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Wednesday, November 28, 2012

कान्‍हा की नगरी को खुला आसमान का रास्‍ता

 
लखनऊ. वैष्णो देवी और अमरनाथ धाम के बाद वृन्दावन (मथुरा) देश का ऐसा धार्मिक स्थल हो गया है, जहां श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुये बुधवार से दिल्ली-वृन्दावन हेलीकॉप्‍टर सेवा शुरू की गई है। इसका उदघाटन मथुरा के सांसद जयंत चौधरी ने किया। पवनहंस ने दिल्ली से वृन्दावन तक प्रत्येक यात्री के लिए 3900 रुपये का किराया तय किया है, जबकि किसी भी यात्री को दोनों तरफ से बुकिंग करने पर 7000 रुपये देने होंगे। 
हेलीकॉप्‍टर में बैठकर आये श्रदालुओं सुरेश पांडे ने बताया कि‍ वह लोग हेलीकॉप्‍टर से वृंदावन 40 मिनट में पहुंचे हैं जि‍समें उन्‍हें काफी मजा आया। पवनहंस हेलीकॉप्‍टर लिमिटेड की पहल पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से शुरू हुई इस सेवा के प्रथम चरण में दिल्ली से वृन्दावन के लिये नियमित शटल सेवा की योजना है, और उसके बाद दूसरे चरण में वृन्दावन से आगरा के लिये भी हैलिकोप्टर शटल सेवा शुरू करने की बात कही जा रही है। 
इसके चलते एक ही दिन में वृन्दावन के मंदिरों के दर्शन करने के साथ-साथ आगरा में ताज का दीदार भी किया जा सकेगा। इससे ना सिर्फ वृन्दावन आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी, बल्कि आगरा जाने वाले पर्यटक भी यहां आयेंगे, तो वृन्दावन के साथ-साथ मथुरा में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस सेवा का लाभ उठाने के लिये पवनहंस द्वारा दिल्ली और नोयडा में आज से बुकिंग शुरू की गई है। साथ उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा ऑनलाईन बुकिंग की शुरुआत भी हो चुकी है। इस शटल सेवा के साथ-साथ पवनहंस द्वारा इमरजेंसी सेवाओं के लिये भविष्य यहां एयर-एम्बुलेंस सेवा भी शुरू करने की योजना है। इस मौके पर जयंत चौधरी का कहना था कि‍ इससे न सिर्फ वृन्दावन आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी, बल्कि पर्यटक भी यहां आयेंगे।
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लात मार कर बाहर निकालो मित्तल को: फ्रांसीसी मंत्री

एक तरफ जहां यूरोपियन देश अपने यहां निवेशकों को बुलाने के लिए तरह-तरह की पॉलिसी अपना रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर फ्रांस सरकार लक्ष्मी मित्तल को देश से बाहर करना चाहती है। दिग्गज कारोबारी और स्टील किंग भारतीय मूल के उद्योगपति हैं।
 लक्ष्मी मित्तल पर आरोप है कि उन्होंने अपने उद्योग को मुनाफा पहुंचाने के लिए सरकार से झूठ बोला है। इसके बाद उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग तेज हो गई है। ऐसे में अब फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और लक्ष्मी मित्तल के बीच होने वाली बैठक पर सबकी निगाहें जमी हुईं हैं। 
 दिलचस्प है कि फ्रांस सरकार में औद्योगिक मामलों के मंत्री अर्नोड मोंटेबर्ग किसी भी लक्ष्मी मित्तल को देश से बाहर निकालने पर तुले हुए हैं। वहीं, मित्तल ने लॉरिन के फ्लोरेंज में चलने वाले अपने दोनों संयंत्रों को भी बंद करने की घोषणा कर दी है। मित्तल के इस कदम से वहां के 629 लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 
 मित्तल के मुताबिक, दोनों संयंत्रों को बंद करने के पीछे का कारण उन संयंत्रों में हो रहा घाटा है। ऐसे में इन्हें बेचने का फैसला लिया गया है। इस बयान के बाद फ्रांस सरकार और मित्तल के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। 
वहीं, फ्रांस सरकार का कहना है कि दोनों संयंत्र लाभ में हैं। अगर मित्तल को संयंत्रों को बंद करना है तो उन्हें सारे प्लांट बंद करने होंगे। जबकि मित्तल इस बात के लिए राजी नहीं हैं। इसके पीछे वे 20000 से ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का तर्क दे रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के पास बातचीत कर मामला सुलझाने के अलावा कोई विकल्प निकलता नहीं दिख रहा है। 
 उधर, दूसरी ओर लंदन के मेयर बोरिस जॉन्सन ने भारतीय कारोबारियों से दिल्ली में बातचीत करते हुए कहा, ‘आप लोग लंदन में आकर कारोबार करिए। लंदन दुनिया भर की व्यापारिक राजधानी है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज में 73 भारतीय कंपनियां पंजीकृत हैं। भारतीय कंपनियां अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 53 फ़ीसदी हिस्सा लंदन से निकालती हैं। लंदन की बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था दुनिया भर में सबसे बेहतरीन है।’
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पाकिस्‍तान से भारत का सवाल- जेल में रहते हुए बाप कैसे बन गया मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड?


गुजरात चुनाव 2012
पाकिस्‍तान से भारत का सवाल- जेल में रहते हुए बाप कैसे बन गया मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड?
इस्लामाबाद. भारतीय जांच एजेंसियों ने पाकिस्तान से सवाल किया है कि मुंबई में हमलों का मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद रहते हुए भी बाप कैसे बन गया। 
 दिसंबर में गिरफ्तारी के बाद से ही लश्कर कमांडर लखवी पाकिस्तान के रावलपिंडी में अति सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद है। 
 26/11 हमलों की चौथी बरसी से एक दिन पहले भारतीय जांच एजेंसियों ने पाकिस्तान से यह सवाल किया है। पाकिस्तानी वेबसाइट द न्यूज इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अभी तक भारत के इस सवाल का जवाब नहीं दिया है। 
 भारतीय जांच एजेंसियों ने यह सवाल सऊदी अरब से गिरफ्तार किए गए आतंकी अबु जिंदाल के इकबालिया बयान के बाद किया है। अबु जिंदाल ने कबूल किया है कि वो पाकिस्तान गया था और मुंबई पर हमला करने वाले आतंकवादियों को भारत लाया था। 
 21 जून 2012 को सऊदी अरब से भारत लाए गए जुंदाल ने यह भी कबूल किया है कि मुंबई हमलों के दौरान वो कराची स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद था। जुंदाल ने यह भी बताया है कि हफीज सईद भी कराची के कंट्रोल रूम में मौजूद था।
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नामधारी और दो संपादकों की पेशी साकेत कोर्ट में, अदालत में मीडिया का जमावडा

नई दिल्ली। न्‍यूज चैनल जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया को बुधवार दोपहर को साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा। संभवत पुलिस अदालत से दोनों की रिमांड मांग सकती है। दिल्‍ली पुलिस ने दोनों को मंगलवार रात को उद्योगपति और कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल से कथित तौर पर 100 करोड रुपए की उगाही का प्रयास करने के आरोप में गिरफ़तार किया गया है।
उधर, लिकर बैरन पोंटी चड्ढा और उनके भाई हरदीप चड्ढा के दोहरे हत्‍याकांड के सिलसिले में अरेस्‍ट उत्‍तराखंड अल्‍पसंख्‍यक आयोग के बर्खास्‍त चेयरमैन सुखदेव सिंह नामधारी को भी साकेत कोर्ट में ही पेश किया जाएगा। उनकी पांच दिन की रिमांड अवधि आज पूरी हो रही है। दोनों मामलों की सुनवाई मेट्रोपॉलिटन मजिस्‍ट्रेट गोमती मनोचा की कोर्ट में होगी।
इन दोनों बडे मामलों पर मीडिया की नजर बनी हुई है। सुबह 10 बजे से ही साकेत कोर्ट में मीडिया का जमावडा लगा हुआ है। अदालत परिसर के बाहर चैनलों की ओबी वैनों का भी तांता लगा हुआ है।
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मुलायम सिंह यादव बने भगवान, अलीगढ़ में बन रहा मंदि‍र

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मायावती की प्रतिमाओं के बाद अब जल्द ही मुलायम सिंह यादव का मंदिर नजर आएगा। मंदिर में मुलायम देवता की तरह विराजमान रहेंगे और सुबह शाम उनकी आरती होगी लोगों में उनके नाम का प्रसाद बंटता दिखेगा। अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के एक नेता ने सपा मुखिया का मंदिर बनाना शुरू कर दिया है। शिलान्यास हो गया है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
समाजवादी पार्टी के नेता राजेश सैनी अलीगढ़ में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का मंदिर बना रहे हैं। राजेश ने बताया कि पिछड़ों और दलितों के लिए नेताजी ने जितना काम किया है, उसे देखकर उसने उनका मंदिर बनाने की सोची। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। मंदिर की जमीन प्रहलाद सैनी, चंद्रपाल सैनी, राम प्रसाद सैनी, ओमप्रकाश सैनी और बंटी सैनी ने दान दी है, जबकि उनके समर्थक निर्माण कार्य के लिए पैसा जुटा रहे हैं। जिले के धानीपुर के पास नगला माली में मुलायम सिंह के 74वें जन्मदिन के दौरान 22 नवम्बर को मंदिर का शिलान्यास किया गया। 
राजेश सैनी के अनुसार यह मंदिर 10 बाइ 12 फुट का होगा। इसमें सपा मुखिया की 5 फुट ऊंची प्रतिमा रखी जाएगी। एक साल के अंदर ये मंदिर बना दिया जाएगा। राजेश ने बताया कि इसे बनाने में करीब 10 लाख रुपए का खर्च आने का अनुमान है। उनकी कोशिश है कि अगले साल 22 नवम्बर को सपा मुखिया के 75वें जन्मदिन के मौके पर ये मंदिर जनता के लिए खोल दिया जाए।
उधर राजेश सैनी के इस कदम का सपा की अलीगढ़ यूनिट विरोध कर रही है। सपा के जिलाध्यकक्ष रक्षपाल सिंह के अनुसार जीवित सपा नेताओं की प्रतिमा स्थाधपित करना या उनके नाम पर मंदिर बनाना पूरी तरह से समाजवाद की विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आदेश आता है तो वह इस मामले में अपनी एक रिपोर्ट पार्टी मुख्यालय भेजेंगे। 
सपा की तरफ से अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है। सैनी के अनुसार न तो वह इस कार्य में पार्टी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं और न ही सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, कोई उनके निर्णय का विरोध कैसे कर सकता है? अभी तक दक्षिण भारत में राजनेताओं और फि‍ल्म स्टार्स का मंदिर बनाने का चलन रहा है। अगर मुलायम सिंह यादव का मंदिर अलीगढ़ में बन जाता है तो उत्तर भारत में यह ऐसा पहला मंदिर होगा।
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शुक्रताल:- गंगा में लगायी हजारों श्रद्धालुओं ने डूबकी

मुजफ्फरनगर (अलर्ट न्यूज)। कार्तिक गंगा स्नान के पावन पर्व पर शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर आज हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में डूबकी लगायी।

कार्तिक गंगा स्नान पर जहां देश के अन्दर हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, इलाहाबाद, उज्जेन, इन्दौर सहित स्नानों पर देश विदेश से आये लाखों श्रद्धालुओं ने डूबकी लगा अपने दुःखों का कष्ट दूर किया वहंीं जनपद के सुप्रसिद्ध धर्मनगरी शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर गंगा स्नान करने के लिए जनपद के अलावा अन्य मेरठ, बागपत, बिजनौर, सहारनपुर सहित विभिन्न जनपदों सहित प्रदेश के विभिन्न कोनों से लोगों का पिछले कई दिनों से आने शुरू हो गया था तथा शुक्रताल में स्थित बाहर से आये श्रद्धालुओं के कारण धर्मशालाओं व होटलों में पैर रखने की जगह नहीं थी। तीर्थ नगरी शुक्रताल में पूरी तरह भजन व कीर्तन होते रहे जिस कारण तीर्थनगरी शुक्रताल देर रात से ही भजनों व कीर्तनों की आवाज से गुंज गयी। श्रद्धालु भी ढोल नगाडों की थाप पर खूब नाचे। आज सुबह सूरज की किरण निकले के साथ ही कई हजार श्रद्धालुओं ने गंगा के में डूबकी लगायी।
कच्चा घाट होने से पानी हुआ दूषित-
ज्ञात हो कि शुक्रताल गंगा घाट कच्चा होने के कारण तथा पिछले एक सप्ताह से चल रहे गंगा स्नान के चलते इन दिनों गंदगी का सम्राज्य बना हुआ है। गंगा नदी में फैक्ट्रियों के दूषित  पानी छोडे जाने के कारण नदी का पानी दूषित हो रहा है। इसके साथ साथ शुक्रताल में गंगा नदी पर बने श्मशान घाट पर क्षेत्र के लोगों द्वारा अपने परिजनों के शव का अन्तिम संस्कार किया जाता है और मृतकों के परिजनों द्वारा उनके शवों को अर्द्धजली अवस्था में व चिता की राख को भी गंगा नदी में बह दिया जाता है जिसके कारण भी गंगा नदी प्रदूषित हो रही है।

राजनीतिक दबाव में हुई संपादकों की गिरफ्तारी: जी ग्रुप

नई दिल्ली। जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की गिरफ्तारी पर जी न्यूज ने कड़ा एतराज जाहिर किया है। जी न्यूज की मानें तो ये सब कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल के इशारे पर राजनीतिक दवाब में किया गया है। जिंदल ने स्टिंग की सीडी जारी कर जी न्यूज के संपादकों पर कोयला घोटाले की खबरें रोकने के बदले 100 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। सीएफएसएल जांच में सीडी सही पाई गई जिसके बाद मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने दोनों संपादकों को गिरफ्तार कर लिया।
अपने दो संपादकों के बचाव में जी ग्रुप आज पूरी ताकत के साथ सामने आया। जी न्यूज की मानें तो दिल्ली पुलिस ने संपादक सुधीर चौधरी और समीर अहलुवालिया की गिरफ्तारी राजनति दबाव में की है। दिग्विजय सिंह, रमन सिंह और अर्जुन मुंडा के जरिए दवाब डाला गया है। जाहिर है, जी न्यूज ये साबित करना चाहता है कि संपादकों की गिरफ्तारी के पीछे कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल के सियासी रसूख का बड़ा रोल है।
हालांकि इस मामले में जी न्यूज ने बीजेपी के मुख्यमंत्री रमन सिंह और अर्जुन मुंडा को भी लपेटे में लिया है लेकिन उसने सवालों के घरे में सीधे-सीधे नवीन जिंदल को खड़ा करने की कोशिश की है। जी न्यूज ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर कई और सवाल खडे़ किए हैं। जी न्यूज का आरोप है कि जब मामला कोर्ट में है तो गिरफ्तारी क्यों की गई? संपादक जांच में सहयोग कर रहे थे तो उन्हें अरेस्ट क्यों किया गया? एफआईआर 2 अक्तूबर को दर्ज की गई तब गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? सीडी 5 घंटे की थी तो मीडिया को 15 मिनट का फुटेज क्यों दिखाया गया?
राजनीतिक दबाव में हुई संपादकों की गिरफ्तारी: जी ग्रुप
जी न्यूज का आरोप है कि जिंदल रिश्वत देकर कोयला घोटाले में अपनी भूमिका से जुड़ी खबरों का प्रसारण रुकवाना चाहते थे और जिंदल ने जो सीडी दिखाई, वो मूल बातचीत की रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ करके तैयार की गई है। जिंदल ग्रुप और जी ग्रुप के आरोपों के बीच मामला अदालत तक पहुंच गया है। जहां आज जी न्यूज के संपादकों की पेशी होनी है और जहां दूध का दूध और पानी का पानी होना है।
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