मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए चीनी मिलें जल्द चलाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को प्रेषित एक ज्ञापन में बताया कि विगत वर्षो में अक्टूबर माह से ही प्रदेश में गन्ना मिले चलनी शुरू हो जाती थी जबकि इस वर्ष नवम्बर का महीना आ चुका है किंतु प्रदेश में अभी तक चीनी मिलें अभी तक शुरू नहीं हुई हैं। इसके चलते गन्ने की पेराई शुरू नहीं हुई है जिससे कर्ज के बोझ में डूबे गन्ना किसान की आर्थिक स्थिति और बदतर हो रही है। चीनी मिलों के न चलने तथा गन्ने की पेराई शुरू न होने का नकारात्मक प्रभाव गेहूं की बुआई पर भी पड़ेगा क्योंकि गन्ने के खेत खाली होने पर ही गेहूं की बुआई संभव हो सकेगी। मजदूरी, खाद, डीजल तथा बिजली के मूल्यों में इस फसल वर्ष ने लगभग पच्चीस प्रतिशत की वृद्धि हुई है जिसके चलते गन्ने का लागत मूल्य भी बढ़ गया है। इस लागत मूल्य वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य तुरंत घोषित करे। किसान के साथ होने वाले हर अन्याय का दुष्प्रभाव राज्य की अर्थव्यवसथा पर पड़ेगा, क्योंकि गन्ने जैसी नकदी फसल राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय लोकदल मांग करता है कि प्रदेश में सभी चीनी मिले तुरंत चलवाकर गन्ने की पेराई शुरू कराई जाये तथा गन्ने की बढ़ी लागत को दृष्टिगत रखते हुए गन्ने का लाभकारी मूल्य तुरंत घोषित किया जाये। यदि इस विषय में शीघ्र ही कदम नहीं उठाया गया तो राष्ट्रीय लोकदल किसानों के साथ होने वाले इस अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगा बल्कि राज्य में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान भारतवीर, बालेश्वर त्यागी, संजय राठी, अजीत राठी, मनोज राही, हरेंद्र शर्मा, रामशरण कश्यप, उदयवीर, रजनी बाला, ब्रह्म सिंह, जगपाल सिंह, संजय सिंह कश्यप, नवीन कश्यप, राजू बाल्मीकि, प्रदीप कश्यप, आनंद, देवेंद्र, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
Friday, November 9, 2012
जिले के पूर्व एसपी बने एडीजी कानून व्यवस्था
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। नगर में पूर्व में एसपी के पद पर तैनात रहे अरूण कुमार को प्रदेश में अपर महानिदेशक कानून व्यवस्था बनाये जाने से प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर अंकुश लगेगा। अरूण कुमार 1990 के दशक में जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रह चुके हैं। जिले में कई उपलब्धियां उन्होंने अपने खाते में दर्ज करायी। इसके अलावा मेरठ के डीआईजी रहने के बाद उन्हंे प्रदेश में पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था बनाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इस पद पर उनके आने से प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधर होगा। गौरतलब है कि अरूण कुमार पहले ऐसे पुलिस अध्किारी है जिन्होंने प्रदेश में सर्विलांस सिस्टम लागू कराया। इसके अलावा उन्होंने एसटीपफ एवं एटीएस टीमों का भी गठन किया था। इसी का परिणाम है कि आज एक से एक कुख्यात बदमाश सर्विलांस के जरिये पुलिस गिरफ्त में आ जाते हैं। समाजसेवी देवराज पंवार, होतीलाल शर्मा, शाहिद लुहारी ने अरूण कुमार के एडीजी कानून व्यवस्था बनने पर खुशी जताई।
हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, राहगीरों से भिड़े अधिवक्ता
अधिवक्ताओं ने शिवचौक किया जाम
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर सैंकड़ों अधिवक्ताओं ने शिव चौक पर मुख्य मार्ग बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों द्वारा लगाये गये जाम से कई घंटे नगर के नागरिक हलकान रहे। बंद के दौरान वकीलों ने नागरिकों के साथ बदसलूकी भी की। बाइक सवार पिता पुत्र को वकीलों ने जमकर पीटा लेकिन पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। शिवचौक पर डेरा जमाये सीओ सिटी ने भी मामले की अनदेखी की।
बार संघ के जिलाध्यक्ष राजेश्वर दत्त त्यागी के नेतृत्व मे तथा महासचिव सुरेन्द्र सिंह मलिक की मौजूदगी में किए गए प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को सौंपे गए प्रार्थनापत्र के माध्यम से बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता एवं अधिवक्ता पश्चिम में उच्च न्यायालय की बैंच की स्थापना के लिए पिछले कई वर्षो से आंदोलनरत हैं। इस दौरान रास्ता जाम, रेल जाम, कचहरी बंद, पश्चिम उत्तर प्रदेश बंद, भूख हडताल और धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार को अवगत कराया जा चुका है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों व अध्विक्ताओं की मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार सस्ता व सुलभ न्याय की बात तो कहती है परन्तु यह नहीं सोचती कि आठ सौ किलोमीटर दूर जाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को किस तरह सस्ता और सुलभ न्याय मिल पायेगा। इस लिए जरूरी है कि जल्द से जल्द पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे उच्च न्यायालय की बैंच की स्थापना यथाशीघ्र की जाए। बंद में प्रणजय चौहान, कुलदीप सिंह पुंडीर, जबर सिंह राणा, निश्चल त्यागी, विनय राणा, यशपाल सिंह राठौर, सुभाष सैनी, अनुराग सिंह, प्रदीप मलिक, दीपक चौधरी, शानू मलिक, विक्रांत मलिक, रणधीर सिंह उर्फ चुन्नू, महीपाल सिंह वर्मा, गुलबीर सिंह, फिरोज अली राणा, संजीव जैन, मीनाक्षी शर्मा, दिनेश कुमारी, भारतवीर, जयकंवार जावला, चंद्रपाल सिरोही, प्रवीण कुमार उर्फ गुड्डू, प्रगति त्यागी, योगेन्द्र त्यागी, सतपाल त्यागी, नरेश चंद त्यागी, सहदेव त्यागी, अरविन्द राठी, विपिन राणा, अमित वर्मा, आशुतोष राठी, परवेन्द्र पंवार, मोनू त्यागी, सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुगंध जैन, ब्रजराज स्वरूप, अनिल आनंद, अशोक बालियान, पूर्व अध्यक्ष अनूप सिंह, सुदेश कुमार, रामअवतार सिंघल, जितेन्द्र कुमार, मानवेन्द्र जैन, राजपाल सिंह चाहल, चन्द्रपाल सिंह, प्रेमदत्त त्यागी, मेहरचंद गुप्ता आदि सैंकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
बार संघ के जिलाध्यक्ष राजेश्वर दत्त त्यागी के नेतृत्व मे तथा महासचिव सुरेन्द्र सिंह मलिक की मौजूदगी में किए गए प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को सौंपे गए प्रार्थनापत्र के माध्यम से बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता एवं अधिवक्ता पश्चिम में उच्च न्यायालय की बैंच की स्थापना के लिए पिछले कई वर्षो से आंदोलनरत हैं। इस दौरान रास्ता जाम, रेल जाम, कचहरी बंद, पश्चिम उत्तर प्रदेश बंद, भूख हडताल और धरना प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार को अवगत कराया जा चुका है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों व अध्विक्ताओं की मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार सस्ता व सुलभ न्याय की बात तो कहती है परन्तु यह नहीं सोचती कि आठ सौ किलोमीटर दूर जाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को किस तरह सस्ता और सुलभ न्याय मिल पायेगा। इस लिए जरूरी है कि जल्द से जल्द पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे उच्च न्यायालय की बैंच की स्थापना यथाशीघ्र की जाए। बंद में प्रणजय चौहान, कुलदीप सिंह पुंडीर, जबर सिंह राणा, निश्चल त्यागी, विनय राणा, यशपाल सिंह राठौर, सुभाष सैनी, अनुराग सिंह, प्रदीप मलिक, दीपक चौधरी, शानू मलिक, विक्रांत मलिक, रणधीर सिंह उर्फ चुन्नू, महीपाल सिंह वर्मा, गुलबीर सिंह, फिरोज अली राणा, संजीव जैन, मीनाक्षी शर्मा, दिनेश कुमारी, भारतवीर, जयकंवार जावला, चंद्रपाल सिरोही, प्रवीण कुमार उर्फ गुड्डू, प्रगति त्यागी, योगेन्द्र त्यागी, सतपाल त्यागी, नरेश चंद त्यागी, सहदेव त्यागी, अरविन्द राठी, विपिन राणा, अमित वर्मा, आशुतोष राठी, परवेन्द्र पंवार, मोनू त्यागी, सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुगंध जैन, ब्रजराज स्वरूप, अनिल आनंद, अशोक बालियान, पूर्व अध्यक्ष अनूप सिंह, सुदेश कुमार, रामअवतार सिंघल, जितेन्द्र कुमार, मानवेन्द्र जैन, राजपाल सिंह चाहल, चन्द्रपाल सिंह, प्रेमदत्त त्यागी, मेहरचंद गुप्ता आदि सैंकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
पीड़ित युवती का पिता आया बसपा विधायक के परिवार के समर्थन मंे मामले में आया नया मोड़
पिता ने ही पुत्री व पत्नी पर बदचलन का लगाया आरोप
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। बसपा विधायक के बेटे व उसके दो साथियों पर एक युवती द्वारा लगाये गये गैंग रेप के आरोप के मामले में आज उस समय नया मोड़ आ गया जब तथाकथित पीड़ित युवती के पिता बसेड़ा निवासी मौ. सलीम ने मीरापुर विधानसभा सीट से बसपा विधायक प्रतिनिधि के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी पुत्री व पत्नी के चाल चलन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त मां-बेटी का चाल चलन ठीक नहीं है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के थाना मीरांपुर छपार थाना क्षेत्र के ग्राम बसेडा निवासी मौ. सलीम ने बताया कि उसकी बेटी का भोकरहेड़ी के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध है। एक बार उनको आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ने पर उसकी पुत्री ने खुद उस पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए छपार थाने में मामला दर्ज करा दिया था। मौ. सलीम का कहना था कि उसकी पुत्री पिछले लगभग बीस दिनों से घर से फरा है। सलीम ने बताया कि इस मामले में विधायक के पुत्र एवं उसके दोस्तों का कोई संबंध नहीं है। उक्त मामला पूरी तरह से फर्जी है। कुछ लोगों द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर उसकी पुत्री से विधायक पुत्र एवं उसके दो साथियों पर गैंगरेप का झूठा आरोप लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस कचहरी परिसर में पहंुची एक युवती ने उस समय अपने बयान से सनसनी फैला दी थी जब एक बसपा विधयक के बेटे व भांजे सहित तीन लोगों पर उसने गैंगरैप का आरोप जड़ दिया था। उक्त युवती ने आरोप लगाया था कि उसकी मुलाकात बस में एक युवक से उस समय हुई थी जब वह अपनी मां के साथ नगर में आ रही थी। फोन में बैलेंस खत्म होने के कारण उसने उक्त युवक का फोन इस्तेमाल किया था। उसके बाद उक्त युवक ने युवती का फोन नम्बर व नाम पूछ लिया था। जिसके बाद उसने उक्त युवती से कईं बार सम्पर्क साधा था। युवती का आरोप था कि नौकरी दिलाने के बहाने कार मे अपने साथ बैठा कर ले गए युवकों ने पहले उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाया तथा इसके बाद विधायक लिखी उक्त कार को एक सुनसान जगह ले जाकर बारी बारी से उसके साथ रेप किया था।
आरोपी युवती के पिता सलीम द्वारा विधायक परिवार के पक्ष में बयान देने से इस मामले में नया मोड आ गया है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के थाना मीरांपुर छपार थाना क्षेत्र के ग्राम बसेडा निवासी मौ. सलीम ने बताया कि उसकी बेटी का भोकरहेड़ी के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध है। एक बार उनको आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ने पर उसकी पुत्री ने खुद उस पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए छपार थाने में मामला दर्ज करा दिया था। मौ. सलीम का कहना था कि उसकी पुत्री पिछले लगभग बीस दिनों से घर से फरा है। सलीम ने बताया कि इस मामले में विधायक के पुत्र एवं उसके दोस्तों का कोई संबंध नहीं है। उक्त मामला पूरी तरह से फर्जी है। कुछ लोगों द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर उसकी पुत्री से विधायक पुत्र एवं उसके दो साथियों पर गैंगरेप का झूठा आरोप लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस कचहरी परिसर में पहंुची एक युवती ने उस समय अपने बयान से सनसनी फैला दी थी जब एक बसपा विधयक के बेटे व भांजे सहित तीन लोगों पर उसने गैंगरैप का आरोप जड़ दिया था। उक्त युवती ने आरोप लगाया था कि उसकी मुलाकात बस में एक युवक से उस समय हुई थी जब वह अपनी मां के साथ नगर में आ रही थी। फोन में बैलेंस खत्म होने के कारण उसने उक्त युवक का फोन इस्तेमाल किया था। उसके बाद उक्त युवक ने युवती का फोन नम्बर व नाम पूछ लिया था। जिसके बाद उसने उक्त युवती से कईं बार सम्पर्क साधा था। युवती का आरोप था कि नौकरी दिलाने के बहाने कार मे अपने साथ बैठा कर ले गए युवकों ने पहले उसे कोई नशीला पदार्थ खिलाया तथा इसके बाद विधायक लिखी उक्त कार को एक सुनसान जगह ले जाकर बारी बारी से उसके साथ रेप किया था।
आरोपी युवती के पिता सलीम द्वारा विधायक परिवार के पक्ष में बयान देने से इस मामले में नया मोड आ गया है।
Thursday, November 8, 2012
अलग तेलंगाना राज्य के लिए छात्र ने दी जान
हाईकोर्ट ने दी अजहर को राहत
हैदराबाद. आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को गलत ठहराया है। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब तक बीसीसीआई इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं करता है, तब तक अब उन पर लगा बैन रद माना जाएगा।
कोर्ट के फैसले पर अजहर ने कहा है कि सब्र का फल मीठा होता है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अब मैं क्रिकेट खेल पाऊंगा। मेरी किस्मत में 99 टेस्ट मैच खेलना ही लिखा था। जो होना था, वह हो गया। आज मैं बहुत खुश हूं।' बीसीसीआई ने कहा है कि उसकी ओर से कोर्ट के आदेश का अध्ययन किया जाएगा।
अलग तेलंगाना राज्य के लिए छात्र ने दी जान
अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर हैदराबाद में 20 वर्षीय एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। संतोष ने उस्मामानिया विश्विद्यालय कैंपस में पेड़ से लटक कर जान दे दी।
उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वो अलग तेलंगाना बनने की सारी उम्मीद खो चुका था और जान देना ही एक मात्र विकल्प लगा और उसने खुद को फांसी से लटका दिया।
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किसने हर पल अटकाई आडवाणी की राजनीतिक गाड़ी ?
जब अटल जी ने अपनी सक्रियता कम कर दी तो दोनों के बीच होड़ बढ़ गयी। एक प्रधानमंत्री बनना चाहता है, तो दूसरा उन्हें उसे कुर्सी से दूर रखने के लिए हर पल चक्रव्यूह रचता है. वर्चस्व की यह लड़ाई उतनी ही पुरानी है, जितनी बीजेपी की उम्र है। दोनों पार्टी के क़द्दावर नेता हैं। दोनों के अपने-अपने समर्थक हैं। दोनों को लगता है उनके बिना पार्टी अब तक ख़त्म हो चुकी होती। पार्टी में जितनी भी खामियां हैं, वे दूसरे की वजह से हैं। यही दोनों एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं।
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कांग्रेस ने मोदी को तो वीके सिंह ने नेताओं को कहा 'कुत्ता' कांग्रेस ने मोदी को तो वीके सिंह ने नेताओं को कहा 'कुत्ता'
नई दिल्ली। जैसे जैसे चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं, नेताओं की
जुबान से अपशब्द निकलने शुरू हो गए हैं। इस बार इस लिस्ट में कांग्रेस
के एक वरिष्ठ नेता का नाम जुड़ गया है। गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष
अर्जुन मोढ़वाडिया ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बंदर कहा है।
हालांकि मोढ़वाडिया सिर्फ बंदर कहकर ही नहीं रुके। एक अन्य चुनावी सभा
में नरेंद्र मोदी को पागल कुत्ता करार दे दिया। मोढ़वाडिया ने कहा,
'नरेंद्र मोदी पागल कुत्ता हो गया है। पागल कुत्ता जब काटे तो 14 इंजेक्शन
लगवाने पड़ते हैं। लेकिन आपको ये इंजेक्शन लगवाने की जरूरत नहीं है। आप बस
पंजे के निशान पर वोट डालिए मोदी को इंजेक्शन लग जाएगा।'
वहीं बिहार के आरा पहुंचे पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने तो सभी नेताओं पर चुटकी लेते हुए उन्हें कुत्ते की दुम करार दे दिया।
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग ने भी मोदी की तुलना बंदर से की
थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तुलना शेर से करते
हुए कहा कि बंदर पेड़ पर चढ़कर शेर को कहता है ऊपर आओ। लेकिन बंदर कभी शेर
नहीं बन सकता।
नरेंद्र मोदी पर कांग्रेसियों के हमले उसी वक्त से जारी हैं, जब
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की एक चुनावी सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ
नेता और केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी।
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