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Saturday, September 29, 2012

सिब्बल का सपना, मुफ्त में हो फोन पर बात

सिब्बल का सपना, मुफ्त में हो फोन पर बात

नई दिल्‍ली। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने टेलीकॉम ऑपरेटरों के बीच नई बहस छेड़ दी है। सीआईआई की ओर से आयोजित ब्रॉडबैंड समिट में उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्य की बात है कि हमें आज भी बातचीत पर पैसा देना पड़ता है। आखिर हम बातचीत के लिए पैसा क्यों दें। ऑपरेटर आखिर एक-दूसरे से बातचीत करने पर चार्ज क्यों करते हैं।' उन्होंने ऑपरेटरों को सलाह दी कि वे बातचीत मुफ्त करने की दिशा में सोचें। सिब्बल ने कहा कि वह जानते हैं कि यह तुरंत नहीं होगा, लेकिन यह असंभव भी नहीं है। 
 दूरसंचार मंत्री ने कहा कि आय के लिए कंपनियों को डाटा सर्विस की ओर देखना चाहिए। उन्हें मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी आय के लिए सिर्फ बातचीत पर ध्यान केंद्रित किया गया है। डाटा सर्विस से बेहतर आय हो सकती है। ऑपरेटरों को इस दिशा में बढऩा होगा। आय के लिए बातचीत पर निर्भर रहने की मानसिकता बदलनी होगी। सिब्बल ने कहा कि एक-दूसरे से बातचीत हमें सशक्त बनाती है, मजबूती देती है, दूरियां घटाती है। इस पर आखिर पैसा क्यों लगना चाहिए? उन्होंने कहा कि सरकार ब्रॉडबैंड को विस्तार देगी। इसके लिए सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। जल्द ही आकाश-2 का प्रस्ताव भी कैबिनेट के पास भेजा जा रहा है, जिससे जल्द ही छात्रों के हाथ में 50 लाख नए आकाश आ पाए।
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फिर बढ़ सकते हैं डीजल और सिलेंडर के दाम

फिर बढ़ सकते हैं डीजल और सिलेंडर के दाम
नई दिल्ली। केलकर समिति ने डीजल के भाव में चार रुपए प्रति लीटर और गैस की कीमत में 50 रुपए प्रति सिलेंडर इजाफा करने की सिफारिश की है। साथ ही अनाज और खाद की कीमत पर से सब्सिडी खत्म करने को कहा है।
वित्त आयोग के पूर्व चेयरमैन विजय केलकर समिति के अध्यक्ष हैं। इसने डीजल और एलपीजी पर अगले साल तक सब्सिडी पूरी तरह खत्म करने को कहा है। साथ ही 2014-15 तक केरोसिन की सब्सिडी में एक तिहाई कमी करने की जरूरत बताई है। इसके दाम में भी दो रुपए प्रति लीटर बढ़ाने की सिफारिश की है।
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शनिदेव का धाम - शनि शिंगणापुर

देश में सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर। विश्व प्रसिद्ध इस शनि मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ स्थित शनिदेव की पाषाण प्रतिमा बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजित है।
शिंगणापुर के इस चमत्कारी शनि मंदिर में स्थित शनिदेव की प्रतिमा लगभग पाँच फीट नौ इंच ऊँची व लगभग एक फीट छह इंच चौड़ी है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहाँ आकर शनिदेव की इस दुर्लभ प्रतिमा का दर्शन लाभ लेते हैं। यहाँ के मंदिर में स्त्रियों का शनि प्रतिमा के पास जाना वर्जित है। महिलाएँ दूर से ही शनिदेव के दर्शन करती हैं।
सुबह हो या शाम, सर्दी हो या गर्मी यहाँ स्थित शनि प्रतिमा के समीप जाने के लिए पुरुषों का स्नान कर पीताम्बर धोती धारण करना अत्यावश्क है। ऐसा किए बगैर पुरुष शनि प्रतिमा का स्पर्श नहीं पर सकते हैं। इस हेतु यहाँ पर स्नान और वस्त्रादि की बेहतर व्यवस्थाएँ हैं।
खुले मैदान में एक टंकी में कई सारे नल लगे हुए हैं, जिनके जल से स्नान करके पुरुष शनिदेव के दर्शनों का लाभ ले सकते हैं। पूजनादि की सामग्री के लिए भी यहाँ आसपास बहुत सारी दुकानें हैं, जहाँ से आप पूजन सामग्री लेकर शनिदेव को अर्पित कर सकते हैं।
यदि आप पहली बार शनि शिंगणापुर जा रहे हैं तो यहाँ भक्तों की श्रद्धा व विश्वास का नजारा देखकर आप आश्चर्यचकित हो जाएँगे। केवल बड़े-बुजुर्ग ही नहीं अपितु तीन-चार वर्ष के शिशु भी इस शीतल जल से स्नान कर शनिदेव के दर्शन के लिए अपने पिता के साथ चल पड़ते हैं। शनि मंदिर में दर्शन करने वाला हर पुरुष श्रद्धालु आपको यहाँ पीताम्बरधारी ही नजर आएगा।
शनि मंदिर का एक विशाल प्रांगण है जहाँ दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगती हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा ‍शनिदेव के दर्शनों की बेहतर व्यवस्थाएँ की गई हैं, जिससे भक्तों को यहाँ दर्शन के लिए धक्का-मुक्की जैसी किसी भी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता है। जब आप यहाँ स्थित विशाल शनि प्रतिमा के दर्शन करेंगे तो आप स्वयं सूर्यपुत्र शनिदेव की भक्ति में रम जाएँगे। प्रत्येक शनिवार, शनि जयंती व शनैश्चरी अमावस्या आदि अवसरों पर यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

शनिदेव हैं मंगलकारी :
आमतौर पर शनिदेव को लेकर हमारे मन में कई भ्रामक धारणाएँ हैं। जैसे कि शनिदेव बहु‍त अधिक कष्ट देने वाले देवता हैं वगैरह-वगैरह, लेकिन यदि सच कहें तो ऐसा नहीं है। यदि शनि की आराधना ध्यानपूर्वक की जाए तो शनिदेव से उत्तम कोई देवता ही नहीं है। शनि की जिस पर कृपा होती है उस व्यक्ति के लिए सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं।

शिंगणापुर की खासियत :
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि शिंगणापुर के अधिकांश घरों में खिड़की, दरवाजे और तिजौरी नहीं है। दरवाजों की जगह यदि लगे हैं तो केवल पर्दे। ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ चोरी नहीं होती। कहा जाता है कि जो भी चोरी करता है उसे शनि महाराज उसकी सजा स्वयं दे देते हैं। जब गाँव वालों पर शनिदेव की कृपा है व चोरी का भय ही नहीं है तो दरवाजे, खिड़की, अलमारी व तिजौरी का क्या काम है?

कैसे पहुँचें शिंगणापुर :

शिर्डी से शिंगणापुर की दूरी - 70 किमी
नासिक से शिंगणापुर की दूरी - 170 किमी
औरंगाबाद से शिंगणापुर की दूरी - 68 किमी
अहमद नगर से शिंगणापुर की दूरी - 35 किमी।
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Friday, September 28, 2012

पेड़ पर नहीं उगते मतदाता के वोट: बीजेपी

बीजेपी ने यूपीए सरकार को आगाह किया कि वह इस बात को समझे कि मतदाता के वोट पेड़ पर नहीं उगते औरएफडीआईतथा डीजल दाम वृद्धि करने के निर्णय समेत सभी जनविरोधी निर्णयों को वापस ले.पार्टी ने बीजेपी राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पारित आर्थिक प्रस्ताव में केंद्र सरकार से एलपीजी सिलेंडरों की संख्या निर्धारित करने के निर्णय को वापस लेने, उर्वरकों के मूल्यों को कम करने के लिए तुरंत कारगर कदम उठाने, 2004 में आवंटित कोयला ब्लाकों को रद्द कर पारदर्शी तरीके से नीलामी प्रक्रिया शुरू करने और कोयला घोटाले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करने की भी मांग की है.आर्थिक प्रस्ताव में कहा गया है कि देश में पिछले चार महीने के दौरान जो घटनाक्रम हुआ उसने बीजेपी के दृष्टिकोण को सही ठहराया है. बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस ने सदा ही शासन किया है और जब भी वह सत्ता में रही है उसने अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया है.पार्टी ने देश के समक्ष महंगाई जैसी समस्याओं के लिए भ्रष्टाचार को मूल कारण बताया.इस प्रस्ताव को पेश करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा था कि ‘पैसे पेड़ पर नहीं उगते’ लेकिन आने वाले चुनावों में जनता उन्हें बता देगी कि मतदाता का वोट भी पेड़ पर नहीं उगता.उन्होंने कहा कि 2004 में संप्रग की सरकार आने के बाद देश में आर्थिक विकास की प्रक्रिया अचानक से रूक गयी और उसके पीछे संप्रग का वह ढांचा जिम्मेदार है जिसमें सरकार कोई और चलाता है और निर्णय कोई और लेता है.उन्होंने राजग सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी कठिन निर्णय लेने पडते थे लेकिन राजग सरकार ने फैसलों को लेकर अपनी विश्वसनीयता, नेतृत्व क्षमता साबित की थी.जेटली ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश में ही नहीं विदेशी मीडिया में भी देश की स्थिति पर तीखी टिप्पणी की गयी. उन्होंने कहा कि भाजपा सुधारों के पक्ष में है लेकिन वे सुधार आम आदमी के हित में होने चाहिए और हर बदलाव सुधार नहीं होता. बीजेपी नेता ने कहा कि भारत में 51 प्रतिशत लोग स्वरोजगार करते हैं इनमें सर्वाधिक कृषि पर और दूसरे स्थान पर खुदरा व्यापार से जुडे हैं. खुदरा में एफडीआई आने से इस क्षेत्र में रोजगार पाने वाले लोग और उनके परिजन समेत करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खुदरा क्षेत्र पहले तो सस्ता सामान बेचकर प्रतिस्पर्धा समाप्त करता है और उसके बाद सामान को महंगा कर दिया जाता है.जेटली ने कहा कि अभी केंद्र सरकार कह रही है कि राज्यों पर निर्भर करेगा कि वे अपने यहां मल्टीब्रांड स्टोर को आने देना चाहते हैं या नहीं. लेकिन भारत की कई देशों से ऐसी द्विपक्षीय संधि है कि वालमार्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को एक ‘राष्ट्रीय दर्जा’ मिलेगा जिसके चलते राज्य उन्हें अपने यहां आने से इनकार नहीं कर सकेंगे.आर्थिक प्रस्ताव के पाठ के अनुसार गत छह महीनों में देश की विकास दर कम होकर औसतन 5.4 प्रतिशत रह गयी है और इस वर्ष में विकास की अनुमानित दर लगभग 5 प्रतिशत रहने की संभावना है. यह बहुत कम है और इसे आसानी से 10 प्रतिशत से अधिक किया जा सकता है.बीजेपी ने कहा कि रुपये का अवमूल्यन हुआ है और सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार बहुत कम हो गया है. गत चार साल से सकल घरेलू उत्पाद का लगभग छह प्रतिशत राजकोषीय घाटे का अर्थ है कि सरकार बाजार से बहुत उधार ले रही है.इससे ऐसी स्थिति पैदा हो गयी है कि जिसमें अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी भारत को नीचा दिखाने की धमकी दे रहीं हैं. ऐसी भयावह स्थिति के लिए आज की संप्रग सरकार जिम्मेदार है. 
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कैबिनेट में फेरबदल टला, अब 14 अक्टूबर को होगा

नई दिल्ली : केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में इस सप्ताह होने वाले संभावित फेरबदल को माना जा रहा है कि अगले महीने के मध्य तक टाल दिया गया है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि फेरबदल इस महीने होने की संभावना नहीं हैं लेकिन उन्होंने इसे टाले जाने के कारण नहीं बताए।ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के संप्रग से बाहर जाने के बाद पहली बार फेरबदल होने वाला है। खबरों में कहा गया कि तृणमूल कांग्रेस के सरकार से बाहर होने के बाद कांग्रेस ने संप्रग के घटक दल द्रमुक के साथ फेरबदल के मुद्दे पर चर्चा की लेकिन द्रमुक ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।पार्टी सूत्रों ने कहा कि वी. नारायणसामी ने दो दिन पूर्व चेन्नई में द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि से मुलाकात की थी लेकिन माना जा रहा है कि करुणानिधि ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में अपनी पार्टी के सांसदों को शामिल करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। मंत्रिमंडल में द्रमुक के कोटे के दो पद 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को लेकर ए. राजा और दयानिधि मारन के इस्तीफा देने के बाद से खाली हैं।
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एलपीजी के नए कनेक्शन देने पर रोक

एलपीजी सिलेंडरों की सब्सिडी सीमित करने के बाद पब्लिक को एक और झटका दिया जा रहा है. तेल कंपनियों ने नए एलपीजी कनेक्शन पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है.खबर है कि इंडियन ऑयल ने इस बारे में एक इंटर्नल सर्कुलर जारी कर दिया है. जबकि बाकी भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां भी जल्द ही ऐसा करने जा रही हैं.दरअसल एक ही परिवार के पास एक से ज्यादा कनेक्शन रोकने के लिए एक सर्वे कराया जा रहा है, ये सर्वे पूरा होने तक नए कनेक्शन पर पाबंदी जारी रहेगी. इस बीच कंपनियां कनेक्शन के लिए अर्जी लेती रहेंगी. सर्वे का काम पूरा होने में 3 से 4 महीने लग सकते हैं.इस बीच इंडियन ऑयल के प्रवक्ता ने कहा है कि नए कनेक्शन पर पाबंदी को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है. इतना भर कहा गया है कि नए कनेक्शन देते हुए दस्तावेजों की पुख्ता जांच की जाए.
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पवार के इस्तीफे ने मंत्रिमंडल का विस्तार टाला

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल टल गया है। महाराष्ट्र की राजनीतिक गतिविधयां इसकी बड़ी वजह तो है ही, कुछ नामों को लेकर भी कांग्रेस आलाकमान पसोपेश में है। अब यह विस्तार अगले महीने के तीसरे सप्ताह में होगा। इससे उन मंत्रियों को राहत मिली है, जिन पर छटनी की तलवार लटकी है तो दूसरी तरफ उन्हें मायूसी हाथ लगी है, जिनके मंत्री बनने की उम्मीद थी। कांग्रेस उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और मुंबई के प्रदेश अध्यक्षों को बदलने की भी सोच रही थी, फिलहाल इस पर भी विराम लग गया है। उत्तराखंड में तो विधानसभा चुनाव के बाद से ही प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य को बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वे अभी बहुगुमा मंत्रिपरिषद में मंत्री हैं और ऐसा माना जारहा है कि केंद्रीय मंत्री हरीश रावत के नजदीकी सांसद प्रदीप टम्टा को नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। दूसरी तरफ बिहार में प्रदेश अध्यक्ष महबूब अली कैसर की छुट्टी होनी भी तय है। वहां प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लंबी फेहरिस्त है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो बिहार में इस बार किसी ब्राह्मण को कांग्रेस अपना अध्यक्ष बनाएगी। विधान परिषद सदस्य और वरष्ठि नेता विजय शंकर दुबे इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रेमचंद मिश्र सहित कई और नेता भी इस दौड़ में हैं।
लेकिन महाराष्ट्र की राजनीतिक स्तिथि ने फिलहाल इन सारी कवायदों पर विराम लगा दिया है। आर्थिक सुधारों को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति और फिर यूपीए समन्वय समिति की बैठक में सरकार की पहल को समर्थन मिलने के बाद इस पर विचार-विमर्श चल रहा है कि सरकार में किसे शामिल किया जाए। हालांकि कुछ नाम तय हैं। लेकिन सोनिया की मुहर लगनी अभी बाकी है। पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय, कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और ग्रामीण राज्य मंत्री आगाथा संगमा पर खतरे की तलवार लटक रही है। तारिक अनवर, पी.एल पुनिया, के रहमान खान, सत्यव्रत चतुर्वेदी, जनार्दन द्विवेदी, मीनाक्षी नटराजन कुछ ऐसे नाम हैं जिनके मंत्री बनने की उम्मीद है। कुछ राज्य मंत्रियों को प्रमोट करने की भी चर्चा है। इनमें सचिन पायलट, जतिन प्रसाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हैं। लेकिन इन्हें अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। वैसे संगठन में भी फेरबदल होने की उम्मीद है। बिहार से कुछ लोगों को संगठन में शामिल किया जा सकता है।
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