मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। ब्लाक सचिव की कार्यप्रणाली से खिन्न ग्रामीणों ने पुलिस को तहरीर देते हुए कार्यवाही की मांग की। नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सरवट निवासी आसिफ पुत्र सलीम ने नई मंडी पुलिस को दी तहरीर मंे बताया कि डा. राममनोहर लोहिया योजना के तहत गांव गढ़ी सरवट मंे शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। आसिफ पुत्र सलीम का आरोप है कि कूकड़ा ब्लाक के सचिव रविन्द्र नागर कुछ ग्रामीणांे के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। जो उक्त योजना के तहत सिर्फ अपने मिलने वालो के लिए शौचालयों का निर्माण कार्य करा रहे हैं तथा जिन लोगांे के घरांे के बाहर फ्लैश के गड्ढे खोदे गए हैं इसके लिए उनसे जबरन दो हजार रूपये वसूले जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों मंे विरोध है। सभासद इरशाद ने आरोप लगवाया कि ब्लाक सचिव ने उनसे व गांव के अन्य जिम्मेदार लोगों से इस सम्बन्ध मंे कोई बात नहीं की। इरशाद का आरोप है कि सचिव की कार्यप्रणाली का विरोध करने पर सचिव ने अपने चार पांच साथियों के साथ मिलकर आसिफ के साथ मारपीट की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Sunday, December 2, 2012
पिता पुत्री की सड़क हादसे में मौत
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। रिश्तेदारी मंे हुई शादी मंे शामिल होने के बाद अपने गांव वापिस लौट रहे पिता पुत्री की सड़क हादसे मे मौत हो गई। आरोपी ट्रक चालक अपना ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हडकम्प मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद मेरठ के कस्बा सरधना क्षेत्र के गांव मुलहेड़ा निवासी राजेन्द्र उर्फ पप्पू अपनी सोलह वर्षीय बेटी पायल के साथ बाइक पर सवार होकर कांधला थाना क्षेत्र के गांव राजपुर छाजपुर निवासी अपने रिश्तेदारों के यहां शादी मे शामिल होकर आज सुबह जब शादी समपन्न होने के पश्चात राजेन्द्र उपर्फ पप्पू अपनी बेटी पायल के साथ बाइक पर सवार होकर अपने गांव मुलहेड़ा वापिस जा रहा था। जब ये पिता पुत्री बुढ़ाना थाना क्षेत्र के कांधला बुढ़ाना रोड स्थित पूर्व प्रधान मुन्ना के ईंट के भट्टे के समीप पहंुचे तभी इसी बीच सामने की ओर से तेज गति व लापरवाही के साथ आ रहे अज्ञात ट्रक चालक ने एक भैंसा बोगी वाले को ओवरटेक करने का प्रयास किया। जिसके चलते उक्त बोगी के पीछे से अचानक सामने आए बाइक चालक राजेन्द्र उर्फ पप्पू की बाइक को अपनी चपेट मे ले लेते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया। अधिक खून बह जाने के कारण पिता पुत्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर आरोपी ट्रक चालक अपने ट्रक को मौके पर छोड़कर वहां से भाग खड़ा हुआ। सड़क दुर्घटना मंे बाप बेटी की मौत हो जाने से ग्रामीणों मंे रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने मुआवजे तथा आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। कांधला बुढ़ाना मार्ग पर एक्सीडेंट मंे पिता पुत्री की मौत व जाम लगने की सूचना से पुलिस के हाथ पैर फूल गए। आनन फानन में सीओ बुढाना कर्मवीर सिंह तथा इंस्पैक्टर बुढाना शोएब खान व अन्य पुलिस बल मौके पर पहंुच गया। जहां पहुचने पर ग्रामीणो की पुलिस के साथ तीखी झडपें हुई। पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में मिले कागजात के आधार पर हुई शिनाख्त के पश्चात पुलिस ने उनके परिजनो को घटना से अवगत कराया। एक साथ दो मौत हो जाने से क्षेत्र मे हडकम्प मच गया। पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणो को बामुश्किल समझा बुझाकर जाम खुलवाया तथा ग्रामीणो की मौजूदगी मंे शवांे का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भिजवा दिया। मृतकों के परिजनों ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्यवाही की मांग की।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद मेरठ के कस्बा सरधना क्षेत्र के गांव मुलहेड़ा निवासी राजेन्द्र उर्फ पप्पू अपनी सोलह वर्षीय बेटी पायल के साथ बाइक पर सवार होकर कांधला थाना क्षेत्र के गांव राजपुर छाजपुर निवासी अपने रिश्तेदारों के यहां शादी मे शामिल होकर आज सुबह जब शादी समपन्न होने के पश्चात राजेन्द्र उपर्फ पप्पू अपनी बेटी पायल के साथ बाइक पर सवार होकर अपने गांव मुलहेड़ा वापिस जा रहा था। जब ये पिता पुत्री बुढ़ाना थाना क्षेत्र के कांधला बुढ़ाना रोड स्थित पूर्व प्रधान मुन्ना के ईंट के भट्टे के समीप पहंुचे तभी इसी बीच सामने की ओर से तेज गति व लापरवाही के साथ आ रहे अज्ञात ट्रक चालक ने एक भैंसा बोगी वाले को ओवरटेक करने का प्रयास किया। जिसके चलते उक्त बोगी के पीछे से अचानक सामने आए बाइक चालक राजेन्द्र उर्फ पप्पू की बाइक को अपनी चपेट मे ले लेते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया। अधिक खून बह जाने के कारण पिता पुत्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर आरोपी ट्रक चालक अपने ट्रक को मौके पर छोड़कर वहां से भाग खड़ा हुआ। सड़क दुर्घटना मंे बाप बेटी की मौत हो जाने से ग्रामीणों मंे रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने मुआवजे तथा आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। कांधला बुढ़ाना मार्ग पर एक्सीडेंट मंे पिता पुत्री की मौत व जाम लगने की सूचना से पुलिस के हाथ पैर फूल गए। आनन फानन में सीओ बुढाना कर्मवीर सिंह तथा इंस्पैक्टर बुढाना शोएब खान व अन्य पुलिस बल मौके पर पहंुच गया। जहां पहुचने पर ग्रामीणो की पुलिस के साथ तीखी झडपें हुई। पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में मिले कागजात के आधार पर हुई शिनाख्त के पश्चात पुलिस ने उनके परिजनो को घटना से अवगत कराया। एक साथ दो मौत हो जाने से क्षेत्र मे हडकम्प मच गया। पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणो को बामुश्किल समझा बुझाकर जाम खुलवाया तथा ग्रामीणो की मौजूदगी मंे शवांे का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर भिजवा दिया। मृतकों के परिजनों ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्यवाही की मांग की।
चावल से भरा लूटा गया ट्रक पकड़ा, सिविल लाईन पुलिस ने चैकिंग के दौरान पकड़ा ट्रक
630 बोरे चावल के लदे थे ट्रक में
प्राप्त समाचार के अनुसा जनपद के थाना सिविल लाईन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी क्राइम कल्पना सक्सेना ने बताया कि एसएसपी डा. बीबी सिंह के निर्देश पर चोरी की घटनाओं की रोकथाम व अपराधों पर नियन्त्रण हेतु चैकिंग करते हुए एसओ सिविल लाईन कमल सिंह यादव अपनी टीम के साथ रूडकी रोड पर मामूर थे तभी मेरठ रोड की ओर से एक ट्रक के ऊपर बैठा एक व्यक्ति पुलिस टीम को देख बचाओ बचाओ की तेज आवाज मे चिल्लाने लगा। जिसकी आवाज सुनकर मदद के लिए पहंुची पुलिस ने उक्त ट्रक को अलीना हास्पिटल के पास पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक क्लीनर नौशाद पुत्र अब्दूल गफ्फार निवासी कस्बा नगीना, जिला बिजनौर को सकुशल छुड़ाया तथा अभियुक्त दिलशाद पुत्र शाहबुदीन निवासी धौलड़ी थाना जानी मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से ट्रक यूके 04 सीए/0425 जिसमें चावलों से लदी 630 बोरियां बरामद की। जिनकी कीमत लगभग सोलह लाख रूपये है। एसपी क्राइम कल्पना सक्सेना ने बताया कि इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए चार बदमाश इरफान, कलवा निवासीगण बझेड़ा थाना धौलाना हापुड़ व दो अन्य अभियुक्त भागने मंे सफल रहे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं मंे मामला दर्ज कर लिया। पुलिस टीम को एसएसपी ने ईनाम का ऐलान किया है वहीं ट्रक क्लीनर नौशाद को भी पुलिस प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा।
डेढ़ वर्ष पूर्व अपह्त युवक का सुराग नहीं, पीड़ित पिता ने एसएसपी से लगाई गुहार
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। डेढ़ वर्ष पूर्व दो बदमाशों द्वारा किये गये किसान के पुत्र के अपहरण के बाद थाना पुलिस द्वारा उसका सुराग न लगा पाने से क्षुब्ध अपहृत युवक के परिजनों में पुंलिस प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। पीडित किसान एक बार अपने अपहृत पुत्र की बरामदी हेतु गुहार लगाने को एसएसपी कार्यालय पहुंच गया। एसएसपी को दिये प्रार्थना पत्र में किसान ने आरोप लगाया कि थाने में सूचना देने के बाद कइ बार एसएसपी के सामने भी गुहार लगाई किंतु पुलिस प्रशासन पिछले डेढ वर्ष से उसे आश्वासन ही दे रहा है और प्रवेश पिछले डेढ़ वर्ष से अपने बेटे मोहित की इंतजार कर रहा है क्योंकि अपहरणकर्ता बदमाशों की पुलिस में उठ बैठ बताई जा रही है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम गादला निवासी किसान प्रवेश कुमार त्यागी का तेईस वर्षीय पुत्र मोहित पिछले वर्ष चौदह मार्च को गायब हो गया था जिसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराने पर अगले दिन गांव के ही लोकेंद्र पुत्र दिलेराम व नैन सिंह कश्यप उर्फ अमरनाथ पंडित पुत्र सरूपा निवासी ग्राम रथेड़ी थाना नई मंडी ने मोहित को लाकर उसे दे दिया था किंतु दो दिन बाद ही मोहित सत्रह मार्च की सुबह जब दिशा शौच के लिए गया था तब दोबारा वह रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था जो लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद अभी तक वापस नहीं लौटा। गायब मोहित के पिता प्रवेश त्यागी के अनुसार नैन सिंह कश्यप उर्फ अमर नाथ पंडित ने तांत्रिक क्रिया करके उसके बेटे को अज्ञात स्थान पर रखा हुआ है क्योंकि उसने फोन करके उसे कहा है कि तुम्हारे लड़के मोहित को हम ही वापस लाकर दे सकते हैं। उक्त फोन के सम्बन्ध में मोहित के पिता प्रवेश ने एसएसपी को पूरा विवरण दिया था। एसएसपी ने सीओ जानसठ को इस मामले की जांच सौंपी थी। सीओ सुभाषचंद गंगवार ने दोनों ही आरोपियों को तलब किया है लेकिन दोनों अभियुक्त अभी तक सीओ जानसठ के सामने हाजिर नहीं हुए हैं। थाना भोपा के दरोगा राजेंद्र सिंह भडाना ने दोनों अभियुक्तों के मोबाइल काल्स की डिटेल निकलवाई है जिनमें इन्हें दोषी माना जा रहा है किंतु दोनों ही मुल्जिमानों की पुलिस से सांठगांठ बताई जा रही है। अपह्त मोहित के पिता प्रवेश को यकीन है कि उसका पुत्र इन दोनों ही अवैध हिरासत में है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम गादला निवासी किसान प्रवेश कुमार त्यागी का तेईस वर्षीय पुत्र मोहित पिछले वर्ष चौदह मार्च को गायब हो गया था जिसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराने पर अगले दिन गांव के ही लोकेंद्र पुत्र दिलेराम व नैन सिंह कश्यप उर्फ अमरनाथ पंडित पुत्र सरूपा निवासी ग्राम रथेड़ी थाना नई मंडी ने मोहित को लाकर उसे दे दिया था किंतु दो दिन बाद ही मोहित सत्रह मार्च की सुबह जब दिशा शौच के लिए गया था तब दोबारा वह रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था जो लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद अभी तक वापस नहीं लौटा। गायब मोहित के पिता प्रवेश त्यागी के अनुसार नैन सिंह कश्यप उर्फ अमर नाथ पंडित ने तांत्रिक क्रिया करके उसके बेटे को अज्ञात स्थान पर रखा हुआ है क्योंकि उसने फोन करके उसे कहा है कि तुम्हारे लड़के मोहित को हम ही वापस लाकर दे सकते हैं। उक्त फोन के सम्बन्ध में मोहित के पिता प्रवेश ने एसएसपी को पूरा विवरण दिया था। एसएसपी ने सीओ जानसठ को इस मामले की जांच सौंपी थी। सीओ सुभाषचंद गंगवार ने दोनों ही आरोपियों को तलब किया है लेकिन दोनों अभियुक्त अभी तक सीओ जानसठ के सामने हाजिर नहीं हुए हैं। थाना भोपा के दरोगा राजेंद्र सिंह भडाना ने दोनों अभियुक्तों के मोबाइल काल्स की डिटेल निकलवाई है जिनमें इन्हें दोषी माना जा रहा है किंतु दोनों ही मुल्जिमानों की पुलिस से सांठगांठ बताई जा रही है। अपह्त मोहित के पिता प्रवेश को यकीन है कि उसका पुत्र इन दोनों ही अवैध हिरासत में है।
मुजफ्फरनगर से भी चलेंगे किसान संसद का घेराव करने
मुजफ्फरनगर। किसान को बर्बाद करने वाली किसान विरोधी रंगाराजन रिपार्ट के विरोध में हजारों की संख्या में किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय संयोजन सरदार वीएम सिंह व पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह के तत्वाधान में आयोजित दिल्ली में जमकर विरोध प्रदर्शन कर संसद का घेराव करेंगे। इस दौरान जहां पूरे भारत से किसान हिस्सा लेंगे। वहीं दूसरी ओर जनपद से भी कई बसों में सवार होकर आगामी चार दिसम्बर को करीब पांच सौ किसान दिल्ली पहुंचंेगे।
आज जाट कालोनी स्थित विकास बालियान के आवास पर हुई बैठक में इस बात पर चर्चा की गयी कि किसानों को किसी तरह से चार दिसम्बर को दिल्ली ले जाया जायेगा। इसके लिए मंसूरपुर शुगर चीनी मिल से श्यामपाल चेयरमैन, खतौली शुगर मिल से चौ. धर्मवीर राठी, मोरना शुगर मिल से चौ. यशपाल सिंह प्रधान रहमतपुर, तितावी शुगर मिल से राजेन्द्र सिंह कामरेड, बुढाना शुगर मिल से जितेन्द्र सिंह नौनागली, रोहाना चीनी मिल से बबलू छपार को जिम्मेदारी सौंपी गयी।
वक्ताओं ने बताया कि रंगाराजन कमेटी गन्ना किसानों को बर्बाद करने के लिए और चीनी मिलों को लाभ पहुंचाने के लिए बनायी गयी है। इस समिति का गठन 20 जनवरी 2012 को किया गया जिसमें 5 अक्टूबर 2012 को कागजी औपचारिकताएं पूरी कर अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। इस समिति में किसानों का प्रतिनिधित्व शून्य रहा। इस रिपोर्ट के लागू होने के बाद चीनी मिले कोल्हू की तरह हो जायेंगी। जिन पर प्रदेश सरकार का कोई नियन्त्रण नहीं रहेगा। चीनी के दामों में बेताहाश वृद्धि होगी। राज्य सरकार को गन्ना मूल्य निर्धारण करने का अधिकार समाप्त करा दिया जायेगा। किसान को केन्द्र द्वारा तय किया गया मूल्य मिलेगा जो इस वर्ष 170 रूपये प्रति कुन्तल है।
रंगाराजन कमेटी की रिपोर्ट में और भी कई विसंगतियां है।
कुछ किसान संगठन इस रंगाराजन रिपोर्ट का समर्थन भी कर रहे है। ये लोग किसान विरोधी है। इन लोगों का शुरू से ही यही अभिपार्य रहा है कि किसान जितना दुखी ओर परेशान रहेगा उतना ही इन संगठनों को लाभ रहेगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का मानना है कि किसान अपने पैरों पर खडा हो जाये। उसका कोई उत्पीडन न करें। जिस दिन किसान को किसी भी संगठन और यूनियन की आवश्यता नहीं रहेगी उसी दिन किसान खुशहाल होगा।
चीनी मिल मालिकों ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर किसानों को बर्बाद करने की रंगाराजन रिपोर्ट तैयार कराकर लागू कराने में जुटे है जिससे उत्तर प्रदेश के किसान बर्बाद हो जायेंगे तथा सडकों पर आ जायेंगे। रंगाराजन रिपोर्ट के लागू होते ही चीनी मिले किसानों की गन्ने की फसलों को कम रेट पर खरीदें और किसान चाहकर भी अपनी गन्ना फसल का उचित रेट नहीं ले पायेगा।
आज की बैठक का संचालन जितेन्द्र सिंह कुश्ती कोच और अध्यक्षता चौ. धर्मवीर राठी ने की। बैठक में चौ. तेजराम राठी, सतेन्द्र राठी, सुमित रहमतपुर, संदीप भोपा, धन सिंह भोपा, परवेन्द्र कुटबा, जितेन्द्र नौनांगली, संजय सिंह दूधाधारी खेडी, विराज तोमर, मनोज कुमार लाला, अंकित सिंह, अंकुर चौधरी, बिजेन्द्र सिंह, जावेद कसेरवा, कलीम अहमद त्यागी, जितेन्द्र राठी, परमिन्दर राठी, दिलावर चौधरी, विनोद चौधरी, वीरभान सिंह, नन्दकिशोर बरवाला, इमरान बरवाला आदि शामिल रहे।
तत्पश्चात विकास बालियान आदि मोरना, मंसूरपुर, खतौली, बुढाना, रोहाना आदि मिलों की ओर चार दिसम्बर को जतंर मंतर पर एक विशाल सभा का आयोजन होगा तत्पश्चात संसद का घेराव किया जायेगा। उम्मीद की जा रही है कि जंतर मंतर आयोजित सभा में कई पूर्व मुख्यमंत्री, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि व सामाजिक संगठन से जुडे लोग भी भाग लेंगे।
आज जाट कालोनी स्थित विकास बालियान के आवास पर हुई बैठक में इस बात पर चर्चा की गयी कि किसानों को किसी तरह से चार दिसम्बर को दिल्ली ले जाया जायेगा। इसके लिए मंसूरपुर शुगर चीनी मिल से श्यामपाल चेयरमैन, खतौली शुगर मिल से चौ. धर्मवीर राठी, मोरना शुगर मिल से चौ. यशपाल सिंह प्रधान रहमतपुर, तितावी शुगर मिल से राजेन्द्र सिंह कामरेड, बुढाना शुगर मिल से जितेन्द्र सिंह नौनागली, रोहाना चीनी मिल से बबलू छपार को जिम्मेदारी सौंपी गयी।
वक्ताओं ने बताया कि रंगाराजन कमेटी गन्ना किसानों को बर्बाद करने के लिए और चीनी मिलों को लाभ पहुंचाने के लिए बनायी गयी है। इस समिति का गठन 20 जनवरी 2012 को किया गया जिसमें 5 अक्टूबर 2012 को कागजी औपचारिकताएं पूरी कर अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। इस समिति में किसानों का प्रतिनिधित्व शून्य रहा। इस रिपोर्ट के लागू होने के बाद चीनी मिले कोल्हू की तरह हो जायेंगी। जिन पर प्रदेश सरकार का कोई नियन्त्रण नहीं रहेगा। चीनी के दामों में बेताहाश वृद्धि होगी। राज्य सरकार को गन्ना मूल्य निर्धारण करने का अधिकार समाप्त करा दिया जायेगा। किसान को केन्द्र द्वारा तय किया गया मूल्य मिलेगा जो इस वर्ष 170 रूपये प्रति कुन्तल है।
रंगाराजन कमेटी की रिपोर्ट में और भी कई विसंगतियां है।
कुछ किसान संगठन इस रंगाराजन रिपोर्ट का समर्थन भी कर रहे है। ये लोग किसान विरोधी है। इन लोगों का शुरू से ही यही अभिपार्य रहा है कि किसान जितना दुखी ओर परेशान रहेगा उतना ही इन संगठनों को लाभ रहेगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का मानना है कि किसान अपने पैरों पर खडा हो जाये। उसका कोई उत्पीडन न करें। जिस दिन किसान को किसी भी संगठन और यूनियन की आवश्यता नहीं रहेगी उसी दिन किसान खुशहाल होगा।
चीनी मिल मालिकों ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर किसानों को बर्बाद करने की रंगाराजन रिपोर्ट तैयार कराकर लागू कराने में जुटे है जिससे उत्तर प्रदेश के किसान बर्बाद हो जायेंगे तथा सडकों पर आ जायेंगे। रंगाराजन रिपोर्ट के लागू होते ही चीनी मिले किसानों की गन्ने की फसलों को कम रेट पर खरीदें और किसान चाहकर भी अपनी गन्ना फसल का उचित रेट नहीं ले पायेगा।
आज की बैठक का संचालन जितेन्द्र सिंह कुश्ती कोच और अध्यक्षता चौ. धर्मवीर राठी ने की। बैठक में चौ. तेजराम राठी, सतेन्द्र राठी, सुमित रहमतपुर, संदीप भोपा, धन सिंह भोपा, परवेन्द्र कुटबा, जितेन्द्र नौनांगली, संजय सिंह दूधाधारी खेडी, विराज तोमर, मनोज कुमार लाला, अंकित सिंह, अंकुर चौधरी, बिजेन्द्र सिंह, जावेद कसेरवा, कलीम अहमद त्यागी, जितेन्द्र राठी, परमिन्दर राठी, दिलावर चौधरी, विनोद चौधरी, वीरभान सिंह, नन्दकिशोर बरवाला, इमरान बरवाला आदि शामिल रहे।
तत्पश्चात विकास बालियान आदि मोरना, मंसूरपुर, खतौली, बुढाना, रोहाना आदि मिलों की ओर चार दिसम्बर को जतंर मंतर पर एक विशाल सभा का आयोजन होगा तत्पश्चात संसद का घेराव किया जायेगा। उम्मीद की जा रही है कि जंतर मंतर आयोजित सभा में कई पूर्व मुख्यमंत्री, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि व सामाजिक संगठन से जुडे लोग भी भाग लेंगे।
Saturday, December 1, 2012
गंगा सागर से गंगोत्री तक मानव श्रृंखला 02 दिसम्बर को
लखनऊ [शाश्वत तिवारी] अरबो रूपये खर्च होने के बाद भी गंगा की स्थिति जस की तस बनी रही। लाखो-करोड़ो लोगो की आस्था की प्रतीक गंगा दिनो-दिन प्रदूषित होती गई।
गंगा की निर्मलता को लेकर सरकार का रवयैया भी गैर जिम्मेदाराना रहा। गंगा की स्वच्छता के नाम पर करोड़ो रूपया खर्च किया गया परन्तु उसकी उपयोगिता को लेकर पर्यवेक्षण का काम ठीक ढ़ंग से नही हुआ। गंगा की निर्मलता के लिए राज्य व केन्द्र सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर देश हित में योजना बनानी चाहिए।
02 दिसम्बर को गंगा सागर से गंगोत्री तक बनने वाली मानव श्रृंखला में गंगा समग्र अभियान की संयोजक उमा भारती के नेतृत्व में कानपुर में और प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेई के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ में विधानसभा के सामने मानव श्रृंखला बना कर गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए संकल्प लेंगे। पार्टी ने मानव श्रृंखला की सफलता के लिए गंगा के तटों पर स्थित जिलो के अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधि विधायक व अन्य पार्टी पदाधिकारी 2 दिसम्बर को लखनऊ में आयोजित प्रदेश परिषद के सदस्य सम्मेलन मे सम्मिलित नही होंगे बल्कि बड़ी संख्या में अपने जनपदों में मानव श्रृंखला में अधिकाधिक लोंग जुटे इस प्रयास में लगंेगे। गंगा को अविरल व निर्मल धारा बनाने के लिए चलाये जा रहे गंगा समग्र अभियान को आम जन का भरपूर समर्थन व सहयोग मिला है।
गैर राजनैतिक अभियान के तहत गंगा को बचाने के लिए चलाये जा रहे इस अभियान में समाज के सभी वर्गो के लोगों ने हिस्सा लेकर गंगा को बचाने का संकल्प लिया है। गंगा समग्र अभियान के तहत 2 दिसम्बर को उ0प्र0, उत्तराखण्ड़, बिहार व बंगाल में एक साथ 12 बजे से गंगा को अविरल व निर्मल करने का संकल्प किया जायेगा।
गंगा की निर्मलता को लेकर सरकार का रवयैया भी गैर जिम्मेदाराना रहा। गंगा की स्वच्छता के नाम पर करोड़ो रूपया खर्च किया गया परन्तु उसकी उपयोगिता को लेकर पर्यवेक्षण का काम ठीक ढ़ंग से नही हुआ। गंगा की निर्मलता के लिए राज्य व केन्द्र सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर देश हित में योजना बनानी चाहिए।
02 दिसम्बर को गंगा सागर से गंगोत्री तक बनने वाली मानव श्रृंखला में गंगा समग्र अभियान की संयोजक उमा भारती के नेतृत्व में कानपुर में और प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेई के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ में विधानसभा के सामने मानव श्रृंखला बना कर गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए संकल्प लेंगे। पार्टी ने मानव श्रृंखला की सफलता के लिए गंगा के तटों पर स्थित जिलो के अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधि विधायक व अन्य पार्टी पदाधिकारी 2 दिसम्बर को लखनऊ में आयोजित प्रदेश परिषद के सदस्य सम्मेलन मे सम्मिलित नही होंगे बल्कि बड़ी संख्या में अपने जनपदों में मानव श्रृंखला में अधिकाधिक लोंग जुटे इस प्रयास में लगंेगे। गंगा को अविरल व निर्मल धारा बनाने के लिए चलाये जा रहे गंगा समग्र अभियान को आम जन का भरपूर समर्थन व सहयोग मिला है।
गैर राजनैतिक अभियान के तहत गंगा को बचाने के लिए चलाये जा रहे इस अभियान में समाज के सभी वर्गो के लोगों ने हिस्सा लेकर गंगा को बचाने का संकल्प लिया है। गंगा समग्र अभियान के तहत 2 दिसम्बर को उ0प्र0, उत्तराखण्ड़, बिहार व बंगाल में एक साथ 12 बजे से गंगा को अविरल व निर्मल करने का संकल्प किया जायेगा।
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200 करोड़ के लिए पोंटी की हत्या !
संपत्ति नामधारी और पोंटी
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक पुलिस को शक है कि पोंटी ने छापों से पहले सुखदेव सिंह नामधारी को 200 करोड़ रुपये दिए थे ताकि छापों के दौरान आयकर विभाग के हाथ कुछ भी न लगे. पुलिस को ये भी शक है कि जब पोंटी ने नामधारी से रकम वापस मांगी होगी तो नामधारी ने षडयंत्र रचकर पोंटी की हत्या कर दी होगी.
वहीं पोंटी चड्ढा ने नामधारी के नाम से उत्तराखंड में 50 करोड़ की संपत्ति भी खरीदी थी. हो सकता है कि नामधारी ने ही पोंटी को दिल्ली वाले फार्म हाउस पर कब्जे के लिए उकसाया हो ताकि पोंटी को बीच से हटाया जा सके.
वहीं देश के बाहर भी पोंटी चड्ढा ने जमीन खरीदी थी पुलिस ये भी खंगाल रही है कि कहीं इस संपत्ति में भी नामधारी का नाम तो नहीं है.
रिपोर्ट का इंतजार
वहीं पोंटी चड्ढा ने नामधारी के नाम से उत्तराखंड में 50 करोड़ की संपत्ति भी खरीदी थी. हो सकता है कि नामधारी ने ही पोंटी को दिल्ली वाले फार्म हाउस पर कब्जे के लिए उकसाया हो ताकि पोंटी को बीच से हटाया जा सके.
वहीं देश के बाहर भी पोंटी चड्ढा ने जमीन खरीदी थी पुलिस ये भी खंगाल रही है कि कहीं इस संपत्ति में भी नामधारी का नाम तो नहीं है.
रिपोर्ट का इंतजार
पोंटी चड्ढा को जो गोलियां लगीं क्या उनमें कोई गोली नामधारी की तो नहीं थी. इसलिए पुलिस को अब फॉरेंसिक और बैलिस्टिक रिपोर्ट का भी इंतजार है. पुलिस को ये भी शक है कि नामधारी ही पोंटी चड्ढा की अकूत संपत्ति के बारे में सारी जानकारी रखता
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