मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार श्रीवास्तव ने आदेश पारित करते हुए बताया कि संज्ञान में आया कि जनसेवा केंद्रों/लोकवाणी केंद्रांे से निर्गत किये जाने वाले जनसामान्य से संबंधित उद्धरण खतौली/आय प्रमाण पत्र/जाति प्रमाण पत्र/निवास प्रमाण पत्र व अन्य प्रमाण पत्रों को संबंधित विभागों द्वारा स्वीकार नहीं किया जा रहा है जबकि उक्त केंद्रों द्वारा जारी किये गये जाने वाले प्रार्थना/प्रमाण पत्रों को सक्षम अधिकारी/सम्बन्धित अधिकारी द्वारा अपने डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया जा रहा है जो आईटीएक्ट 2000 की धारा 3 एवं 3ए के अंतर्गत मान्य/वैध है। एडीएम ने समस्त जिला/तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनसेवा केंद्रों/लोकवाणी केंद्रों से निर्गत समस्त प्रमाण पत्र, जो डिजीटल हस्ताक्षरयुक्त हो तो तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाये। जनसेवा केंद्रो/लोकवाणी केंद्रों से निर्गत प्रमाण पत्रों का सत्यापन उत्तर प्रदेश शासन के वेबसाईट पर किया जा सकता है।
Saturday, December 1, 2012
सपा ने किया प्रदेश का इस्लामीकरण: ललित मोहन
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। शिवसेना ने प्रदेश की सपा सरकार पर प्रदेश के इस्लामीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी जिस प्रकार आतंकी गतिवधियों में लिप्त आतंकियों व हिंदू समुदाय की लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले मुस्लिम युवकों पर चल रहे मुकदमे समाप्त करने की साजिश रच रही है इससे जाहिर है कि आने वाले दिनों में मुस्लिम कट्टरवाद को और हवा मिलेगी।
पार्टी कार्यालय पर पदाधिकारियों की बैठक शिवसेना नेता ललित मोहन शर्मा ने वाराणसी, फैजाबाद, अयोध्या व रामपुर स्थित सीआरपीएफ कैम्प पर विस्फोट कर सैकड़ों निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेने की सपा सरकार की कोशिशों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सपा राष्ट्रविरोधी साजिश कर पुरजोर विरोध होगा और राज्यभर में सपा के मंत्रियों और सांसदों को उनके घरों पर ही घेरा जायेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिला प्रमुखों की अगले सप्ताह मेरठ में होने वाली बैठक में आगे की रणनीति तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने और मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति के चलते राज्य की सपा सरकार प्रदेश में इस्लामीकरण की तैयारी कर रही है और अपनी इन्हीं कोशिशों को कामयाब करने के लिए मुस्लिम अपराधियों, मुस्लिम आतंकियों, गौ हत्यारों और हिंदू वर्ग की लड़कियों को निशाना बनाने वाले मुस्लिम युवकों को निर्दोष बताकर उन्हें रिहा करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सपा सरकार की इस हिंदू विरोधी कृत्य के विरूद्ध तैयार रहने का आह्वान किया।
बैठक में मनोज सैनी, आनंद प्रकाश गोयल, नरेंद्र पंवार, रामशरण विश्वकर्मा, मुकेश त्यागी, देवेंद्र चौहान, रविंद्र आदि उपस्थित रहे।
रेल कॉरिडोर में जनपद का नाम नहीं आने से भाजपाई मायूस
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री नितिन मलिक ने बताया कि केंद्र ने प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर दी है जिसमें मुजफ्फरनगर का नाम शामिल होने की उम्मीद थी। दिल्ली से अलवर, दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-पानीपत नामक तीन रैपिड रेल कॉरिडोर का ऐलान पहले किया जा चुका है। अब वर्तमान योजनानुसार आगामी दिनों में जब रोहतक होते हुए रैपिड रेल हिसार तक पहुंच सकती है तो मेरठ बाईपास तक आने के बावजूद भी मुजफ्फरनगर तक क्यों नहीं पहुंच सकती। आखिर केंद्र सरकार को कई दशकों से चला आ रहा जनपद का महत्व क्यों नहीं दिखाई देता। मुजफ्फरनगर से लाखों नौजवान, व्यवसायी एवं सरकारी कर्मचारी नौकरी एवं अन्य कार्यो हेतु दिल्ली आवागमन करते हैं। आज उक्त विषय पर शाकुन्तलम स्थित जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह बिल्लू के आवास पर बैठक आहूत की गयी। बैठक की अध्यक्षता सीपी सिंह एवं संचालन अरूण जावला ने किया। भाजयुमो नेता नितिन मलिक ने कहा कि मीडिया ने अब तक योजनाओं एवं विकास से संबंधित विषयों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। मीडिया के हवाले से आयी इस सूचना पर मुजफ्फरनगर को दिल्ली से मेरठ होते हुए रैपिड रेल कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जोड़ने की मांग करते हैं। कृषि एवं औद्योगिक बहुल क्षेत्र की चिंता करना केंद्र एवं प्रदेश सरकार का नैतिक कर्तव्य है लेकिन इसकी निरंतर उपेक्षा की जा रही है। मुजफ्फरनगर को परिवहन की सुविधा से वंचित रखना बेहद अन्यायपूर्ण है क्योंकि सरकार की उक्त योजना प्रणाली सही नहीं है। नितिन मलिक ने कहा कि जिले के जनमानस की आवश्यकताओं एवं भावनाओं को ध्यान में रखकर सरकार इस पर पुनर्विचार कर प्लानिंग रिपोर्ट में मुजफ्फरनगर शहर का नाम सम्मिलित करें। आवश्यकता पड़ने पर उक्त विषय को लेकर जल्द रूपरेखा तैयार की जायेगी। बैठक में जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह बिल्लू, जिला बार संघ सचिव अनुराग सिंह, बार काउंसिल के पूर्व प्रत्याशी एडवोकेट प्रदीप मलिक, डीएवी छात्र संघ महासचिव अनिमेष चौधरी, सानुज मलिक, कमल गुप्ता, डा. वीरेंद्र सिंह, अरूण जावला, विराज चौधरी, शेखर लाटियान, विजेंद्र बालियान, मनोज खोखर आदि मौजूद रहे।
हुकुम सिंह बिजनौर सीट से लड़ेंगे चुनाव, भाजपा हाईकमान ने दी हरी झंडी
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। भाजपा विधानमंडल दल के उप नेता व पूर्व मंत्री हुकुम सिंह को बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी मिल गयी है। जानकारी के अनुसार आगामी लोकसभा चुनावों में हुकुम सिंह कैराना सीट के स्थान पर गुर्जर बाहुल्य बिजनौर सीट से चुनाव लडेंगे। मुजफ्फरनगर जिले की दो विधानसभा सीटें पुरकाजी व मीरापुर भी बिजनौर लोकसभा सीट के अन्तर्गत आती हैं।
बिजनौर लोकसभा पर भाजपा से अनेक प्रत्याशी टिकट की लाईन में थे। हुकुम सिंह पिछला लोकसभा चुनाव कैराना से लडे़ थे लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा की तबस्सुम बेगम ने हुकुम सिंह को हरा दिया था। इस बार भी हुकुम सिंह की कैराना से चुनाव लडने की चर्चाएं चली थी लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों में उन्होंने कैराना की बजाए बिजनौर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। जिसे भाजपा हाईकमान ने अन्य प्रत्याशियों से बेहतर मानते हुए हुकुम सिंह के नाम को हरी झंडी दे दी है। बिजनौर से वर्तमान विधायक कुंवर भारतेंदु व भाजपा के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक कटारिया भी बिजनौर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन भाजपा हाईकमान ने हुकुम सिंह पर ही दांव खेला है। वहीं बिजनौर लोकसभा सीट पर बसपा ने मलूक नागर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है तथा रालोद से संजय चौहान वर्तमान सांसद है। अब देखना है कि कांग्रेस-रालोद गठबंधन किसको प्रत्याशी घोषित करता है।
बिजनौर लोकसभा पर भाजपा से अनेक प्रत्याशी टिकट की लाईन में थे। हुकुम सिंह पिछला लोकसभा चुनाव कैराना से लडे़ थे लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा की तबस्सुम बेगम ने हुकुम सिंह को हरा दिया था। इस बार भी हुकुम सिंह की कैराना से चुनाव लडने की चर्चाएं चली थी लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों में उन्होंने कैराना की बजाए बिजनौर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। जिसे भाजपा हाईकमान ने अन्य प्रत्याशियों से बेहतर मानते हुए हुकुम सिंह के नाम को हरी झंडी दे दी है। बिजनौर से वर्तमान विधायक कुंवर भारतेंदु व भाजपा के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक कटारिया भी बिजनौर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन भाजपा हाईकमान ने हुकुम सिंह पर ही दांव खेला है। वहीं बिजनौर लोकसभा सीट पर बसपा ने मलूक नागर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है तथा रालोद से संजय चौहान वर्तमान सांसद है। अब देखना है कि कांग्रेस-रालोद गठबंधन किसको प्रत्याशी घोषित करता है।
हुकुम सिंह बिजनौर सीट से लड़ेंगे चुनाव, भाजपा हाईकमान ने दी हरी झंडी
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। भाजपा विधानमंडल दल के उप नेता व पूर्व मंत्री हुकुम सिंह को बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी मिल गयी है। जानकारी के अनुसार आगामी लोकसभा चुनावों में हुकुम सिंह कैराना सीट के स्थान पर गुर्जर बाहुल्य बिजनौर सीट से चुनाव लडेंगे। मुजफ्फरनगर जिले की दो विधानसभा सीटें पुरकाजी व मीरापुर भी बिजनौर लोकसभा सीट के अन्तर्गत आती हैं।
बिजनौर लोकसभा पर भाजपा से अनेक प्रत्याशी टिकट की लाईन में थे। हुकुम सिंह पिछला लोकसभा चुनाव कैराना से लडे़ थे लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा की तबस्सुम बेगम ने हुकुम सिंह को हरा दिया था। इस बार भी हुकुम सिंह की कैराना से चुनाव लडने की चर्चाएं चली थी लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों में उन्होंने कैराना की बजाए बिजनौर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। जिसे भाजपा हाईकमान ने अन्य प्रत्याशियों से बेहतर मानते हुए हुकुम सिंह के नाम को हरी झंडी दे दी है। बिजनौर से वर्तमान विधायक कुंवर भारतेंदु व भाजपा के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक कटारिया भी बिजनौर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन भाजपा हाईकमान ने हुकुम सिंह पर ही दांव खेला है। वहीं बिजनौर लोकसभा सीट पर बसपा ने मलूक नागर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है तथा रालोद से संजय चौहान वर्तमान सांसद है। अब देखना है कि कांग्रेस-रालोद गठबंधन किसको प्रत्याशी घोषित करता है।
बिजनौर लोकसभा पर भाजपा से अनेक प्रत्याशी टिकट की लाईन में थे। हुकुम सिंह पिछला लोकसभा चुनाव कैराना से लडे़ थे लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा की तबस्सुम बेगम ने हुकुम सिंह को हरा दिया था। इस बार भी हुकुम सिंह की कैराना से चुनाव लडने की चर्चाएं चली थी लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों में उन्होंने कैराना की बजाए बिजनौर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। जिसे भाजपा हाईकमान ने अन्य प्रत्याशियों से बेहतर मानते हुए हुकुम सिंह के नाम को हरी झंडी दे दी है। बिजनौर से वर्तमान विधायक कुंवर भारतेंदु व भाजपा के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक कटारिया भी बिजनौर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन भाजपा हाईकमान ने हुकुम सिंह पर ही दांव खेला है। वहीं बिजनौर लोकसभा सीट पर बसपा ने मलूक नागर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है तथा रालोद से संजय चौहान वर्तमान सांसद है। अब देखना है कि कांग्रेस-रालोद गठबंधन किसको प्रत्याशी घोषित करता है।
पॉलीथीन पर पूर्णतया प्रतिबंध: आठ दिसम्बर से होगा बीस हजार का जुर्माना
नगरपालिका परिषद सभागार में एडीएम प्रशासन मनोज सिंह और पालिका अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने नगरीय क्षेत्र में पॉलीथीन का कारोबार करने वाले थोक और रिटेल कारोबारियों तथा दुकानदारों के साथ मीटिंग ली और पालीथीन पर प्रतिबंध को लेकर किये गये निर्णयों से अवगत कराया। इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिला प्रदूषण अधिकारी आरके सिंह और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। एडीएम मनोज सिंह ने बैठक के दौरान बताया कि जनपद में 40 माइक्रोन से कम मानक की पॉलीथीन के साथ ही थर्माकोल एवं प्लास्टिक के बने प्लेट, कप और गिलास आदि सामग्री की बिक्री और प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन इसके बावजूद भी देखने में आ रहा है कि इनका कारोबार और प्रयोग लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि पॉलीथीन का कारोबार करने वाले लोगों को सात दिसम्बर तक का समय दिया जा रहा है। इस अवधि में वे अपना स्टॉक खत्म कर लें इसके बाद संयुक्त टीमों के द्वारा नगर में आठ दिसम्बर से छापामार अभियान शुरू किया जायेगा।
इस अभियान में दौरान यदि किसी दुकान पर प्रतिबंधित पॉलीथीन या सामग्री की बिक्री पाई गई तो सम्बन्धित व्यापारी के खिलाफ दस हजार रूपये के जुर्माने के साथ ही कानूनी कार्यवाही भी की जायेगी। यही दंड पॉलीथीन खरीदने वालों और उसका प्रयोग करने वाले लोगों पर भी लागू होगा इसलिए सभी से अपील की है कि प्रतिबंधित पॉलीथीन का किसी भी रूप में प्रयोग नहीं किया जाये।
बैठक में पालिकाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बताया कि चालीस माइक्रोन से कम मानक की पॉलीथीन और थर्माकोल की प्लास्टिक की सामग्री शहर की जल निकासी को प्रभावित कर रही है। नाले और नलियों में जल निकासी इस कारण ही रूकी रहती है और गंदगी का साम्राज्य स्थापित होता है। यह प्रतिबंध शहरवासियों को बेहतर व्यवस्था देने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने नगरवासियों से इस कार्य में पूर्ण सहयोग और सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि आठ दिसम्बर से सख्ती के साथ छापामार अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि छापामार अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पालिका और प्रदूषण विभाग के लोग भी शामिल होंगे।
पहले दिन जमकर हुई फोटो आईडी के साथ टेªन में सफर कर रहे यात्रियों के टिकट की जांच
रेलवे का नया फरमान आज से हुआ लागू, बिना पहचान पत्र लिए टिकट से यात्रा करना हुआ अवैध
मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। अब यदि आपके पास टिकट है परंतु आप कोई फोटोयुक्त आइडी प्रूफ साथ नहीं ले रहे है और टेªन के एसी कोच या स्लीपर में सफर कर रहे है तो भी आप एक दिसम्बर से बेटिकट माने जायेंगे और आपसे बेटिकट यात्रा करने वाले यात्रियों जैसा व्यवहार करते हुए आपसे जुर्माना भी वसूला जायेगा। रेलवे के इस नये फरमान को आज दिल्ली सहारनपुर रूट पर चलने वाली ट्रेनों में भी लागू होते देखा गया। पहले दिन ही स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट के साथ फोटोयुक्त आईडी की टीटीई ने जांच कर टिकट सही बताया।अब टेªन में यात्रा करना भी आसान नहीं रहा है। क्योंकि यदि आपके पास स्लीपर या एसी क्लास का टिकट है और आपके पास कोई आईडी प्रूफ नहीं है तो आपका विदआउट टिकट समझकर आपसे जुर्माना वसूला जायेगा। इसलिए आप सावधान हो जाईये क्योंकि अब रेल ने भी वायुयान की तरह फोटोयुक्त आईडी प्रूफ लेकर ही यात्रा करने का प्रावधान लागू कर दिया है जिसका पहले दिन ही टेªनों में खासा असर देखने को मिला। एक्सप्रेस टेªनों की स्लीपर व एसी क्लास में सफर कर रहे यात्रियों में पहले दिन ही इस बात को लेकर काफी हलचल देखने को मिली तो वहीं यात्रियों द्वारा टेªन में टिकट चैक करने आये टीटीई को टिकट मांगने पर अपनी फोटो आईडी प्रूफ के तौर पर दिखाने का खासा जब्जा भी दिखायी दिया। पहले दिन ही दिल्ली-सहारनपुर रूट पर चलने वाली गाडियों उत्कल एक्सप्रेस, शालीमार, बांद्रा एक्सप्रेस, नौचंदी आदि गाडियों में टीटीई ने स्लीपर क्लास में यात्रा कर रहे यात्रियों के टिकट के साथ साथ उनके फोटोयुक्त आईडीी प्रूफ भी चैक करते देखे गये तो वहीं दूसरी ओर उत्कल एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों से भी टीटीई द्वारा उनके फोटोयुक्त पहचान पत्र मांगे। परंतु इन यात्रियों ने उन्हें अपने पहचान के तौर पर रेलवे द्वारा मासिक टिकट के साथ जारी किये जाने वाले पहचान पत्र दिखाये तो कुछ यात्रियों ने अपना पेन कार्ड या फोटो पहचान पत्र भी दिखाया। जबकि स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे कई यात्रियों द्वारा जब आईडी प्रूफ मांगने पर उपलब्ध नहीं हो पाया तो उसे टीटीई ने आईन्दा पहचान पत्र साथ लेकर यात्रा करने की हिदायत देकर छोड दिया।
1 दिसंबर से लागू हुआ रेलवे नियम
जी हां! आज यानी शनिवार, 1 दिसंबर से रेल मंत्रालय ने इसे देशभर में लागू हो गया है। आज से आप टिकट चाहे रेलवे की आरक्षण खिडकी से लेकर यात्रा करने जा रहे हो या फिर इंटरनेट से जारी कराकर। परंतु अब बिना पहचान पत्र के रेल में आपका सफर मुश्किलभरा होगा। रेलवे की नई गाइडलाइन के मुताबिक पहचान पत्र स्पीलर क्लास से लेकर एसी क्लास सभी में सफर करने वालों के लिए जरूरी होगा।
आईडी कार्ड में क्या चलेगा
रेल मुसाफिर पहचान पत्र के रूप में वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, पेन कार्ड, ड्राईविंग लाईसैंस या फिर केन्द्र या राज्य सरकार की ओर से जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र जिसमें फोटो लगी हो. मसलन फोटो युक्त राशन कार्ड, सीनियर सिटिज़न कार्ड, बीपीएल कार्ड, ईसीआई कार्ड, सीजीएचएस कार्ड में से कोई भी एक रखना जरुरी होगा।
तत्काल टिकट बुक कराते वक्त मुसाफिरों को अपने पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा कराना जरुरी होगा। ये नियम पहले से ही लागू है। रेलवे ने ये कदम दलालों पर रोक लगाने के लिए उठाया है
तत्काल टिकट बुक कराते वक्त मुसाफिरों को अपने पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा कराना जरुरी होगा। ये नियम पहले से ही लागू है। रेलवे ने ये कदम दलालों पर रोक लगाने के लिए उठाया है
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