदस्य मौजूद रहे।

मेलानी लाफनर ने जीता आईटीएफ टूर्नामेंट, आस्ट्रियाई खिलाड़ी ने दी यूक्रेन की वेरानिक को मात, डबल्स फाइनल में थाई जोड़ी विजयी

विजेताओं को राज्यमंत्री चितरंजन ने किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। 25000 डालर ईनामी आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट के सिंगल्स फाइनल में आस्ट्रिया की मेलानी लाफनर ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए युक्रेन की वेरोनिका कपशे को मात दी। वहीं डबल्स फाइनल में थाईलैंड की निचा व थाईलैंड की ही पेंगतरन ने यूक्रेन की वेरानिका कपशे व पौलेंड की जुस्सायाना को टाईब्रेकर तक खिंचे सांस थाम देने वाले मुकाबले में 4-6, 6-3 तथा 10-8 से हराकर ट्राफी पर कब्जा किया। विजेताओं को राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप, सपा नेता वीरेन्द्र सिंह तथा एडीजी एनसीआर ओपी सिंह ने पुरस्कार राशि तथा ट्राफियां दी। सर्विसेज क्लब मैदान के खूबसूरत ग्रास कोर्ट पर आज सुबह महिला सिंगल्स के दोनों सेमीफाइनल खेले गये। पहले सेमीफाइनल में यूक्रेन की वरोनिका कपशे ने पिछली बार की विजतता तादेजा मैजरिक को एकतरफा मुकाबले में 6-4 व 6-2 से मात दी। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में भी आस्ट्रिया की मेलानी लाफनर ने थाइलैंड की नोपावन को 6-1 व 6-2 से मात दी।
सर्विस क्लब मैदान पर भावना स्वरूप महिला टेनिस टूर्नामेंट के मैदान पर अंतिम दिन कई रोमांचक मैच देखने को मिले। कोर्ट नम्बर तीन पर हुए एकल सेमीफाइनल में स्लोवानिया की तदेजा मैजरिक को यूक्रेन की बेरोनिका कप्से की जोरदार भिडंत हुई जिसमें यूक्रेन की बेरोनिका ने तदेजा मैजरिक को 6-4, 6-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरे मैच में आस्ट्रिया की मेलानी कलपफेरनर ने थाईलैन्ड की नोपावन को 6-1, 6-2 से हराकर एकल फाइनल में प्रवेश किया। पफाइनल के एकल में आस्ट्रिया की मेलानी कलपफेनर ने यूक्रेन की बेरोनिका कप्से को हराकर एकल के पफाइनल में विजय प्राप्त की। पफाइनल डब्ल्स में थाइलैंड की नीचा व थाईलैंड की ही पेंगतरण एवं पोलैंड की जुत्स्याना व यूक्रेन की वोरेनिका कप्से के बीच समाचार लिखे जाने तक संघर्षपूर्ण मैच जारी था। अतिथियों राज्यमंत्राी चितरंजन स्वरूप, पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह, एडीजीपी एनसीआर ओपी सिंह, डा. कश्मीर सिंह, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अध्ीक्षक नितिन तिवारी आदि ने विजेता खिलाड़ियों को ट्राफी एवं नगद धनराशि भेट की। आज के मुकाबलों को देखने के लिए सर्विस क्लब में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्रा मौजूद रहे। आयोजन समिति के सचिव रविन्द्र चौधरी के अलावा डा. राजेश गर्ग, आलोक स्वरूप, अजय पालीवाल, अमरीश जैन, अमित प्रकाश, समर्थ प्रकाश, अवध्ेश गोपाल, अशोक अग्रवाल, भारत भूषण गर्ग, अजय अग्रवाल, गौरव स्वरूप, केपी सिंह, नीरज कुमार, प्रमोद कुमार, राघव स्वरूप, रमेश चंद गुप्ता, सतीश गोयल, सुनील सिंघल, गिरीश अग्रवाल, अक्षय कुमार, अजय जैमिनी, अशरफ शरीफ खान, महेश कुमार, रजनीश अग्रवाल, एके आत्रेय, अशोक सरीन, भीम सिंह, डा. अनिल सिंह, डा. देवंेद्र मलिक, डा. जेएस तोमर, डा. एसएन गौड, डा. हेमन्त, डा. मनोज काबरा, डा. विनीत मनोचा, जावेद कमर, लव गर्ग, मनु मलिक, ओमकार राणा, प्रेम कुमार, राकेश राज, डा. वशिष्ठ भारद्वाज, डा. संजीव, विजय वर्मा, पीटीआई अक्षय चौधरी, योगेंद्र मलिक मौजूद रहे।

गन्ना बकाया की मांग को लेकर मेरठ कमिश्नरी घेरेंगे किसान

मंगलवार से किसान मजदूर संगठन के बैनर तले होगा आंदोलन

मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। केन्द्र सरकार द्वारा रंगराजन कमेटी की रिपोर्ट सही तरह से लागू नहीं करने एवं राज्य सरकार द्वारा उच्च एवं उच्चतम न्यायालयों के आदेशों के बावजूद गन्ना किसानों को उनका बकाया न दिलाये जाने पर मंगलवार 26 फरवरी से मेरठ कमिश्नरी पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने जा रहा है। जिसमें जनपद के सैंकड़ों किसान भी अपने मवेशियों के साथ भागेदारी करेंगे।
केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के ढुलकुल रवैये के कारण किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। किसानों के लिए यह वक्त अपने खेतों में काम करने का था लेकिन अपने हकों पर डाका पड़ता देख किसान मेरठ में अनिश्चितकालीन आंदोलन करने जा रहे हैं। केन्द्र सरकार चीनी मिल स्वामियों के हित पूरे करने में लगी हुई है और रंगराजन कमेटी की रिपोर्ट को धीरे धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू करना चाहती है जो केन्द्र सरकार ने दिल्ली में चार दिसम्बर को जंतर मंतर पर हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के विशाल प्रदर्शन को देखते हुए रोक दी थी। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर चेताया था कि अगर दो हफ्ते में कोर्ट के आदेशों का पालन राज्य सरकार नहीं करा पाई तो किसानों को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन द्वारा दायर किये गये वादों का निस्तारण करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने दो अलग-अलग आदेश कर किसानों के हितों की रक्षा की थी। मगर राज्य सरकार ने अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया। 29 अगस्त 2011 को लखनऊ बैंच ने आदेश दिया था कि वर्ष 2009-10 के लिए किसानों को 260 रुपये प्रति कुंतल की दर से भुगतान किया जाये। ज्ञात रहे कि उक्त वर्ष गन्ना किसानों को अलग-अलग रेट दिया गया था। किसानों को 185 रुपये प्रति कुन्तल से 290 रूपये प्रति कुन्तल तक गन्ना रेट प्राप्त हुआ था। ऐसे मंे जिस भी किसान को जिस पर्ची पर 260 रूपये प्रति कुन्तल से कम रेट मिला उतने अंतर का भुगतान किसानों को किया जाये। दूसरा आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि चौदह दिनों में भुगतान न दिये जाने पर गन्ना किसानों को पन्द्रह फीसदी ब्याज दिया जावे। सरकार दोनों आदेशों की तामील नहीं करा पाई है।
गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर अरबों रूपया बकाया है उनका लाखों करोड़ों का भुगतान रोका हुआ है। ऐसी विभिन्न मांगों के साथ किसान मेरठ कमिश्नरी का घेराव कर लम्बा आंदोलन चलाने को तैयार है। इस आंदोलन में किसान नेता सरदार वीएम सिंह के नेतृत्व में किसान लम्बी लड़ाई लड़ने के मूड़ में है। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी किसान आंदोलन में शिरकत करेंगे।। समाजसेवी अन्ना हजारे के भी आंदोलन में आने की संभावना है।
जनपद से युवा नेता विकास बालियान, डा. उदयवीर सिंह, श्यामलाल सिंह चेयरमैन, राजेन्द्र सिंह कामरेड, चौ. धर्मवीर राठी, चौ. तेजराम राठी आदि सैंकड़ों किसानों के साथ मेरठ कूच करेंगे।

दो बेटियों के साथ आत्मदाह किया


बिहार | बिहार के बेगूसराय जिले में अपने शराबी पति के व्यवहार से तंग आकर एक महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ आत्मदाह कर लिया. पुलिस अधीक्षक क्षत्रनील सिंह ने बताया कि मृतकों में बाबा टोला निवासी कपिलदेव चौधरी की पत्नी उषा देवी (35) और उनकी दो पुत्रियां सोनाली (7) और दो माह की सरस्वती शामिल हैं. पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्मोर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया है. इस घटना के बाद से चौधरी फरार है.
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नही बढेगा रेल किराया ।


नई दिल्‍ली | वित्‍त वर्ष 2013-14 के रेल बजट को पेश किए जाने में अब कुछ ही घंटे बचे हैं और सभी लोग इस बात को जानने के लिए काफी उत्‍सुक हैं कि क्‍या इस बार के बजट में उन पर रेल यात्रा के मद में और भार बढ़ेगा। जानकारी के अनुसार, इस बार रेल बजट में रेलवे किराया सीधे बढ़ने के आसार नहीं हैं। इसे यात्रा के विभिन्‍न मदों से जोड़कर बढ़ाया जाएगा। हालांकि, यह मामूली ही होगी। ज्ञात हो कि रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने करीब दो माह पहले ही रेलवे की खस्‍ता वित्‍तीय हालत का हवाला देकर रेल किराये में करीब 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
जानकारी के अनुसार, रेल टिकट के दलालों पर अंकुश के लिए इसे आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। वहीं, रेलवे टिकट पर बार कोडिंग की भी तैयारी की जा रही है। ताकि इसकी दलाली कम से कम हो सके और इसका दुरुपयोग न हो। इसके अलावा, 800 रेलवे स्‍टेशन पर पे और यूज टॉयलेट बनाने की तैयारी है। करीब पांच रुपये में रेल यात्री इसका लाभ ले सकेंगे।
इसके अलावा, रेल बजट में सफाई और महिला सुरक्षा पर जोर रहेगा। फ्यूल एडजस्‍टमेंट चार्ज के साथ साथ दूसरे सरचार्ज लगाए जा सकते हैं। इस बार रेल बजट में संभावना है कि कई नई ट्रेनों को चलाए जाने की घोषणा की जाएगी। वहीं, रेलवे के सर्वर को सेटेलाइट से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में रेल यात्रियों को टिकट बुक कराने में सहूलियत होगी। गौर हो कि रेल मंत्री पवन कुमार बंसल मंगलवार को संसद में रेल बजट पेश करेंग
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मास्टर विजय के धरने को सत्रह वर्ष पूरे, लिम्बा बुक के नये संस्करण में मास्टर का धरना हुआ अंकित

मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)।  भ्रष्टाचार एवं भू-माफियाओं के विरूद्ध गत 17 वर्षाे से लगातार धरनारत् मास्टर विजय सिह के धरने को लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस ने अपने 2013 के सस्करण में भी दर्ज किया। इससे पूर्व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस ने उक्त अहिंसात्मक धरने को सन् 2011 में दर्ज किया था। लिमका बुक ऑफ रिकॉर्डस द्वारा जारी प्रमाण पत्र मास्टर विजय सिह को कोरियर से मिला है। इस अहिंसात्मक धरने को 17 वर्ष मंगलवार (आज) को पूरे हो रहे हैं। 
ज्ञात रहें भ्रष्टचार और भूमाफिआयों के विरूद्ध मास्टर विजय सिह गांधीवादी धरना 26 फरवरी 1996 मंे शुरू हुआ था। धरने के माध्यम से मास्टर विजय सिह की मांग थी कि उनके गांव की लगभग डेढ़ सौ करोड़ रूपये की चार हजार बीघे सार्वजनिक भूमि भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराकर प्रशासन उसे सार्वजनिक कार्याें हेतु अथवा गरीबों की सहायतार्थ बांटने की मांग को लेकर बैठे हुए है। मास्टर विजय सिह का मानना है कि प्रदेश के लगभग सभी गांव एवं शहरांे में इस तरह की जमीन काफी मात्रा में है जो भ्रष्टाचार के तहत भ्रष्ट अधिकारियों व नेताआंे की मिलीभगत से अवैध कब्जे की शिकार हो गयी है। आज भी जनपद शामली एवं मुजफ्फरनगर में लगभग सात लाख बीघे भूमि पर अवैध कब्जा है। जिससे कब्जा हटवाने की मांग लगातार उठती रही है। मास्टर विजय सिंह के प्रकरण में अभी तक 3200 बीघे भूमि पर अवैध कब्जों की पुष्टि विभिन्न जांचों में हो चुकी है तथा तीन सौ बीघे भूमि अवैध कब्जे से मुक्त भी कराई जा चुकी है। चौबीस घंटे सर्दी, गर्मी बरसात में चल रहे मास्टर विजय सिह के धरने के परिणाम स्वरूप एक सौ छत्तीस मुकदमे दर्ज कराये गये तथा इक्सायी हजार रूपये राजकोष में जमा हुए शेष भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु उक्त अहिंसात्मक संघर्ष जारी है। हालांकि आर्थिक तंगी एवं असुरक्षा के कारण उक्त 136 मुकदमों की पैराकारी बाधित है।
दिनंाक 28 अप्रेल 2012 को मास्टर विजय सिह ने लगातार उन्नीस दिनों की पद यात्रा कर उक्त प्रकरण में प्रदेष के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी से लखनऊ में भेज की थी। जिसमें उन्होने अपने गांव एवं प्रदेश के अन्य समस्त गांवो की सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की थी। जिस हेतु माननीय मुख्यमंत्री ने एक जांच समिति गठित की थी।
मंगलवार 26 फरवरी को मास्टर विजय सिह को कलक्टेªट में धरना देते हुए 17 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉडर्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डस अपने संस्करणों में दर्ज कर चुका है।

पीएफ पर ब्याज दर में बढ़ोतरी

नई दिल्ली: देश के करीब पांच करोड़ कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने सौगात दी है.ईपीएफओ ने अपने पांच करोड़ अंशधारियों को पीएफ जमा पर वित्त वर्ष 2012-2013 के लिए 8.05 फीसदी ब्याज देने का फैसला लिया है. अब तक पीएफ खाते पर 8.25 फीसदी ब्याज मिल रहा था. यानी इस साल से आपको पीएफ खाते में जमा राशि पर चौथाई फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा. 
 
ईपीएफओ के आकलन के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 8.5 फीसदी ब्याज देने पर भी उसके पास 4 करोड़ 13 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध रहेगी. ईपीएफओ ने जो नोट तैयार किया था, उसमें वित्त वर्ष 2012-13 के लिए साढ़े आठ फीसदी ब्याज को व्यावहारिक बताया गया था. 
 
ईपीएफओ का फैसला लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में इसी नोट के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के लिए साढ़े आठ फीसदी ब्याज देने का फैसला लिया गया. वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद ब्याज दर पर सरकार अधिसूचना जारी करती है. हालांकि ईपीएफओ साल की शुरूआत में ब्याज दर की घोषणा करता है लेकिन इस बार इसमें देरी हुई है.
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दिल्ली में दो संदिग्ध बैग मिले,एक में विस्फोटक

नई दिल्ली : दिल्ली के अलग-अलग दो इलाकों में संदिग्ध बैग मिलने से हड़कंप मच गया. पहला संदिग्ध बैग कैंट इलाके में स्थित बेस हॉस्पिटल के पास मिला, जिसमें विस्फोटक भरा था, इसे डिफ्यूज कर दिया गया. वहीं दूसरा संदिग्ध बैग ग्रेटर कैलाश-1 के एम ब्लॉक मार्केट में मिला. हालांकि राहत की बात ये रही कि इस बैग में किसी तरह का विस्फोटक नहीं था. जांच के बाद बम निरोधक दस्ते ने इस बात की पुष्टि की.
वहीं दिल्ली के कैंट इलाके में स्थित बेस हॉस्पिटल के पास विस्फोटक से भरा बैग को एक बाइक सवार फेंक कर फरार हो गया. जिसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील किर दिया. ये खबर मिलते ही बम निरोधक दस्ता और एनएसजी की टीम मौके पर पहुंच गई और बम को डिफ्यूज कर दिया. अभी तक उस बाइक सवार के बारे में कोई पता नहीं चल पाया है.
पुलिस छानबीन में जुट गई है. पिछले हफ्ते में हैदराबाद में हुए बम धमाके के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां बिल्कुल सतर्क हो गई है.
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