मुजफ्फरनगर। रामपुर के शहीद स्मारक पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आज कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हमेशा मुजफ्फरनगर के नागरिकों का ऋणी रहेगा और रामपुर तिराहे के निकट के गांव रामपुर, मेदपुर, सिसौना, बागोवाली में उनकी सरकार मिलन केंद्र स्थापित करेगी और इन गांवों को दस-दस लाख उत्तराखंड सरकार की तरफ से दिये जायेंगे। उत्तराखंड शहीदों के न्यायालय में चल रही सुनवाई के लिए व मजबूत पैरवी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अपनी अध्यक्षता में मुकदमों की पैरवी के लिए विशेष सैल बनायेंगे जिससे जल्द से जल्द दोषियों को सजा मिले और उत्तराखंड के लोगों को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में भी कितने वर्षो बाद दोषियों को सजा मिली है इसलिए वे चाहते है कि उत्तराखंड मामले में आरोपियों को सजा मिले और मुकदमों की पैरवी भी तेजी के साथ हो इसके लिए विशेष सैल बनाई जा रही है और वे चाहते है कि देश में इस तरह के कांड की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न मदों के बकाया तेरह सौ करोड रूपये वापस कर दिये है और उत्तर प्रदेश उत्तराखंड का बड़ा भाई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव से उन्होंने पिछले दिनों कई मुद्दों पर बातचीत भी की।
Wednesday, October 3, 2012
मंदिर के पुजारी को गोलियों से भूना
मुजफ्फरनगर। जनपद के तितावी थाना क्षेत्र के गांव मुकंदपुर में बीती रात्रि अज्ञात बदमाशों ने मंदिर के पुजारी को गोलियांे से भून डाला। मेरठ ले जाते समय उसकी मौत हो गयी। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है। पुलिस के अनुसार ग्राम मुकंदपुर में स्थित देवी मंदिर में रामदेव नामक पुजारी था। वह मंदिर में बने एक कमरे में रहता था। बीती रात्रि खिड़की के रास्ते कमरे में घुसे बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चला दी। बदमाशों द्वारा चलाई गयी कई गोलियां उसके शरीर में धस गयी जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग की आवाज पर आसपास के लोग उस ओर दौड़ पडे़ तो उन्होंने पुजारी को बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ा पाया। तत्काल घटना की सूचना पलिस और आपातकालीन एम्बूलेंस सेवा को दी गयी। सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बूलेंस मौके पर पहुंच गयी। घायल पुजारी को उपचार हेतु जिला अस्पताल लाया गया। जहां से उसे मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया। बताया गया है कि मेरठ ले जाते समय उसकी मौत हो गयी। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है। पुलिस ने बताया कि पुजारी के कमरे से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई है। इस मामले में जांच की जा रही है।
राजनेताओं को सुधारना होगा आचरण: गोविंद कंुजयाल
मुजफ्फरनगर। उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजयाल ने कहा कि राजनेताओं को विधानसभा मे मर्यादित आचरण करना चाहिये ताकि सदन मे स्वस्थ चर्चा हो सके। उन्हांेने कहा कि शीघ्र ही उत्तराखण्ड में 88 करोड की लागत से नए विधानसभा भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिहं कुंजयाल ने कहा कि पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राजनीति सहित सभी क्षेत्रांे मंे गिरावट आ रही है। इसी कारण विकास कार्यो में बाधा आ रही है। जिसके चलते राजनेता सदन में अमर्यादित आचरण करते हैं। जिससे सदन की कार्यवाही बाधित होती है तथा सदन में होने वाली योजनाओं पर चर्चा नही हो पाती इसीलिए राजनेताओं को सदन मे अमर्यादित आचरण करना चाहिए तथा एक दूसरे पर टीका टिप्पणी से बचना चाहिए। कुंजयाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में कांग्रस की सरकार बनने के बाद विकास कार्यो को गति मिली है। उत्तराखंड प्रदेश को चौबीस घंटे बिजली मिल रही है। हम शीघ्र ही अनेक विद्युत योजनाए चालू कर रही हैं।
दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिहं कुंजयाल ने कहा कि पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राजनीति सहित सभी क्षेत्रांे मंे गिरावट आ रही है। इसी कारण विकास कार्यो में बाधा आ रही है। जिसके चलते राजनेता सदन में अमर्यादित आचरण करते हैं। जिससे सदन की कार्यवाही बाधित होती है तथा सदन में होने वाली योजनाओं पर चर्चा नही हो पाती इसीलिए राजनेताओं को सदन मे अमर्यादित आचरण करना चाहिए तथा एक दूसरे पर टीका टिप्पणी से बचना चाहिए। कुंजयाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में कांग्रस की सरकार बनने के बाद विकास कार्यो को गति मिली है। उत्तराखंड प्रदेश को चौबीस घंटे बिजली मिल रही है। हम शीघ्र ही अनेक विद्युत योजनाए चालू कर रही हैं।
तमंचों के बल पर युवती का अपहरण
मुजफ्फरनगर। जनपद के थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कृष्णापुरी की रनहे वाली ओमवती पत्नी सुक्का एसएसपी डा. बीबी सिंह से मिलकर बताया कि दिनांक 01.10.2099 को करीब 5 बजे शाम को उसकी पुत्री सोनिया का मोना पुत्र बीर सिंह, सोरण, पप्पू व संजा पुत्रगण धीर सिंह व मोटा, रोणू पुत्रागण बुट्टी तथा सुक्का पुत्रा अतरा निवासीगण ग्राम पीनना, थाना कोतवाली ने उसके घर में जबरन घुसकर तमंचे की नोक पर का अपहरण कर लिया। ओमवती ने बताया कि उसके साथ मारपीट भी की और पुलिस में शिकायत करने पर जाने से मारने की धमकी देते हुए अपहरणकर्ता उसकी पुत्री सोनिया का अपहरण कर ले गये। ओमवती के अनुसार उसने अपनी पुत्री सोनिया का रिश्ता ग्राम तिहाही होशियारपुर, थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर के निवासी कल्लू पुत्र रोशनलाल के साथ किया हुआ है। अपहरणकर्ता यह भी धमकी देकर गये कि यदि तुने सोनिया की शादी कल्लू से की तो कल्लू को भी जान से मार देंगे। ओमवती ने थाना पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं करने की बात एसएसपी को बताई। एसएसपी ने सोनिया को तुरंत अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बरामद करने के आदेष नगर कोतवाल को दिये।
जिलेवासियों का योगदान नहीं भुला पायेंगे उत्तराखंडवासी: बहुगुणा
पीड़ा व बर्बरता को नहीं भुला पायेगा इतिहास: बहुगुणा
मुजफ्फरनगर। दुख, पीड़ा, बर्बर अत्याचार आदि की घटना को इतिहास नहीं भुला सकता लेकिन रामपुर तिराहा कांड व उत्तराखंड के निर्माण में मुजफ्फरनगरवासियों के अपार सहयोग को उत्तराखंडवासी कभी नहीं भुला सकेंगे। इसीलिए उत्तराखंड के नेता व आम नागरिक हर वर्ष उत्तराखंड कांड के दिन 2 अक्टूबर को उनका आभार जताने के लिए शहीद स्मारक पर एकत्र होते है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रामपुर तिराहे स्थित शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंडवासी मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहे पर दो कारणों से एकत्रा होते हैं। जिनमें एक तो उत्तराखंड निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धाजंलि देने का है वहीं दूसरी ओर मुजफ्फरनगर के निवासियों को धन्यवाद देने की परम्परा। उन्होंने तत्कालीन सरकार से लेकर वर्तमान सरकारों के असहयोगात्मक रवैये की निंदा करते हुए इस मुद्दे पर उत्तरांखड की ओर से लम्बित मामले की पैरवी करने की बात दोहराई। मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि पृथक प्रदेश की मांग को लेकर अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के जन्मदिन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का निर्णय उत्तराख्ंाड वासियों ने लिया था जिन्हें यह बिल्कुल भी आशंका नहीं थी कि तत्कालीन सरकार इस तरह की बर्बरतापूर्ण कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों का सहयोग भुलाया नहीं जा सकता जिन लोगों ने वातावरण को दूषित किया उनकी जितनी निंदा की जाये कम है। मुख्यमंत्री ने अदालतों में लम्बित मामलों की पैरवी के लिए उत्तराखंड सरकार से जो कुछ बन सकेगा वह करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर ग्राम विकास महिला सशक्तिकरण, बाल विकास संस्कृति एवं धर्मस्थ विभाग मंत्री श्रीमती विजया बडथ्वाल ने कहा कि उत्तराखंड को पृथक प्रदेश बनाने में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहाड़ी प्रदेश बनाने की लम्बी लड़ाई थी। जिसमें तत्कालीन सरकारों ने हिटलरशाही का रवैया अपनाया। शहीद स्मारक पर आयोजित समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश राणा, नगर विधायक अशोक कंसल, पालिकाध्यक्ष कपिल देव अग्रवाल, राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रवीन गुजरान, राजेंद्र अथवाल, राज्य पिछड़ा आयोग, मनोज नायक, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन अध्यक्ष ऊषा रावत ने भी अपने विचार रखे और प्रदेश की आजादी के लिए शहीद लोगों को वह अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इससे पूर्व उत्तरांखड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रामपुर तिराहा, शहीद स्मारक पर शहीदों को अपनी पुष्पाजंलि अर्पित की। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अषोक वर्मा व पूर्व मंत्री सईदुज्जमां, युवा नेता षिवकुमार गौतम प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपेक्षा के विरोध में उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा के समक्ष प्रदर्षन किया तथा कहा कि उनकी मांगे पिछले कई वर्षों से नहीं मानी जा रही है। इस पर उत्तराखंड के सीएम ने उनकी मागों पर विचार करने को कहा।
Monday, October 1, 2012
पेंशन भी खत्म करेगी सरकारः ममता बनर्जी
सरफरोसी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है कि जोर कितना बाजुए कातिल सरकार पर जमकर बरसी ममता बनर्जी
विदेशों में जमा कालेधन को वापिस लाने की कि मांग
किसानों की जमीन लूटने नहीं दी जायेगी
सचिन धीमान
नई दिल्ली (अलर्ट न्यूज)। सरफरोसी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है कि जोर कितना बाजुए कातिल में है। रोशनी चांद से होती है तारों से नहीं, मौहब्बत आम जनता से होती है गरीबों को मारने वालों से नहीं। उक्त शायरी को बंगाल की मुख्यमंत्री एवं शेर की दहाड वाली नेत्री तथा तृणमूल कांग्रेेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने एफडीआई तथा डीजल के दाम बढाये जाने व गैस सिलेण्डरांे के दामों में की गई बढोत्तरी के विरोध में जतंर-मंतर पर आयोजित धरना प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से उमडी भीड के सामने पढते हुए कहा कि आज हम जंतर मंतर जनता की बात करने के लिए यहां आये है। ममता बनर्जी ने विदेशों में जमा काले धन को वापिस लाने की मांग करते हुए कहा कि यदि विदेशों के बैंकों में जमा काले धन को देश में लाया जायेगा तो देश की जनता को बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता जब महंगाई के बोझ तले दब रही है, देश की आम जनता भूखी मरने पर विश्वस हैं। सरकार ने देश में एफडीआई लाकर गैस के दाम बढाने तथा डीजल के दाम बढाकर आम जनता को महंगाई के बोझा में दाब दिया हैं मैं यहां आम जनता की बात करने के लिए आयी हूं। सरकार द्वारा देश में एफडीआई लाने व डीजल के दाम बढाने, गैस के दाम बढाने के लिए विरोध करने के लिए आयी हूं। इनसे सब्जी वाला भूख मरेगा छोटे दुकानदार से लेकर बडे दुकानदारों के सामने भूखमरी की स्थित आ जायगी। उन्होंने कहा कि हम सबकी समस्याओं को लेकर काम कर रहे है। उन्होंने सरकार से पूछा की हमारे दिल्ली में आने से सरकार इतनी गुस्सा क्यों है। दिल्ली देश की राजधानी है तो हम दिल्ली में तो जरूर आयेंगे दिल्ली में ही क्या देश के कोने-कोने में जायेंगे। ममता बनर्जी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश की गरीब व आम आदमी को भूखा मार डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि परंतु हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। हमने कुर्बानी दी है ओर आगे भी कुर्बानी देकर किसानों सब्जी वालों व छोटे बडे दुकानदारों सहित आम जनता के साथ उनकी आवाज बनकर खडे होगे ओर यदि जरूरत पडी तो वो कुर्बानी भी देंगी। उन्होंने कहा कि हम देश को बिकने नहीं देंगे। देश को बचाने के लिए हम आगे आयेंगे और काम करेंगे मगर देश को बिकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश की तो उसे सबक सिखाया जायेगा मगर लक्ष्मण रेखा नहीं लांघने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पडी तो आम आदमी के घर तक जायेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे किसी कुर्सी की जरूरत नहीं है मैं किसी कुर्सी के लालच में राजनीति में नहीं आयी हूं मैं आज जनता की बात रखने के लिए उनकी आवाज को बुलंद बनाकर उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए यहां आयी हूं मैं मरने से भी नहीं डरती हूं। उन्होंने कहा कि एफडीआई से सब्जी बेचने वाले से लेकर छोटे दुकानदार बडे दुकानदार तक सबको नुकसान हो रहा है। सरकार ने सब्जी वालों से लेकर छोेटे व बडे दुकानदारों के पेटों पर ताले लगा दिये है। सभी के सामने भूखा मरने की स्थिति आ गयी है। अब समय आ गया है कि जब सब्जी वालों से लेकर छोटे व बडे दुकानदारों को एक साथ मिलकर एफडीआई का विरोध करना होगा और अपने हकों के लिए लडना होगा। उन्होंने कहा कि बंद करने से काम नहीं चलेगा बंद करने से तो देश को बहुत बडा नुकसान होता हैं परंतु आपको विरोध करना होगा और अपने हकों के लिए लडना होगा। उन्होंने छोटे बडे सभी दुकानदारों से आवाहान करते हुए कहा कि दुकानदारों को चाहिए कि अपने हकों के लिए लडे और परंतु इसके लिए वह अपना काम भी बंद न करे दुकाने खोले और विरोध प्रदर्शन भी करते रहे। उन्होंने कहा कि देश की सरकार और क्या क्या करेगी यह अभी मालूम नहीं है परंतु जिस प्रकार देश की सरकार ने गैस के दाम बढाये, डीजल के दाम बढाये, पैट्रोल के दाम बढाये है यह सरकारी की कूट नीति है। सरकार आम जनता पर बोझ डालने के लिए दाम बढा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार पेंशन और इन्श्योरेंस भी खत्म करने की नीति बना रही है। पेंशन खत्म करेगी सरकारी। उन्होंने कहा कि हमें मिंस्ट्रिी नही ंचाहिए हमें देश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब देश नहीं बचेगा तो मिंस्ट्रिी का क्या करेंगें देश बचाना है। इसलिए देश बचाना है। उन्होंने कहा कि अगर हमारा पूरा देश बच गया तो ये सरकार चली जायेगी। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि सरकार के पक्ष में देश की जनता नहीं रहेगी तो ये सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा ओर सरकार नहीं बचेगी।
उन्होंने कहा कि वह वी-मार्ट बंद कराने का काम कर रही हैं वह वी-मार्ट बंद कराने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि देश खाली दिल्ली से नहीं है देश भारत के हर प्रान्त से है मिलकर बनता है चाहे वह बिहार हो, चाहे उत्तर प्रदेश, चाहे हरियाणा, चाहे बंगाल, चाहे पंजाब, चाहे उत्तरांचल, चाहे हिमाचल, चाहे महाराष्ट्र हो या फिर चाहे गुजरात है। देश की आम जनता से ही देश है। उन्होंनंे कहा कि देश की आधे से ज्यादा जनता खेती करती है। नौकरी नहीं करती है जिन्हें सरकार बेरोजगार कर रही है। देश की सरकार आम जनता को लूटने में लगी हैं सरकार के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। जब तक ये अपने में सुधार नहीं करते है। हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आम आदमी के लिए काम करते है। आने वाले समय में हम पूरी दिल्ली क्या पूरा देश जायेंगे। आगले नवम्बर माह में लखनऊ में रैली का आयोजन कर एफडीआई का विरोध किया जायेगा देश की जनता को इसके बारे में बताकर देश की जनता को जागरूक किया जायेगा। हम देश को बचाने के लिए तैयार है चाहे कुछ भी हो जायेगा। इस पर उन्होंने कहा कि ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद उन्हें भी करा लो जो लौटकर घर ना आये’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली जब तक देश की राजधानी है तब तक दिल्ली आना पडेगा। अन्त में उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा देते हुए कहा कि हम किसानों के लिए काम करते है हम किसानों को लूटने नहीं देंगे। किसानों की जमीन किसानों से छिन्ने नहीं देंगे। उन्होंने किसानों व देश की जनता से अपना हक छिन्ने के लिए आहवान करते हुए कहा कि वह अपने हकों के लिए एकजुट होकर लगे ओर अपने अधिकारों को छिन्ने। देश की आम जनता मेरा परिवार है।
अन्त में राष्ट्रीय गीत गाकर धरना को समाप्त किया गया।
इसने पूर्व शरद पंवार से पूर्व मंत्री सुल्तान अहमद, पूर्व मंत्री सुगोतो राय, पूर्व रेल मत्री दिनेश त्रिवेदी, सुधीप बंदोपाध्य, मुकुल राय, शीशीर अधिकारी, पूर्व विधायक विरेन्द्र सिंह राणा नई दिल्ली, सिक्योरिटी कमांडर बोबी गिल, माठ विधायक श्याम सुंदर शर्मा सहित सैंकडों कार्यकर्ता व हजारों की संख्या में लोगों की भीड उपस्थित थे।
धरने का संचालन राज्य सभा सदस्य केडी सिंह हरियाणा ने दिया।
सपा के राज में डीएम के फालोवर ने गरीब की जमीन पर किया कब्जा समाज के बल पर सत्तासुख भोगने वाले नेता हुऐ गायब
जौनपुर (अलर्ट न्यूज)। उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर में जिलाधिकारी के फालोवर ने एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर और थानाध्यक्ष बक्शा पर दबाव बनवाकर व साजिश कर गरीब व्यक्ति की आबादी की जमीन पर ही कब्जा कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 सितम्बर 2012 को डीएम जौनपुर का फालोवर राम आसरे उपाध्याय थानाध्यक्ष बक्शा को साथ लेकर हाजीपुर उर्फ फरीदाबाद गांव में मानिकचन्द विश्वकर्मा के यहां पहुंचा और गाली-गलौच करने लगा। थानाध्यक्ष ने हमराहियों को इशारा कर मानिकचन्द, कल्पनाथ व सुभाष को बिना वजह गिरफतार कर लिया और लाकर थाने में डाल दिया। अगले दिन 12 सितम्बर को तीनों को थाने से धारा 151 के तहत चालान भेजकर थानाध्यक्ष मयफोर्स हाजीपुर उर्फ फरीदाबाद गांव में पहुंचे जहां एसडीएम और तहसीलदार भी मौजूद थे। सभी की मौजूदगी में राम आसरे उपाध्याय के लोगों ने मानिकचन्द के घर के सामने पड़ी आबादी की जमीन पर दीवार उठवाना शुरू कर दिया, घर की महिलाओं ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने उन्हें गाली देकर व मारपीट कर भगाया। शाम को जब मानिकचन्द, कल्पनाथ और सुभाष जमानत कराकर लौटे तो उन्हें प्रशासन की इस करनी की जानकारी हुई। जब यह लोग थाने पर शिकायत लेकर गये तो थानाध्यक्ष ने यह कहकर कि डीएम साहब का आदेश था हम कुछ नहीं कर सकते। यह लोग प्रार्थनापत्र लेकर डीएम जौनपुर के पास गये परन्तु उन्होंने इन सबकी एक न सुनी। इतना ही नहीं 30 सितम्बर की सुबह राम आसरे उपाध्याय व उसका भाई पंकज उपाध्याय कई और लोगों को लिवाकर मानिकचन्द के घर पर पहुंचा और कब्जा की गयी जमीन का दायरा बढ़ाने की नीयत से पानी पीने के लिये लगा हैण्डपम्प उखाड़कर फेंक दिया तथा रास्ता भी अवरूद्ध कर दिया। विरोध करने पर सभी ने मिलकर घर की महिलाओं को मारा-पीटा। मानिकचन्द चोटिल महिलाओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने की गरज से पुलिस अधीक्षक जौनपुर के आवास पर गये जहां पुलिस अधीक्षक ने सादे कागज पर कुछ लिखकर दिया और कहा यह लेकर थाने पर चले जाओ एफआईआर लिख ली जायेगी। सभी लोग वापस थाने पर गये परन्तु थानाध्यक्ष की गैर मौजूदगी में मुंशी ने उक्त कागज लेकर रख लिया और कहा कि कुछ टूटा-फूटा तो नहीं है कौन सी एफआईआर लिखी जाये सभी को डांटकर थाने से भगा दिया।
जमीन कब्जा होने के बावत थानाध्यक्ष बक्शा का कहना है कि राजस्व के मामले में पुलिस को कुछ नहीं मालूम। जब एसडीएम और तहसीलदार खुद मौजूद थे तो पुलिस क्या करती फिर डीएम साहब का मौखिक आदेश भी था। परन्तु थानाध्यक्ष इस बात का जवाब नहीं दे सके कि क्या पुलिस का यही फर्ज है कि निर्दोष महिलाओं को गाली दे और अकारण ही मारे-पीटे। यह पूछने पर कि मानिकचन्द, कल्पनाथ और सुभाष को किस वजह से पकड़ कर थाने के लाकप में बन्द किया गया और धारा 151 में चालान भेजा गया इसका भी जवाब उनके पास नहीं था। राम आसरे उपाध्याय का कहना है कि यह आबादी की जमीन उनकी है जबकि न तो वहां राम आसरे उपाध्याय का मकान है और न ही खेत। बताया जाता है कि राम आसरे उपाध्याय के पिता स्व0 उमानाथ उपाध्याय किसी आठ बिस्वा जमीन पर कब्जे का एक आदेश कई वर्ष पूर्व प्राप्त किया था जिसके आधार पर पुलिस प्रशासन को मिलाकर डीएम का फालोवर होने का लाभ उठाते हुये राम आसरे उपाध्याय ने मानिकचन्द विश्वकर्मा की एक बिस्वा से भी कम उक्त आबादी की जमीन पर कब्जा कर लिया। यह जमीन कब्जा होने से मानिकचन्द का घर से निकलना भी दूभर हो गया है। अब मानिकचन्द अधिकारियों का चक्कर लगा रहा है लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। समाज के बल पर सत्ता सुख भोगने वाले नेता भी नदारद हो गये है।
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